
तालिबान को लेकर अमेरिका पर जमकर बरसे इमरान खान
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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने अफगानिस्तान के मौजूदा हालात के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया है. अफगानिस्तान में अमेरिकी सैन्य हमले और फिर कमजोर राजनीतिक हालात में बाइडेन प्रशासन के तालिबान से समझौते के प्रयास पर सवाल भी उठाया. कहा कि अमेरिका ने वास्तव में अफगानिस्तान में गड़बड़ कर दिया है.
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने अफगानिस्तान के मौजूदा हालात के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया है. अफगानिस्तान में अमेरिकी सैन्य हमले और फिर कमजोर राजनीतिक हालात में बाइडेन प्रशासन के तालिबान से समझौते के प्रयास पर सवाल भी उठाया. उन्होंने कहा कि अमेरिका ने वास्तव में अफगानिस्तान में सब गड़बड़ कर दिया है. (फोटो-रॉयटर्स) मंगलवार रात प्रसारित अमेरिकी न्यूज कार्यक्रम PBS NewsHour में इमरान खान ने यह टिप्पणी ऐसे समय की, जब अफगानिस्तान से अमेरिकी और नाटो सैनिकों की वापसी अंतिम चरण में है. विदेशी सैनिकों के बाद से तालिबान तेजी से मजबूत हुआ है और उसने अफगानिस्तान के 85% हिस्से पर कब्जा का दावा किया है. कई इलाकों में अफगान सेना अपना कब्जा बहाल करने के लिए तालिबान से जूझ रही है. अफगानिस्तान में बेपटरी सुरक्षा हालात को लेकर पड़ोसी मुल्क चिंतित हैं. (फोटो-Getty Images)
ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बघेर गलीबाफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अमेरिका-ईरान वार्ता का दावा फर्जी बताया. उनका कहना है कि यह वित्तीय और तेल बाजार को प्रभावित करने और अमेरिका-इजरायल की रणनीतिक विफलताओं से ध्यान हटाने के लिए फैलाया गया. ईरान ने किसी भी वार्ता की पुष्टि से इनकार किया.

वेस्ट एशिया में छिड़े युद्ध में आज अमेरिका की तरफ से ऐसे संकेत आए हैं कि जैसे अमेरिका ईरान के सामने थोड़ा झुका हो. अमेरिका ने ईरान के एनर्जी और पावर प्लांट पर हमलों को फिलहाल टाल दिया है. लेकिन सवाल है कि क्यों? अमेरिका और इजरायल का गठबंधन युद्ध के 24 दिनों के बाद भी ईरान को पूरी तरह से झुका नहीं पाया है. शुरुआत में भले ही अमेरिका इजरायल को कामयाबी मिली हो. लेकिन अब तो ऐसा लग रहा है कि जैसे ईरान ने अपने ताकतवर बम युद्ध के इस हिस्से के लिए बचाकर रखे हों. इजरायल के न्यूक्लियर प्लांट तक ईरान के बम गिर रहे हैं. इजरायल का वर्ल्ड क्लास एयर डिफेंस सिस्टम फेल क्यों हो गया.

युद्ध के 24वें दिन आज अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चौंकाने वाला बड़ा ऐलान किया. ट्रंप ने कहा कि बीते 2 दिनों से हो रही बातचीत के बाद मैंने ईरानी पावर प्लांट्स पर 5 दिनों के लिए हमले करना रोक दिया है. गौरतलब है कि भारतीय समय से आज रात ही ईरानी पावर प्लांट्स पर हमला करने की ट्रंप की डेडलाइन पूरी हो रही थी. सवाल ये है कि क्या ट्रंप ने अचानक यू टर्न लिया है? अगर ईरान के साथ बीते 2 दिनों से बातचीत हो रही थी तो लगभग 2 दिनों पहले उन्होंने अल्टीमेटम क्यों दिया था? क्यों उन्होंने शक्ति से शांति की बात की थी? सवाल उठ रहा है कि क्या ईरान के तेवरों के आगे ट्रंप एग्जिट रूट ढूंढ रहे हैं? ट्रंप के ऐलान से क्या युद्ध रुक जाएगा? क्या ईरान और इजरायल युद्ध रोकेंगे? ईरान की मीडिया के अनुसार अमेरिका से ईरान का कोई संपर्क नहीं है.

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर संभावित हमलों को पांच दिनों के लिए रोकने का निर्देश दिया, जिसका कारण दोनों देशों के बीच जारी सकारात्मक बातचीत बताया गया. डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि ईरान से पांच दिनों के भीतर डील हो सकती है. हालांकि, ईरान इन दावों को खारिज कर रहा है. इससे पहले अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने को लेकर चेतावनी दी थी, जिस पर ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी.









