
डॉक्टर को ही दांत से काट लिया... झारखंड सिपाही भर्ती के कुछ कैंडिडेट्स की अजीब हरकतें
AajTak
Jharkhand Excise Constable recruitment Drive: कमांडेंट रैंक के IPS अधिकारी ने भी कहा, अभ्यर्थियों को धैर्य रखने की जरूरत है. शॉर्टकट रास्ता न अपनाएं. एनर्जी ड्रिंक लेना या दवा लेना भी मौत का एक कारण हो सकता है. फिलहाल इस मामले में जांच की जा रही है. भर्ती परीक्षा के दौरान कुछ अभ्यर्थियों का व्यवहार अजीब था.
झारखंड उत्पाद सिपाहियों की भर्ती में उम्मीदवारों की मौतों से विवाद खड़ा हो गया है. अभ्यर्थियों की मौतों की दो वजह निकलकर सामने आ रही हैं. पहली प्रैक्टिस की कमी और दूसरी एनर्जी ड्रिंक या शक्तिर्वधक दवाओं का सेवन. हालांकि, इसको लेकर जांच जारी है.
दरअसल, राज्य के उत्पाद विभाग में सिपाहियों की भर्ती के लिए महिलाओं को 40 मिनट में 5 किलोमीटर और पुरुषों उम्मीदवारों को 1 घंटे में 10 किलोमीटर दौड़ लगाकर क्वालीफाई करना होता है.
डॉक्टर्स कहते हैं कि जिन उम्मीदवारों ने शरीरिक परीक्षा का अभ्यास नहीं किया, उनके साथ कुछ समस्या हो सकती है. क्योंकि अचानक दौड़ने पर शरीर में प्रेशर के साथ ऑक्सीजन लेवल कम हो सकता है. साथ ही स्टीरॉयड या एनर्जी ड्रिंक जैसे पदार्थों का सेवन काफी हानिकारक हो सकते हैं.
पलामू में सिपाहियों की बहाली देख रहे कमांडेंट रैंक के आईपीएस अधिकारी मुकेश कुमार ने भी कहा, अभ्यर्थियों को धैर्य रखने की जरूरत है. शॉर्टकट रास्ता न अपनाएं. एनर्जी ड्रिंक लेना या दवा लेना भी मौत का एक कारण हो सकता है. फिलहाल इस मामले में जांच की जा रही है. भर्ती परीक्षा के दौरान कुछ अभ्यर्थियों का व्यवहार अजीब था.
पूर्वी सिंहभूम के मुसाबनी से अभ्यर्थियों की अजीब हरकतों की बात सामने आ रही है. एक अभ्यर्थी ने तो इलाज के दौरान डॉक्टर को हाथ पर दांतों से काट लिया. डॉक्टर ने खुद इस बात की तस्दीक की. देखें Video:-
इस शरीरिक परीक्षा में क्वालीफाइड हो चुके दूसरे उम्मीदवारों का मानना है कि बगैर अभ्यास के समस्या हो सकती है और शक्तिवर्धक उपाय यानी शॉर्टकट जानलेवा हो सकते हैं.

दिल्ली में कांग्रेस द्वारा मनरेगा बचाओ आंदोलन तेज़ी से जारी है. 24 अकबर रोड स्थित कांग्रेस मुख्यालय के सामने बड़ी संख्या में कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता एकत्रित हुए हैं. यह विरोध प्रदर्शन मनरेगा कानून में किए जा रहे बदलावों के खिलाफ किया जा रहा है. मनरेगा योजना के तहत मजदूरों को रोजगार देने वाली इस योजना में बदलावों को लेकर कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की है.

भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते ने क्षेत्रीय आर्थिक समीकरणों में बड़ा बदलाव ला दिया है. इस ऐतिहासिक डील से पाकिस्तान को निर्यात के क्षेत्र में चुनौती का सामना करना पड़ रहा है. पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने इस डील से पैदा हुए संभावित नकारात्मक प्रभाव से निपटने के लिए यूरोपीय अधिकारियों से संपर्क किया है. यह समझौता दोनों पक्षों के आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को मजबूत करेगा.

मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने मियां मुसलमानों को लेकर फिर से विवादित बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि अगर राज्य के मियां मुसलमानों को परेशान करना हो तो वह रात दो बजे तक जाकर भी परेशान कर सकते हैं. इसके साथ ही उन्होंने मियां मुसलमानों को पांच रुपए देने की बजाय चार रुपए देने की बात कह कर विवादों को जन्म दिया है. इसपर पर अब विपक्ष हमलावर है.

अमेरिका ने ब्रिटेन, फ्रांस,इजरायल और चार अरब देशों के साथ मिलकर ईरान पर हमले की गुप्त टारगेट लिस्ट तैयार की है. मेन टारगेट न्यूक्लियर साइट्स (फोर्डो, नंटाज, इस्फाहान), IRGC कमांडर्स, बैलिस्टिक मिसाइल फैक्ट्रीज और स्ट्रैटेजिक बेस हैं. ट्रंप ने प्रदर्शनों और न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर धमकी दी है, लेकिन अभी हमला नहीं हुआ. अरब देश युद्ध से डर रहे हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी द्वारा लागू किए गए नए नियमों पर रोक लगा दी है. छात्रों ने इस फैसले का स्वागत किया है और कहा कि यूजीसी का यह कानून छात्रों में भेदभाव उत्पन्न करता है. छात्रों का कहना है कि वे नियमों में बदलाव नहीं बल्कि पुराने नियमों को वापस चाहते हैं. यदि नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया तो वे भविष्य में भी प्रदर्शन जारी रखेंगे.

जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत के बाद उनके पैतृक गांव में समाधि दी जाएगी. जुकाम के इलाज में लगाए गए इंजेक्शन के महज 30 सेकंड बाद तबीयत बिगड़ने से मौत का दावा किया जा रहा है. घटना से संत समाज में गहरी नाराजगी है. संतों ने निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और सोशल मीडिया पर अनर्गल लिखने वालों पर कार्रवाई की मांग की है.

दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने सार्वजनिक शिकायतों के निपटारे में लापरवाही के आरोपों पर राजेंद्र नगर, कन्हैया नगर और अशोक विहार के जोनल रेवेन्यू अधिकारियों और कन्हैया नगर के एक असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर को सस्पेंड कर दिया. अचानक निरीक्षण में प्रशासनिक खामियां मिलने के बाद उन्होंने विभागीय कार्रवाई और प्रभावित जोनों में तत्काल नए अधिकारियों की तैनाती के आदेश दिए हैं.

देश के शिक्षण संस्थानों में दलित और आदिवासी छात्रों और शिक्षकों के साथ होने वाले भेदभाव को खत्म करने के लिए विश्विद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने नए नियम लागू किए थे, जिसे लेकर विरोध इतना बढ़ गया कि मामला अदालत तक पहुंच गया. सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है, जिसे लेकर राजनीतिक दलों के नजरिए अलग-अलग दिखे.





