
दिल्ली: अस्पताल में फायरिंग कर, पुलिसवालों की आंखों में मिर्ची झोंक साथी को भगा ले गए बदमाश
AajTak
कुलदीप नाम के एक कैदी को जेल से GTB अस्पताल मेडिकल के लिए थर्ड बटालियन दिल्ली पुलिस की टीम लेकर जब आई थी, उसी वक्त कुलदीप के साथियों ने उसे छुड़ाने के लिए पुलिस पार्टी पर फायरिंग कर दी.
राजधानी में बढ़ते अपराध को रोकने में नाकाम दिल्ली पुलिस को एक बार फिर बदमाशों ने खुलेआम चुनौती दे डाली. बदमाशों ने दिल्ली के जीटीबी अस्पताल के ठीक बाहर कई राउंड फायरिंग की और एक कुख्यात अपराधी को पुलिस के कब्जे से छुड़ाकर फरार हो गए. इस घटना से पुलिस विभाग में हड़कंप मचा हुआ है. अभी तक बदमाशों की कोई जानकारी नहीं मिल पाई है. जानकारी के मुताबिक जिस कैदी को पुलिस हिरासत से छुड़ाया गया, वो कोई मामूली बदमाश नहीं है. उस कैदी का नाम कुलदीप बताया जा रहा है. जिसे दिल्ली पुलिस की थर्ड बटालियन की टीम जेल से जीटीबी अस्पताल लेकर आई थी. वहां उसका मेडिकल होना था. तभी वहां एक स्कोर्पियो कार और बाइक पर सवार होकर आधा दर्जन के करीब बदमाश पहुंचे.
आज जब वक्त इतना कीमती हो गया है कि लोग हरेक चीज की दस मिनट में डिलीवरी चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ विडंबना ये है कि भारत का एक शहर ऐसा है जहां इंसान को कहीं जाने के लिए सड़कों पर ट्रैफिक में फंसना पड़ता है. यहां हर साल औसतन 168 घंटे लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. यानी पूरे एक हफ्ते का समय सिर्फ ट्रैफिक में चला जाता है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.









