
तख्तापलट, हिंसा और 'क्रांति' के बाद बनेगा सपनों का बांग्लादेश?, कल नया नेतृत्व चुनेगी जनता
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बांग्लादेश आज इतिहास के उस मोड पर खड़ा है, जहां से उसका भविष्य तय होने वाला है. महीनों तक अराजकता और अव्यवस्था झेल चुके बांग्लादेश के लोग गुरुवार को नई सरकार चुनने के लिए मतदान करने वाले हैं. इस मतदान के लिए छोटे से बांग्लादेश में 9 लाख सुरक्षाकर्मी लगाए गए हैं.
बांग्लादेश में कथित क्रांति की बयार जुलाई/अगस्त 2024 में आई. अब 18 महीने बाद गुरुवार 12 फरवरी को बांग्लादेश नया नेतृत्व चुनने के लिए तैयार है. भारत के पड़ोसी देश के इतिहास में ये मोड है जिससे बांग्लादेश का भविष्य तय होगा. ये चुनाव तय करेगा कि ढाका का शासन उदारवादी लोकतांत्रिक शक्तियों के हाथ में होगा अथवा यहां भी कट्टरपंथी ताकतें कब्जा जमाएगी. गौरतलब है कि बांग्लादेश में अप्रैल 2024 में ही चुनाव हुए थे. अब ये देश 2 वर्ष से भी कम समय के अंतराल में एक बार फिर नई सरकार की बाट जोह रहा है.
पिछले 18 महीने बांग्लादेश के लिए आसान नहीं रहे हैं. इन 18 महीनों में बांग्लादेश हिंसा, आगजनी, लूटपाट और अव्यवस्था का शिकार होता रहा. अगस्त 2024 में छात्रों की अगुआई में हुई क्रांति ने शेख हसीना की 15 साल पुरानी सरकार को उखाड़ फेंका. सरकार का पतन होते ही हसीना भारत भाग गईं. इस दौरान बांग्लादेश में हिंसा में 1,400 से ज्यादा मौतें हुईं.
इस बीच बांग्लादेश में नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार बनी. बांग्लादेश की विपक्षी पार्टियों ने इसे 'दूसरी आजादी' करार दिया. लेकिन 18 महीने बाद फरवरी 2026 में स्थिति जटिल है. राजनीतिक हिंसा, मॉब लिंचिंग, धार्मिक कट्टरता का उभार बांग्लादेश को ऐसे मोड पर ले आया है जहां इस देश का भविष्य का अंधकार में दिखता है. बांग्लादेश की हिंसा ने वहां के हिन्दुओं को राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से करारी चोट पहुंचाई है.
बांग्लादेश हिन्दू बुद्धिस्ट क्रिश्चयन यूनिटी काउंसिल जैसे अल्पसंख्यक संगठन के अनुसार साम्प्रदायिक हिंसा में अगस्त 2024 से 2025 तक 61 हिंदुओं की मौत हुई है और कुल 2,000 से ज्यादा हमले हुए हैं. हालांकि वास्तविक आंकड़े इससे ज्यादा हो सकते हैं.
हिंसा का दौर
हसीना सरकार के पतन के बाद बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने आवामी लीग पर प्रतिबंध लगा दिया. उसके समर्थकों पर हमले हुए. 2025 में मॉब वायलेंस से सैकड़ों मौतें हुईं. आवामी लीग के खिलाफ 'ऑपरेशन डेविल हंट' में हजारों गिरफ्तारियां हुईं. धार्मिक कट्टरपंथी महिलाओं के अधिकारों और अल्पसंख्यकों पर हमले कर रहे हैं.

आज सबसे पहले हम आपको वो तस्वीर दिखाएंगे. जो मुंद्रा पोर्ट से आई है. यहां स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में गरजती मिसाइल और बरसते ड्रोन्स के बीच से चलकर LPG गैस से भरा शिवालिक जहाज भारत आ गया है. इसमें इतनी गैस है जिससे 32 लाख 40 हजार LPG गैस सिलिंडर भरे जा सकते हैं. लगभग इतनी ही गैस लेकर एक और जहाज. नंदा देवी कल सुबह भारत पहुंच जाएगा. इसके बाद आपको इजरायल-अमेरिका और ईरान के युद्ध के 17वें दिन का हर अपडेट बताएंगे. जंग में पहली बार ईरान ने सेजिल मिसाइल दागी. ये मिसाइल बेहद खतरनाक है, इसके जरिए ईरान अपने देश के किसी भी हिस्से से पूरे इजरायल को निशाना बना सकता है. इस सबके बीच UAE में तेल डिपो में आग लगने के साथ ही दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी हमला हुआ.

