
'तेल की कीमत कम करे सऊदी अरब... अमेरिकी निवेश को 1 ट्रिलियन डॉलर तक बढ़ाए', दावोस में बोले ट्रंप
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राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अगर तेल की कीमतें कम हो जाती हैं तो रूस-यूक्रेन युद्ध समाप्त हो जाएगा. उन्होंने कहा, 'अगर कीमतें कम हो जाती हैं तो रूस-यूक्रेन युद्ध तुरंत समाप्त हो जाएगा. मैं मांग करूंगा कि ब्याज दरें तुरंत कम की जाएं. पूरी दुनिया में उन्हें कम किया जाना चाहिए.'
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को स्विट्जरलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम को संबोधित किया. उन्होंने सऊदी अरब से तेल की कीमत में कटौती करने और अमेरिका में निवेश को एक ट्रिलियन डॉलर तक बढ़ाने की अपील की.
ट्रंप ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से कहा, 'मैंने ग्रीन न्यू डील को खत्म कर दिया. मैं इसे ग्रीन न्यू स्कैम कहता हूं, मैं एकतरफा पेरिस जलवायु समझौते से हट गया और महंगे इलेक्ट्रिक वाहन के मैंडेट को समाप्त कर दिया. अमेरिका के पास धरती पर किसी भी देश की तुलना में सबसे अधिक मात्रा में तेल और गैस है, और हम इसका इस्तेमाल करने जा रहे हैं. मैं सऊदी अरब और OPEC से तेल की कीमत कम करने के लिए भी कहने जा रहा हूं, आपको इसे कम करना होगा.'
'तेल की कीमतें कम होने से रुक जाएगा रूस-यूक्रेन युद्ध'
राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अगर तेल की कीमतें कम हो जाती हैं तो रूस-यूक्रेन युद्ध समाप्त हो जाएगा. उन्होंने कहा, 'अगर कीमतें कम हो जाती हैं तो रूस-यूक्रेन युद्ध तुरंत समाप्त हो जाएगा. मैं मांग करूंगा कि ब्याज दरें तुरंत कम की जाएं. पूरी दुनिया में उन्हें कम किया जाना चाहिए.'
अमेरिका में 600 बिलियन डॉलर का निवेश करेगा सऊदी अरब
ट्रंप की यह टिप्पणी सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की उस घोषणा के कुछ घंटों बाद आई है जिसमें उन्होंने कहा था कि उनका देश अगले चार वर्षों में अमेरिका में 600 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निवेश करना चाहता है. क्राउन प्रिंस की यह टिप्पणी डोनाल्ड ट्रंप के साथ टेलीफोन पर हुई बातचीत के बाद आई है.

युद्ध के 24वें दिन आज अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चौंकाने वाला बड़ा ऐलान किया. ट्रंप ने कहा कि बीते 2 दिनों से हो रही बातचीत के बाद मैंने ईरानी पावर प्लांट्स पर 5 दिनों के लिए हमले करना रोक दिया है. गौरतलब है कि भारतीय समय से आज रात ही ईरानी पावर प्लांट्स पर हमला करने की ट्रंप की डेडलाइन पूरी हो रही थी. सवाल ये है कि क्या ट्रंप ने अचानक यू टर्न लिया है? अगर ईरान के साथ बीते 2 दिनों से बातचीत हो रही थी तो लगभग 2 दिनों पहले उन्होंने अल्टीमेटम क्यों दिया था? क्यों उन्होंने शक्ति से शांति की बात की थी? सवाल उठ रहा है कि क्या ईरान के तेवरों के आगे ट्रंप एग्जिट रूट ढूंढ रहे हैं? ट्रंप के ऐलान से क्या युद्ध रुक जाएगा? क्या ईरान और इजरायल युद्ध रोकेंगे? ईरान की मीडिया के अनुसार अमेरिका से ईरान का कोई संपर्क नहीं है.

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर संभावित हमलों को पांच दिनों के लिए रोकने का निर्देश दिया, जिसका कारण दोनों देशों के बीच जारी सकारात्मक बातचीत बताया गया. डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि ईरान से पांच दिनों के भीतर डील हो सकती है. हालांकि, ईरान इन दावों को खारिज कर रहा है. इससे पहले अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने को लेकर चेतावनी दी थी, जिस पर ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी.

ईरान लगातार इजरायल को निशाना बना रहा है. यरुशलम में ईरान के हमले की आशंका को लेकर सायरन बजे. आनन-फानन में लोग बम शेल्टर की ओर भागे. ये सायरन ईरान से मिसाइल और ड्रोन हमलों की चेतावनी देते हैं. हमसे ले पहले कुछ मिनटों का ही समय होता है जिसमें इजरायली नागरिक अपने करीबी बम शेल्टर में तब तक शरण लेते हैं जब तक कि खतरा टल न जाए. देखें वीडियो.

ईरान ने दावा किया है कि उसकी नेवी के एयर डिफेंस ने दो अमेरिकी ड्रोन मार गिराए. ईरान की स्टेट मीडिया के मुताबिक ये दोनों सुसाइड ड्रोन कथित तौर पर अमेरिकी सेना के थे. ईरान की सेना के मुताबिक ड्रोन का पता लगाया गया, उसे ट्रैक किया गया और इससे पहले कि वो बंदर अब्बास नौसैनिक बेस को निशाना बनाते, उन्हें मार गिराया गया. देखें वीडियो.

ईरान-इजरायल युद्ध आज अपने 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है, लेकिन शांति की कोई गुंजाइश दिखने के बजाय यह संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है. ईरान द्वारा इजरायल के अराद और डिमोना शहरों पर किए गए भीषण मिसाइल हमलों से दुनिया हैरान है. ये शहर रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील हैं, इसलिए अब यह जंग सीधे तौर पर परमाणु ठिकानों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गई है. युद्ध का सबसे घातक असर ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है.

तेल टैंकरों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता खोलने को लेकर ईरान को ट्रंप ने 48 घंटे की धमकी थी. समय सीमा खत्म होने से पहले ही नेटो एक्शन में आ गया है. नेटो महासचिव ने बताया कि होर्मुज में मुक्त आवाजाही सुवनिश्चित करने के लिए 22 देशों का समूह बन रहा है. साथ ही उन्होनें कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका का कदम जरूरी था.







