
दिल्लीवालों को रेखा सरकार का दिवाली गिफ्ट, पानी के बढ़े हुए बिल पर लेट पेमेंट 100% माफ
AajTak
दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने बताया कि यह योजना अगले महीने से लागू होगी और एकमुश्त योजना होगी, यानी यह दोबारा लागू नहीं की जाएगी. यह स्कीम विशेष रूप से घरेलू (डोमेस्टिक) और सरकारी क्षेत्र के लिए लागू होगी, जिससे इन क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को विशेष लाभ होगा.
दिल्ली की बीजेपी सरकार ने बढ़े हुए और बकाया पानी के बिलों से जूझ रहे लाखों परिवारों को दिवाली से पहले राहत देते हुए लेट पेमेंट सरचार्ज को खत्म कर दिया है. दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने पानी के बिलों और संबंधित समस्याओं को लेकर शुक्रवार को कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं. इन घोषणाओं में लेट पेमेंट सरचार्ज (LPSC) को खत्म करने के अलावा, ब्याज दरों में कमी, और अवैध जल कनेक्शनों को वैध करने की प्रक्रिया को सरल बनाना शामिल है.
प्रवेश वर्मा ने कहा कि ये कदम दिल्ली सरकार की जन-कल्याणकारी नीतियों का हिस्सा हैं, जो आम नागरिकों के आर्थिक बोझ को कम करने के लिए उठाए गए हैं. उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने लेट पेमेंट सरचार्ज (LPSC) को 100% माफ करने का फैसला किया है. पहले उपभोक्ताओं को पानी के बिलों पर देरी से भुगतान करने पर भारी सरचार्ज देना पड़ता था, जिसके कारण बिलों की राशि लाखों रुपये तक पहुंच जाती थी. इस सरचार्ज को खत्म करने से उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी.
यह भी पढ़ें: स्कूटर-बाइक्स... CNG ऑटो पर बैन और नार्वे से DOSTI, नई EV Policy की तैयारी में दिल्ली सरकार
अगले महीने से लागू होगी योजना
दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने बताया कि यह योजना अगले महीने से लागू होगी और एकमुश्त योजना होगी, यानी यह दोबारा लागू नहीं की जाएगी. यह स्कीम विशेष रूप से घरेलू (डोमेस्टिक) और सरकारी क्षेत्र के लिए लागू होगी, जिससे इन क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को विशेष लाभ होगा. वहीं, ब्याज दरों में भी कमी की गई है. पहले पानी के बकाया बिलों पर 5% मासिक ब्याज दर लागू होती थी, जिसे अब घटाकर 2% कर दिया गया है. इस कदम से उन उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी, जिनके बिल बकाया होने के कारण बढ़ते चले जाते थे.
सिर्फ ₹1000 में वैध होंगे कनेक्शन

दिल्ली में कांग्रेस द्वारा मनरेगा बचाओ आंदोलन तेज़ी से जारी है. 24 अकबर रोड स्थित कांग्रेस मुख्यालय के सामने बड़ी संख्या में कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता एकत्रित हुए हैं. यह विरोध प्रदर्शन मनरेगा कानून में किए जा रहे बदलावों के खिलाफ किया जा रहा है. मनरेगा योजना के तहत मजदूरों को रोजगार देने वाली इस योजना में बदलावों को लेकर कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की है.

भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते ने क्षेत्रीय आर्थिक समीकरणों में बड़ा बदलाव ला दिया है. इस ऐतिहासिक डील से पाकिस्तान को निर्यात के क्षेत्र में चुनौती का सामना करना पड़ रहा है. पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने इस डील से पैदा हुए संभावित नकारात्मक प्रभाव से निपटने के लिए यूरोपीय अधिकारियों से संपर्क किया है. यह समझौता दोनों पक्षों के आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को मजबूत करेगा.

मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने मियां मुसलमानों को लेकर फिर से विवादित बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि अगर राज्य के मियां मुसलमानों को परेशान करना हो तो वह रात दो बजे तक जाकर भी परेशान कर सकते हैं. इसके साथ ही उन्होंने मियां मुसलमानों को पांच रुपए देने की बजाय चार रुपए देने की बात कह कर विवादों को जन्म दिया है. इसपर पर अब विपक्ष हमलावर है.

अमेरिका ने ब्रिटेन, फ्रांस,इजरायल और चार अरब देशों के साथ मिलकर ईरान पर हमले की गुप्त टारगेट लिस्ट तैयार की है. मेन टारगेट न्यूक्लियर साइट्स (फोर्डो, नंटाज, इस्फाहान), IRGC कमांडर्स, बैलिस्टिक मिसाइल फैक्ट्रीज और स्ट्रैटेजिक बेस हैं. ट्रंप ने प्रदर्शनों और न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर धमकी दी है, लेकिन अभी हमला नहीं हुआ. अरब देश युद्ध से डर रहे हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी द्वारा लागू किए गए नए नियमों पर रोक लगा दी है. छात्रों ने इस फैसले का स्वागत किया है और कहा कि यूजीसी का यह कानून छात्रों में भेदभाव उत्पन्न करता है. छात्रों का कहना है कि वे नियमों में बदलाव नहीं बल्कि पुराने नियमों को वापस चाहते हैं. यदि नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया तो वे भविष्य में भी प्रदर्शन जारी रखेंगे.

जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत के बाद उनके पैतृक गांव में समाधि दी जाएगी. जुकाम के इलाज में लगाए गए इंजेक्शन के महज 30 सेकंड बाद तबीयत बिगड़ने से मौत का दावा किया जा रहा है. घटना से संत समाज में गहरी नाराजगी है. संतों ने निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और सोशल मीडिया पर अनर्गल लिखने वालों पर कार्रवाई की मांग की है.

दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने सार्वजनिक शिकायतों के निपटारे में लापरवाही के आरोपों पर राजेंद्र नगर, कन्हैया नगर और अशोक विहार के जोनल रेवेन्यू अधिकारियों और कन्हैया नगर के एक असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर को सस्पेंड कर दिया. अचानक निरीक्षण में प्रशासनिक खामियां मिलने के बाद उन्होंने विभागीय कार्रवाई और प्रभावित जोनों में तत्काल नए अधिकारियों की तैनाती के आदेश दिए हैं.

देश के शिक्षण संस्थानों में दलित और आदिवासी छात्रों और शिक्षकों के साथ होने वाले भेदभाव को खत्म करने के लिए विश्विद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने नए नियम लागू किए थे, जिसे लेकर विरोध इतना बढ़ गया कि मामला अदालत तक पहुंच गया. सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है, जिसे लेकर राजनीतिक दलों के नजरिए अलग-अलग दिखे.





