
दरिंदगी, कत्ल और सबूत मिटाने की कोशिश... कोलकाता हॉस्पिटल कांड के आरोपी की करतूतों की ऐसे खुली पोल
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गुरुवार की रात को भी 31 साल की वो डॉक्टर उस सेमिनार हॉल में डिनर के बाद आराम कर रही थी और रात करीब तीन बजे तक उसे वहां सोते हुए देखा भी गया था. अगले दिन यानी शुक्रवार की सुबह करीब छह बजे इस सेमिनार हॉल में अस्पताल के स्टाफ को जो कुछ दिखा, उसके बाद तो सिर्फ अस्पताल ही नहीं बल्कि पूरे कोलकाता में बवाल मच गया.
Kolkata Trainee Doctor Murder Rape Case: एक शोर उठता है, फिर खामोशी छा जाती है. फिर खामोशी टूटती है और शोर उठता है. इस बार ये खामोशी कोलकाता में टूटी, शोर उठा. निर्भया से पहले और निर्भया के बाद यही तो होता रहा है. कोलकाता के एक सरकारी अस्पताल में एक जूनियर डॉक्टर को मार दिया जाता है. लेकिन बताने वाले अब तक यह नहीं बता पाए हैं कि डॉक्टर को मारने से पहले उसका जिस्म नोचा गया था या फिर मारने के बाद उसके साथ दरिंदगी की गई? सवाल बड़ा है और जवाब बहुत अहम.
8 अगस्त 2024, रात 12 बजे इस रात ओलंपिक से भारत की सबसे बड़ी उम्मीद जुड़ी थी. क्योंकि इसी रात भारत के स्टार जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा का फाइनल मुकाबला था. और खेलों को लेकर अक्सर उत्साह से भरे रहने वाले पश्चिम बंगाल और खास कर कोलकाता के लिए ये एक बड़ी बात थी. यही वजह थी कि ड्यूटी पर मौजूद कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज के कुछ डॉक्टरों ने इस रात इकट्ठे डिनर करने के साथ-साथ नीरज चोपड़ा का मुकाबला साथ मिल कर लाइव देखने का फैसला किया.
सेमिनार हॉल में डिनर इन्हीं में से एक थी वो ट्रेनी डॉक्टर, जिसे गुरुवार की रात को अस्पताल में इमरजेंसी ड्यूटी के लिए बुलाया गया था. उसने रात को अपनी ड्यूटी पूरी की और अपने चार कलीग्स के साथ अस्पताल के सेमिनार हॉल में डिनर के लिए चली गई. डिनर के साथ-साथ उन्होंने इकट्ठे नीरज चोपड़ा का मुकाबला भी देखा. जिसके बाद उसके दोस्त तो वहां से निकल गए, लेकिन उस ट्रेनी डॉक्टर ने वहीं रुक कर थोड़ा सो लेने या फिर यूं कहें कि रात काट लेने का फैसला किया.
सेमिनार हॉल में ही सो रही थी डॉक्टर असल में अस्पताल के इस सेमिनार हॉल का इस्तेमाल किसी सेमिनार या मीटिंग जैसी एक्टिविटीज के लिए कभी-कभार ही होता है. ऐसे में आम तौर पर अस्पताल के स्टाफ और डॉक्टर्स इस सेमिनार हॉल में अक्सर काम दौरान सुस्ताने, चेंज करने या फिर नाइट ड्यूटी में झपकी लेने जाते हैं. गुरुवार की रात को भी 31 साल की वो डॉक्टर उस सेमिनार हॉल में डिनर के बाद आराम कर रही थी और रात करीब तीन बजे तक उसे वहां सोते हुए देखा भी गया था.
9 अगस्त 2024, सुबह 6 बजे अगले दिन यानी शुक्रवार की सुबह करीब छह बजे इस सेमिनार हॉल में अस्पताल के स्टाफ को जो कुछ दिखा, उसके बाद तो सिर्फ अस्पताल ही नहीं बल्कि पूरे कोलकाता में बवाल मच गया. सेमिनार हॉल में उसी ट्रेनी डॉक्टर की खून के सनी अर्धनग्न लाश पड़ी थी और लाश पर अनगिनत चोट के निशान थे. लाश को देख कर लगता था कि शायद उस ट्रेनी डॉक्टर के साथ चंद घंटे पहले ही ज्यादती की कोशिश हुई और इसी कोशिश में उसका क़त्ल भी कर दिया गया. ये यकीनन एक बड़ी बात थी. क्योंकि अस्पताल जैसी सुरक्षित जगह पर इमरजेंसी बिल्डिंग के अंदर सेमिनार हॉल में एक ट्रेनी डॉक्टर का क़त्ल हो गया और इस वारदात की कोई चीख या शोर तब तक किसी को सुनाई नहीं दी, जब तक अगली रोज़ सुबह उसकी लाश पर किसी की नज़र नहीं पड़ी.
डॉक्टर का कातिल कौन? अब सवाल ये था कि आखिर ये कैसे हो सकता था? इस क़त्ल के पीछे कौन था? अस्पताल का ही कोई स्टाफ़, किसी मरीज़ का कोई तीमारदार, कोई बाहरी व्यक्ति या फिर कोई और? देखते ही देखते अस्पताल में अब इस क़त्ल को लेकर लोगों का गुस्सा भड़कने लगा. खास कर अस्पताल में काम करने वाले डॉक्टर्स, ट्रेनी और मेडिकल कॉलेज में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स इस वारदात से खासे नाराज़ थे. ऐसे में खबर मिलने पर आनन-फानन में कोलकाता पुलिस मौका-ए-वारदात पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी गई. शुरुआत में सिवाय ट्रेनी डॉक्टर की खून से सनी लाश के अलावा पुलिस के पास इस केस का कोई और सुराग नहीं था.

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