
तीन भाई, 18 जज और 150 तारीखें... मारपीट के केस में 28 साल बाद आया कोर्ट का फैसला
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बांदा कोर्ट ने शनिवार को मारपीट के 28 साल पुराने केस में अपना फैसला सुनाया है. अपने ही भाई से जमीनी विवाद में मारपीट करने वाले दो भाइयों को कोर्ट ने 7-7 साल की सजा सुनाई है. साथ ही 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है.
यूपी के बांदा में मारपीट के 28 साल पुराने मामले में कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया है. इस केस में जो आरोपी थे, वे सभी अब जवान से बूढ़े हो चुके हैं. इस केस में न जाने कितनी ही तारीखें पड़ीं और न जाने कितने ही जज बदले. लेकिन आखिरकार पीड़ित को न्याय मिल ही गया. पीड़ित ने 1995 में अपने तीन सगे भाइयों के खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज कराया था.
आरोप पत्र दाखिल होने के बाद कोर्ट ने 28 साल बाद दो भाइयों को दोषी ठहराया और 7- 7 वर्ष की सजा सुनाई. साथ ही 25-25 हजार का जुर्माना भी लगाया है. बता दें, आरोपियों की उम्र अब 60 और 65 साल हो चुकी है. मामला नरैनी कोतवाली क्षेत्र के कुइया नगर का है. यहां के रहने वाले एक शख्स ने साल 1995 में थाने में तहरीर दी थी कि जमीनी विवाद में उसके तीन भाइयों ने उससे मारपीट है. जिस कारण उसे गंभीर चोटें आई हैं.
पुलिस ने तहरीर के आधार पर तीनों आरोपियों के विरुद्ध 323/ 324/ 325/ 504 की धाराओ में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की. जिसमें से कोर्ट में दो भाइयों के विरुद्ध चार्ज और आरोप पत्र दाखिल किया गया. कोर्ट में बहस शुरू हुई, दोनों पक्षों की तमाम दलीलों के बाद शुक्रवार शाम अदालत ने दोनों सगे भाइयों को दोषी करार दे दिया और 7- 7 साल की सजा सुनाई है. साथ ही 25- 25 हजार का जुर्माना भी लगाया है.
कोर्ट के सरकारी अधिवक्ता सुरेंद्र प्रसाद ने बताया कि नरैनी थाना क्षेत्र का मामला था. 1995 में जमीन के विवाद में वादी को उसी के भाइयों ने डंडों और कुल्हाड़ी से मारपीट की थी, जिसके बाद आरोप पत्र दाखिल हुआ. कई गवाह पेश किए. कोर्ट ने दोषी करार देते हुए दो भाइयों को 7- 7 साल की सजा सुनाई है. साथ ही 25- 25 हजार का जुर्माना भी लगाया है. उन्होंने आगे बताया कि 28 साल बाद इस मारपीट के फैसले में 18 से ज्यादा जज बदल गए. 150 तारीखें पड़ीं. एक दोषी भाई की उम्र इस समय 60 वर्ष है. जबकि, दूसरे की 65 वर्ष है. यानी 1995 में आरोपी 32 और 37 वर्ष के थे.

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