
'तालिबान को कुचले बिना हम आगे नहीं बढ़ सकते', बोले पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ
AajTak
शहबाज शरीफ ने पाकिस्तान के राजनीतिक और सैन्य स्टेक होल्डर से एकजुट होने की अपील की और देश में बढ़ते सुरक्षा संकट से निपटने की आवश्यकता पर बल दिया. उन्होंने कहा कि हमें इस खतरे को हराने और देश के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए एक मंच पर आना होगा.
इस्लामाबाद में स्पेशल इन्वेस्टमेंट फैसिलिटेशन काउंसिल (SIFC) की एपेक्स कमेटी को संबोधित करते हुए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने तालिबान को लेकर सख्त बयान दिया है. उन्होंने कहा कि तालिबान को कुचले बिना पाकिस्तान आगे नहीं बढ़ सकता. बता दें कि ये बयान पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर बढ़ते तनाव और बढ़ती हिंसक घटनाओं के बीच आया है. शहबाज शरीफ ने कहा कि तालिबान ने फिर से सिर उठाया है और इसे कुचले बिना हम आगे नहीं बढ़ सकते.
शरीफ ने आगे कहा कि हर दिन कोई न कोई घटना होती है. चाहे वह 10 अधिकारी हों, 5 हों, फ्रंटियर कॉर्प्स, पुलिस या सेना के सदस्य हों, उनकी शहादत सबसे बड़ा बलिदान है. हमें न केवल उनका सम्मान करना चाहिए, बल्कि राष्ट्र को यह भी बताना चाहिए कि इस राक्षस को हराना हमारा साझा लक्ष्य है.
शहबाज शरीफ ने पाकिस्तान के राजनीतिक और सैन्य स्टेक होल्डर से एकजुट होने की अपील की और देश में बढ़ते सुरक्षा संकट से निपटने की आवश्यकता पर बल दिया. उन्होंने कहा कि हमें इस खतरे को हराने और देश के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए एक मंच पर आना होगा.
बता दें कि 24 दिसंबर 2024 को पाकिस्तानी सेना ने अफगानिस्तान के पक्तिका प्रांत में कई स्थानों को निशाना बनाया, जिसमें कम से कम 46 लोग मारे गए, जिनमें अधिकांश महिलाएं और बच्चे थे. ये हवाई हमले तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के ठिकानों को खत्म करने के लिए किए गए थे, जो पाकिस्तान में कई हमलों के लिए जिम्मेदार है. इस हमले के बाद अफगान तालिबान ने इन हमलों को संप्रभुता का उल्लंघन बताते हुए निंदा की और बदला लेन की कसम खाई. तालिबान का दावा है कि मरने वालों में कई पाकिस्तानी शरणार्थी थे. इसके जवाब में 28 दिसंबर को अफगान तालिबान ने पाकिस्तान के कई इलाकों पर हमला किया, जिसमें कम से कम 16 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए. इस बीच, TTP भी इस बढ़ते संघर्ष में सक्रिय रही है और उसने पाकिस्तानी बलों पर कई हमलों की जिम्मेदारी ली है.
पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बिगड़ते रिश्ते यह हिंसा पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच बिगड़ते रिश्तों को उजागर करती है. दोनों देशों ने एक-दूसरे पर सीमा पार आतंकवाद के लिए जिम्मेदार आतंकवादियों को शरण देने का आरोप लगाया है.
पाकिस्तान के लिए बड़ा खतरा कैसे बन गया TTP?

ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बघेर गलीबाफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अमेरिका-ईरान वार्ता का दावा फर्जी बताया. उनका कहना है कि यह वित्तीय और तेल बाजार को प्रभावित करने और अमेरिका-इजरायल की रणनीतिक विफलताओं से ध्यान हटाने के लिए फैलाया गया. ईरान ने किसी भी वार्ता की पुष्टि से इनकार किया.

वेस्ट एशिया में छिड़े युद्ध में आज अमेरिका की तरफ से ऐसे संकेत आए हैं कि जैसे अमेरिका ईरान के सामने थोड़ा झुका हो. अमेरिका ने ईरान के एनर्जी और पावर प्लांट पर हमलों को फिलहाल टाल दिया है. लेकिन सवाल है कि क्यों? अमेरिका और इजरायल का गठबंधन युद्ध के 24 दिनों के बाद भी ईरान को पूरी तरह से झुका नहीं पाया है. शुरुआत में भले ही अमेरिका इजरायल को कामयाबी मिली हो. लेकिन अब तो ऐसा लग रहा है कि जैसे ईरान ने अपने ताकतवर बम युद्ध के इस हिस्से के लिए बचाकर रखे हों. इजरायल के न्यूक्लियर प्लांट तक ईरान के बम गिर रहे हैं. इजरायल का वर्ल्ड क्लास एयर डिफेंस सिस्टम फेल क्यों हो गया.

युद्ध के 24वें दिन आज अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चौंकाने वाला बड़ा ऐलान किया. ट्रंप ने कहा कि बीते 2 दिनों से हो रही बातचीत के बाद मैंने ईरानी पावर प्लांट्स पर 5 दिनों के लिए हमले करना रोक दिया है. गौरतलब है कि भारतीय समय से आज रात ही ईरानी पावर प्लांट्स पर हमला करने की ट्रंप की डेडलाइन पूरी हो रही थी. सवाल ये है कि क्या ट्रंप ने अचानक यू टर्न लिया है? अगर ईरान के साथ बीते 2 दिनों से बातचीत हो रही थी तो लगभग 2 दिनों पहले उन्होंने अल्टीमेटम क्यों दिया था? क्यों उन्होंने शक्ति से शांति की बात की थी? सवाल उठ रहा है कि क्या ईरान के तेवरों के आगे ट्रंप एग्जिट रूट ढूंढ रहे हैं? ट्रंप के ऐलान से क्या युद्ध रुक जाएगा? क्या ईरान और इजरायल युद्ध रोकेंगे? ईरान की मीडिया के अनुसार अमेरिका से ईरान का कोई संपर्क नहीं है.

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर संभावित हमलों को पांच दिनों के लिए रोकने का निर्देश दिया, जिसका कारण दोनों देशों के बीच जारी सकारात्मक बातचीत बताया गया. डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि ईरान से पांच दिनों के भीतर डील हो सकती है. हालांकि, ईरान इन दावों को खारिज कर रहा है. इससे पहले अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने को लेकर चेतावनी दी थी, जिस पर ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी.

ईरान लगातार इजरायल को निशाना बना रहा है. यरुशलम में ईरान के हमले की आशंका को लेकर सायरन बजे. आनन-फानन में लोग बम शेल्टर की ओर भागे. ये सायरन ईरान से मिसाइल और ड्रोन हमलों की चेतावनी देते हैं. हमसे ले पहले कुछ मिनटों का ही समय होता है जिसमें इजरायली नागरिक अपने करीबी बम शेल्टर में तब तक शरण लेते हैं जब तक कि खतरा टल न जाए. देखें वीडियो.








