
तेल को लेकर बढ़ी रार! मई में ही सऊदी अरब को झटका देगा भारत
AajTak
इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन और मैंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड आम तौर पर एक महीने में 14.8 मिलियन बैरल तेल सऊदी अरब से खरीदती हैं.
भारत सऊदी अरब से तेल आयात करने वाला दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ग्राहक देश है. लेकिन ईंधन उत्पादन में मामूली वृद्धि के फैसलों के बीच भारतीय रिफाइनरियां मई में सऊदी अरब से सामान्य से 36 फीसदी कम तेल का आयात करेंगी. (फोटो-PTI) नई दिल्ली ने कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि के लिए सऊदी और अन्य तेल उत्पादक देशों द्वारा उत्पादन में कटौती करने का आरोप लगाया है. भारतीय अर्थव्यवस्था अभी भी कोरोना महामारी से उबरने की कोशिश कर रही है. (फाइल फोटो)
वॉशिंगटन में शांति परिषद की पहली बैठक में गाजा पट्टी की वर्तमान स्थिति और क्षेत्रीय स्थिरता पर गहन चर्चा हुई. बैठक में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका को मजबूत करने पर जोर दिया गया और निर्णय लिया गया कि गाजा में शांति बनाए रखने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल तैनात किया जाएगा. इस बल में इंडोनेशिया, मोरक्को, कजाकिस्तान, कोसोवो और अल्बानिया जैसे पांच देश अपने सैनिक भेजेंगे. देखें वीडियो.

आज सबसे पहले आपको उस रिपोर्ट के बारे में बताएंगे, जिसके मुताबिक अमेरिका ने ईरान पर हमले की तारीख मुकर्रर कर दी है. और ये हमला इस हफ्ते के आखिर तक हो सकता है. ट्रंप ने ईरान को धमकी देते हुए कहा है कि ईरान नहीं माना तो हमला होगा. रमज़ान का महीना शुरू हो गया है और ये मुसलमानों के लिए पाक महीना माना जाता है. ऐसे में सवाल उठता है कि अगर अमेरिका ने ईरान पर रमजान के महीने में हमला किया तो मुस्लिम देश क्या करेंगे?











