
तारिक रहमान या जमात... बांग्लादेश में चुनाव कल, ये तीन फैक्टर्स बदल सकते हैं समीकरण
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बांग्लादेश का यह चुनाव सिर्फ सत्ता परिवर्तन तक सीमित नहीं है, बल्कि मतदाता 'जुलाई चार्टर' के भविष्य का भी फैसला करेंगे, जो संविधान में व्यापक बदलाव का प्रस्ताव माना जा रहा है. इस चुनाव में तारिक रहमान के नेतृत्व वाली BNP को शुरुआती बढ़त में माना जा रहा है, लेकिन उसके पूर्व सहयोगी और शफीकुर रहमान के नेतृत्व में फिर से मजबूत हो रही जमात-ए-इस्लामी इस बार बड़ा उलटफेर कर सकती है.
बांग्लादेश में 12 फरवरी को होने जा रहा आम चुनाव देश के इतिहास का बेहद अहम चुनाव माना जा रहा है. जुलाई-अगस्त 2024 के हिंसक आंदोलन में प्रधानमंत्री शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद पहली बार देश नई सरकार चुनने जा रहा है. यह चुनाव सिर्फ सत्ता परिवर्तन तक सीमित नहीं है, बल्कि मतदाता 'जुलाई चार्टर' के भविष्य का भी फैसला करेंगे, जो संविधान में व्यापक बदलाव का प्रस्ताव माना जा रहा है.
इस चुनाव में तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) को शुरुआती बढ़त में माना जा रहा है, लेकिन उसके पूर्व सहयोगी और शफीकुर रहमान के नेतृत्व में फिर से मजबूत हो रही जमात-ए-इस्लामी इस बार बड़ा उलटफेर कर सकती है. ढाका के राजनीतिक विश्लेषक डेनियल रहमान के मुताबिक पहले चर्चा इस बात की थी कि BNP कितने अंतर से जीतेगी, लेकिन अब सर्वे में BNP और जमात के बीच कांटे की टक्कर दिखाई दे रही है.
बता दें कि पिछले 18 महीने बांग्लादेश के लिए आसान नहीं रहे हैं. इन 18 महीनों में बांग्लादेश हिंसा, आगजनी, लूटपाट और अव्यवस्था का शिकार होता रहा. अगस्त 2024 में छात्रों की अगुआई में हुई क्रांति ने शेख हसीना की 15 साल पुरानी सरकार को उखाड़ फेंका. सरकार का पतन होते ही हसीना भारत भाग आईं. इस दौरान बांग्लादेश में हिंसा में 1,400 से ज्यादा मौतें हुईं. वहीं बांग्लादेश में नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार बनी. बांग्लादेश की विपक्षी पार्टियों ने इसे 'दूसरी आजादी' करार दिया था.
BNP को चुनौती देने वाला 11 पार्टियों का एक बड़ा गठबंधन है, जिसका नेतृत्व इस्लामी जमात-ए-इस्लामी कर रही है, जो राष्ट्रीय राजनीति में अपना असर बढ़ाना चाहती है. हसीना के राज में जमात-ए-इस्लामी पर बैन लगा था, लेकिन उनके हटने के बाद से इसका असर बढ़ा है, इस गठबंधन में नई बनी नेशनल सिटिजन पार्टी भी शामिल है, जिसे 2024 के विद्रोह के नेताओं ने बनाया है.
शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग के मैदान में न होने के चलते चुनाव में इस बार मुख्य रूप से बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी और 11 पार्टियों वाले बड़े गठबंधन के बीच है, जिसका नेतृत्व इस्लामी जमात-ए-इस्लामी कर रही है. BNP ने तारिक रहमान को पीएम पद का उम्मीदवार घोषित किया है. रहमान 17 साल के देश निकाला के बाद दिसंबर में बांग्लादेश लौटे और उन्होंने डेमोक्रेटिक संस्थाओं को फिर से बनाने, कानून का राज बहाल करने और अर्थव्यवस्था को फिर से पटरी पर लाने का वादा किया है.
वहीं शेख हसीना के राज में जमात-ए-इस्लामी पर बैन लगा था, जो अब हट चुका है. उनके हटने के बाद से इसका असर बढ़ा है, इस गठबंधन में नई बनी नेशनल सिटिजन पार्टी भी शामिल है, जिसे 2024 के विद्रोह के नेताओं ने बनाया है.

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