
...तो अवैध नहीं था मुंबई का जानलेवा होर्डिंग? 14 लोगों की मौत के बाद GRP ने जारी किया बड़ा बयान
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घाटकोपर होर्डिंग गिरने की घटना को लेकर जीआरपी पुलिस ने मंगलवार को बयान जारी किया. जीआरपी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि पुलिस की जमीन पर पेट्रोल पंप के पास होर्डिंग लगाने की अनुमति तत्कालीन जीआरपी कमिश्नर कैसर खालिद ने दिसंबर 2021 में मेसर्स एगो मीडिया प्राइवेट लिमिटेड को दस साल के लिए दी थी.
मुंबई के घाटकोपर इलाके में होर्डिंग गिरने की घटना को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है. नगर निकाय पहले ही कह चुका है कि इस होर्डिंग को लगाने की अनुमति उसके द्वारा नहीं दी गई थी. इसे बीएमसी ने अवैध तक करार दे दिया था. इस बीच यह बात सामने आई है कि होर्डिंग लगाने की अनुमति जीआरपी ने दी थी. यानी ये होर्डिंग अवैध नहीं बल्कि जीआरपी की अनुमति के बाद लगाया गया था.
दरअसल, नगर निकाय ने कहा था कि जिस जमीन पर दुर्घटना हुई, वह उसकी नहीं बल्कि रेलवे पुलिस की है. लिम्का बुक में दर्ज इस होर्डिंग के गिरने से मरने वालों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है. जबकि 74 लोग घायल हैं. पुलिस ने होर्डिंग का निर्माण करने वाली एजेंसी एम/एस ईगो मीडिया और उसके मालिक भावेश भिंडे के खिलाफ शिकायत दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है. इस बीच जीआरपी ने बयान जारी कर बड़ी जानकारी दी है.
घाटकोपर होर्डिंग गिरने की घटना को लेकर जीआरपी पुलिस ने मंगलवार को बयान जारी किया. जीआरपी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि पुलिस की जमीन पर पेट्रोल पंप के पास होर्डिंग लगाने की अनुमति तत्कालीन जीआरपी कमिश्नर कैसर खालिद ने दिसंबर 2021 में मेसर्स एगो मीडिया प्राइवेट लिमिटेड को दस साल के लिए दी थी. मंजूरी सीधे तत्कालीन जीआरपी कमिश्नर कैसर खालिद की थी. वहीं जिस पेट्रोल पंप के ऊपर ये होर्डिंग गिरा, उसका संचालन डीजीपी (जीआरपी) की अनुमति से जीआरपी पुलिस आयुक्त कल्याण निधि संगठन द्वारा किया जा रहा था. यह दिसंबर 2021 में फिर से उसी समय से संचालित हो रहा था.
'कार्रवाई कर पाते, इससे पहले ही होर्डिंग गिर गया'
जीआरपी के मुताबिक दोनों मंजूरी जीआरपी पुलिस कल्याण निधि संगठन के माध्यम से हुई. जीआरपी ने अपने बयान में यह भी कहा कि होर्डिंग लगाने के लिए पेड़ों को क्षतिग्रस्त करने की शिकायत मिलने के बाद वे कार्रवाई कर पाते, इससे पहले ही होर्डिंग गिर गया. जीआरपी का कहना है कि बीएमसी से शिकायत मिलने के बाद उन्होंने मामले की जांच शुरू कर दी और मेसर्स ईगो मीडिया प्राइवेट लिमिटेड को नोटिस भेजा, लेकिन इससे पहले कि वे कोई कार्रवाई शुरू करते ये होर्डिंग गिर गई.
होर्डिंग के आसपास के पेड़ों को दिया गया था जहर

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