
डोनाल्ड ट्रंप का एक और एक्शन, अब इन सात एजेंसियों की फंडिंग में की कटौती
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सात प्रमुख एजेंसियों की फंडिंग में कटौती का आदेश जारी किया है. इस फैसले से अमेरिकी ग्लोबल मीडिया एजेंसी (USAGM) जैसी संस्थाएं प्रभावित होंगी, जो 361 मिलियन लोगों तक पहुंचती है और 49 भाषाओं में प्रसारण करती है.
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सात प्रमुख एजेंसियों की फंडिंग में कटौती का आदेश जारी किया है. इससे जुड़ा एक आदेश उन्होंने 14 मार्च को साइन किया था. इससे प्रभावित होने वाले संस्थाओं में अमेरिकी ग्लोबल मीडिया एजेंसी (USAGM) भी शामिल है, जो दुनिया भर में वॉयस ऑफ अमेरिका और अन्य सरकारी फंड से चलने वाले मीडिया आउटलेट्स की देखरेख करती है.
USAGM की इन मीडिया आउटलेट्स की मदद से 361 मिलियन लोगों तक रीच है और संस्था 49 भाषाओं में ब्राडकास्टिंग करता है और अमेरिकी सरकार में इसका बजट 270 मिलियन डॉलर है. ट्रंप ने अपने एग्जीक्यूटिव ऑर्डर में लेबर डिस्प्यूट, होमलेसनेस यानी बेघर लोगों के लिए काम करने वाली संस्था और कम्युनिटी डेवलपमेंट जैसी संस्थाओं के हेड से संबंधित गतिविधियों पर रोक लगाने को कहा है.
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सात दिनों में एजेंसियों के हेड को देना होगा अपना प्लान
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने आदेश में संबंधित एजेंसी के हेड से अगले सात दिनों में ऑफिस ऑफ मैनेजमेंट एंड बजट के सामने अपना एक प्लान पेश करने को कहा है, जिसमें यह बताया जाएगा कि कौन-कौन सी गतिविधियां लीगल रूप से अहम हैं. ट्रंप के आदेश से बता दें कि फेडरल मेडिटेशन एंडे कोन्सिलेशन सर्विस, इंस्टीट्यूट आफ म्यूजियम एंड लाइब्रेरी सर्विसेज और माइनोरिटी बिजनेस डेवलपमेंट जैसी एजेंसी भी प्रभावित होंगी.
ट्रंप ने एजेंसियों की फंडिंग में कटौती क्यों की?

ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बघेर गलीबाफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अमेरिका-ईरान वार्ता का दावा फर्जी बताया. उनका कहना है कि यह वित्तीय और तेल बाजार को प्रभावित करने और अमेरिका-इजरायल की रणनीतिक विफलताओं से ध्यान हटाने के लिए फैलाया गया. ईरान ने किसी भी वार्ता की पुष्टि से इनकार किया.

वेस्ट एशिया में छिड़े युद्ध में आज अमेरिका की तरफ से ऐसे संकेत आए हैं कि जैसे अमेरिका ईरान के सामने थोड़ा झुका हो. अमेरिका ने ईरान के एनर्जी और पावर प्लांट पर हमलों को फिलहाल टाल दिया है. लेकिन सवाल है कि क्यों? अमेरिका और इजरायल का गठबंधन युद्ध के 24 दिनों के बाद भी ईरान को पूरी तरह से झुका नहीं पाया है. शुरुआत में भले ही अमेरिका इजरायल को कामयाबी मिली हो. लेकिन अब तो ऐसा लग रहा है कि जैसे ईरान ने अपने ताकतवर बम युद्ध के इस हिस्से के लिए बचाकर रखे हों. इजरायल के न्यूक्लियर प्लांट तक ईरान के बम गिर रहे हैं. इजरायल का वर्ल्ड क्लास एयर डिफेंस सिस्टम फेल क्यों हो गया.

युद्ध के 24वें दिन आज अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चौंकाने वाला बड़ा ऐलान किया. ट्रंप ने कहा कि बीते 2 दिनों से हो रही बातचीत के बाद मैंने ईरानी पावर प्लांट्स पर 5 दिनों के लिए हमले करना रोक दिया है. गौरतलब है कि भारतीय समय से आज रात ही ईरानी पावर प्लांट्स पर हमला करने की ट्रंप की डेडलाइन पूरी हो रही थी. सवाल ये है कि क्या ट्रंप ने अचानक यू टर्न लिया है? अगर ईरान के साथ बीते 2 दिनों से बातचीत हो रही थी तो लगभग 2 दिनों पहले उन्होंने अल्टीमेटम क्यों दिया था? क्यों उन्होंने शक्ति से शांति की बात की थी? सवाल उठ रहा है कि क्या ईरान के तेवरों के आगे ट्रंप एग्जिट रूट ढूंढ रहे हैं? ट्रंप के ऐलान से क्या युद्ध रुक जाएगा? क्या ईरान और इजरायल युद्ध रोकेंगे? ईरान की मीडिया के अनुसार अमेरिका से ईरान का कोई संपर्क नहीं है.

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर संभावित हमलों को पांच दिनों के लिए रोकने का निर्देश दिया, जिसका कारण दोनों देशों के बीच जारी सकारात्मक बातचीत बताया गया. डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि ईरान से पांच दिनों के भीतर डील हो सकती है. हालांकि, ईरान इन दावों को खारिज कर रहा है. इससे पहले अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने को लेकर चेतावनी दी थी, जिस पर ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी.

ईरान लगातार इजरायल को निशाना बना रहा है. यरुशलम में ईरान के हमले की आशंका को लेकर सायरन बजे. आनन-फानन में लोग बम शेल्टर की ओर भागे. ये सायरन ईरान से मिसाइल और ड्रोन हमलों की चेतावनी देते हैं. हमसे ले पहले कुछ मिनटों का ही समय होता है जिसमें इजरायली नागरिक अपने करीबी बम शेल्टर में तब तक शरण लेते हैं जब तक कि खतरा टल न जाए. देखें वीडियो.