दिल्ली एम्स ने 31 वर्षीय हरीश राणा के लिए पैसिव यूथेनेशिया प्रक्रिया शुरू कर दी है. इस के लिए हरीश को शनिवार को गाजियाबाद स्थित आवास से एम्स के डॉ. बीआर अंबेडकर संस्थान रोटरी कैंसर अस्पताल की पैलिएटिव केयर यूनिट में शिफ्ट किया गया है, जहां धीरे-धीरे हरीश के लाफ सपोर्ट सिस्टम को वापस लिया जाएगा, ताकि शरीर स्वाभाविक रूप से शांत हो जाए.

महायुद्ध सत्रह दिन से जारी है. मैं श्वेता सिंह इस वक्त इजरायल की राजधानी तेल अवीव में हूं. जहां आज भी ईरान की तरफ से मिसाइल से हमला किया जाता रहा. पश्चिम एशिया में युद्ध कब तक चलेगा इस सवाल पर इजरायल ने बड़ी बात कही है. दावा किया कि उसने कम से कम 3 हफ्ते तक युद्ध जारी रखने की योजना बनाई है. अमेरिका और इज़राइल के बीच ईरान पर युद्ध तीसरे हफ्ते में प्रवेश कर गया है, जिससे तेल की कीमतों पर असर पड़ रहा है. पिछले 15 दिनों में ईरान पर भारी बमबारी हुई है. लेकिन उसने हथियार नहीं डाले हैं, इसके बाद इजरायल कह रहा है कि उसकी योजना अगले 3 हफ्तों तक युद्द जारी रखने की है.

चंद्रपुर में एक बाघ के सड़क पार करने के दौरान लोगों की लापरवाही सामने आई. राहगीरों ने अपनी गाड़ियां रोककर बाघ को घेर लिया और उसके बेहद करीब जाकर सेल्फी और वीडियो बनाने लगे. यह घटना दुर्गापुर-मोहुर्ली रोड की है, जो ताडोबा टाइगर रिजर्व के पास है. वीडियो वायरल होने के बाद वन विभाग कार्रवाई की तैयारी कर रहा है.

युद्ध के मोर्चे पर ये समझ में नहीं आ रहा है कि इस युद्ध में जीत कौन रहा है. जिस ईरान को समझा जा रहा है कि सुप्रीम लीडर के मारे जाने के बाद वो सरेंडर कर देगा. वो कहीं से भी पीछे हटता नहीं दिख रहा है. बल्कि ईरान तो और ज्यादा अग्रेसिव हो गया है. और इजरायल के अलावा उसने यूएई का बुरा हाल किया हुआ है. दुबई को तो ईरान ने धुआं धुआं कर दिया. दुबई का हाल ये है कि उसकी ग्लोबल कैपिटल वाली इमेज को ईरान के हालिया हमलों से बहुत बड़ा डेंट लगा है.

पश्चिम एशिया में जंग से तेल और गैस की किल्लत की आशंका के बीच भारत के लिए अच्छी खबर है. भारतीय जहाज शिवालिक कतर से लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस लेकर भारत आ गया है, एलपीजी से लदा भारतीय जहाज शिवालिक गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर पहुंचा है. ये जहाज लगभग 46 हजार मीट्रिक टन LPG लेकर आया है, एक घरेलू सिलेंडर में लगभग 14.2 किलोग्राम LPG भरी जाती है. इस तरह से 46 हजार मीट्रिक टन में 32.4 लाख घरेलू सिलेंडर भरे जा सकते हैं. बता दें कि 14 मार्च को ईरान ने शिवालिक को हॉर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की इजाजत दी थी. वहीं, जहाज नंदा देवी और जग लाडकी कल तक भारत पहुंच सकता है. नंदा देवी जहाज पर भी 46,000 टन LPG लदा है.

युद्ध के बीच भारत का शिवालिक जहाज मुंद्रा पोर्ट पहुंचा है. 45 हजार मीट्रिक टन LPG लेकर शिवालिक पहुंचा है. कल नंदा देवी जहाज भी LPG की सप्लाई लेकर पहुंच रहा है. ईरान से अमेरिका-इजरायल के युद्ध का तीसरा हफ्ता शुरू हो चुका है. ईरान के खिलाफ इस युद्ध में प्रलय की स्थिति तो है लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप कहीं से भी निर्णायक भूमिका में नजर नहीं आ रहे. होर्मुज का समंदर न सिर्फ ट्रंप के लिए सैन्य चुनौती बन गया है, बल्कि कूटनीतिक झटके भी उन्हें मिलते दिख रहे हैं.






