
'तिरंगे' के जरिये 'देशभक्ति' पर निशाना, ताइवान के पास चीन का अभ्यास, देखें ब्रेकिंग न्यूज
AajTak
नेशनल हेराल्ड केस में इसी कार्रवाई से कांग्रेस भड़की हुई है. कांग्रेस ने इस ऐक्शन के बाद कहा था कि अब याचना नहीं रण होगा. अब इस पर बीजेपी की तरफ से जवाब दिया गया है. बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि अब कांग्रेस के नेता पहले कहते थे कि सत्याग्रह होगा और अब रण की बात कर रहे हैं. चीन और ताइवान के बीच तनातनी आज नए मुकाम पर पहुंच गई है. ताइवान के पास सात जगहों पर चीन ने जंग का अभ्यास शुरू कर दिया है. आज सुबह से चीनी मिसाइलों गरज रही हैं. चीन की हरकतों से ऐसा लग रहा है मानो ताइवान को सबक सिखाने के लिए वो किसी भी हद तक जाने को तैयार है. देखें ब्रेकिंग न्यूज.

ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमले को लेकर मचे घमासान के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कल मीडिया के सामने आकर युद्ध को लेकर कई बड़ी बातें कहीं नेतन्याहू ने ईरान के साथ संघर्ष में अमेरिका को घसीटने की फर्जी खबरों का खंडन किया. कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति हमेशा वही निर्णय लेते हैं जो उन्हें अमेरिका के हित में लगता है. उन्होंने ईरान के साथ चल रहे संघर्ष के दौरान इजरायल और अमेरिका के तालमेल की भी प्रशंसा की.

जिस ईरान को बर्बाद करने के लिए अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप निकले थे. अब लगता है कि उनका पैर उसी ईरान के 'तेल' पर फिसल गया है. और इसलिए वो एक बार फिर पूरी दुनिया को 'चौंकाने' वाला फैसला ले सकते हैं. और ये फैसला ईरान के तेल की Sale से जुड़ा है. ईरान को पूरी तरह से अलग-थलग करने और हर चीज के लिए 'मोहताज' बनाने की कोशिश करने वाले ट्रंप अब खुद ईरान के तेल से प्रतिबंध हटा सकते हैं. और तेल की Sale करने की अनुमति दे सकते हैं? अब सवाल ये है कि जब ट्रंप खुद ईरान के तेल की बिक्री के लिए तैयार हैं, तो वो ईरान से युद्ध क्यों लड़ रहे हैं? क्या वाकई ईरान ने ट्रंप को ऐसा करने के लिए मजबूर कर दिया है, या ट्रंप अपने ही फैसलों की फांस में फंस चुके हैं?











