
डॉक्टर कर रहे हैं Central protection act की डिमांड लेकिन स्वास्थ्य मंत्रालय को इस बात पर है एतराज
AajTak
अस्पतालों की सुरक्षा को लेकर भी स्वास्थ्य मंत्रालय ने महत्वपूर्ण कदम उठाने की घोषणा की है. मंत्रालय ने कहा है कि देश भर के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था को 25 प्रतिशत तक बढ़ाया जाएगा, ताकि डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को सुरक्षित वातावरण मिल सके.
स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों ने केंद्रीय संरक्षण अधिनियम (CPA) को लेकर चल रहे विवाद पर स्पष्ट किया है कि इस अधिनियम को लागू करना व्यावहारिक रूप से लाभकारी नहीं होगा. सूत्रों के अनुसार, बलात्कार और हत्या जैसे गंभीर अपराध केंद्रीय संरक्षण अधिनियम के दायरे में नहीं आते हैं. ऐसे मामले भारतीय न्याय संहिता (Bharatiya Nayay Sanhita) के तहत आते हैं, जिनमें इन अपराधों के लिए पहले से ही काफी सख्त प्रावधान शामिल हैं.
स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "केंद्रीय संरक्षण अधिनियम का उद्देश्य डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को हिंसा और हमलों से सुरक्षा प्रदान करना है, लेकिन यह बलात्कार और हत्या जैसे अपराधों को कवर नहीं करता. इस मुद्दे पर चल रहा विरोध प्रदर्शन समय की बर्बादी है. हम डॉक्टरों से अपील करते हैं कि वे अपना विरोध समाप्त कर जल्द से जल्द काम पर लौट आएं."
अस्पतालों की सुरक्षा को लेकर भी स्वास्थ्य मंत्रालय ने महत्वपूर्ण कदम उठाने की घोषणा की है. मंत्रालय ने कहा है कि देश भर के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था को 25 प्रतिशत तक बढ़ाया जाएगा, ताकि डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को सुरक्षित वातावरण मिल सके. इसके अलावा, अस्पतालों को 'सेफ जोन' घोषित करने की मांग पर मंत्रालय ने अपना रुख स्पष्ट किया. एक अधिकारी ने कहा, "अस्पतालों को 'सेफ जोन' घोषित करने का फैसला संबंधित अस्पतालों के चिकित्सा अधीक्षक (MS) पर निर्भर करेगा. इस मामले में स्वास्थ्य मंत्रालय का कोई हस्तक्षेप नहीं होगा."
अधिकारियों का मानना है कि केंद्रीय संरक्षण अधिनियम के लिए अलग से कानून बनाने की कोई आवश्यकता नहीं है. उनका कहना है कि मौजूदा कानून और सुरक्षा उपाय पर्याप्त हैं, और डॉक्टरों को इस मुद्दे पर आगे बढ़ने की सलाह दी गई है. मंत्रालय ने इस बात पर भी जोर दिया कि डॉक्टरों को वर्तमान सुरक्षा उपायों पर भरोसा करना चाहिए और अपने कार्यों को सुचारू रूप से जारी रखना चाहिए. स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि अस्पतालों की सुरक्षा को और भी बेहतर बनाने के लिए राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम किया जाएगा.
अस्पतालों की सुरक्षा को लेकर उठे सवालों के जवाब में, मंत्रालय ने आश्वासन दिया है कि देश भर के सभी अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था को 25 प्रतिशत तक बढ़ाया जाएगा. यह कदम डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है.
अस्पतालों को 'सेफ जोन' घोषित करने की मांग पर भी स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है. मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि अस्पतालों को 'सेफ जोन' घोषित करने का फैसला संबंधित चिकित्सा अधीक्षक (MS) द्वारा लिया जा सकता है. इस मामले में मंत्रालय की कोई भूमिका नहीं होगी. इस बीच, देश भर के डॉक्टर CPA की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय की इस प्रतिक्रिया के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि डॉक्टरों का अगला कदम क्या होगा और क्या वे अपने विरोध को समाप्त कर कार्य पर वापस लौटेंगे.

रमजान के महीने में देश के कई हिस्सों में सांप्रदायिक तनाव की घटनाएं सामने आई हैं. खासकर मध्यप्रदेश के जबलपुर, हैदराबाद और कर्नाटक के बागलकोट में हालात तनावपूर्ण रहे. जबलपुर के सिहोरा इलाके में मंदिर और मस्जिद के बीच आरती और नमाज के समय विवाद हुआ जिसने तोड़फोड़ और पथराव को जन्म दिया. पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है और स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए कार्रवाई कर रही है.

उत्तराखंड के पौड़ी जनपद के श्रीनगर में स्थित लोकप्रिय धारी देवी मंदिर के पास बहने वाली अलकनंदा नदी में बड़ा हादसा टल गया. नदी में दो बोटों की आमने-सामने जोरदार टक्कर हुई जिसके कारण कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई. टक्कर के बाद एक चालक नदी में गिर गया जबकि दूसरी बोट अनियंत्रित होकर बीच धारा में घूमती रही. सौभाग्यवश चालक तैरकर सुरक्षित बाहर आ गया और बोट संचालकों की सूझबूझ से सभी सवार सुरक्षित बचा लिए गए.

ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डा सिल्वा ने इस इंटरव्यू ब्रिक्स करेंसी पर विस्तार से बात की. उन्होंने कहा कि हमने यह नहीं कहा कि हम ब्रिक्स करेंसी बनाएंगे. ब्रिक्स के अंदर नई करेंसी बनाने पर कोई बहस नहीं है. लेकिन यह जरूरी नहीं है कि ब्राजील और इंडिया के बीच ट्रेड डील US डॉलर में ही हो. हम इसे अपनी करेंसी में भी कर सकते हैं.

दिल्ली में AI इम्पैक्ट समिट के दौरान युवा कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओँ ने शर्ट उतारकर सार्वजनिक रूप से विवादास्पद प्रदर्शन किया. इस घटना के बाद पुलिस ने 5 से 6 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया. बीजेपी ने इस प्रदर्शन पर तीखा हमला किया है और संबित पात्रा ने कहा कि इस प्रदर्शन को जानबूझकर किया गया था. AI समिट में इस तरह के प्रदर्शन ने वहां की शांति भंग कर दी.

आज का दंगल घरेलू सियासत में देश के वैश्विक अपमान पर है. क्योंकि दिल्ली में चल रहे एआई इम्पैक्ट समिट में आज ऐसी घटना हुई है जिसे लेकर बीजेपी हमलावर है. दिल्ली में चल रहे जिस एआई समिट में शामिल होने के लिए दुनिया भर से नेता-उद्योगपति-टेक्नोकरेट्स भारत आए हुए हैं. उसी मेले में जाकर युवा कांगरसे के 10 कार्यकर्तां ने यूएस डील के विरोध में प्रदर्शन करना शुरू कर दिया. ये कार्यकर्ता अपनी टीशर्ट उतारकर उसे बैनर की तरह लहराकर प्रदर्शन कर रहे थे.

दिल्ली के मुखर्जी नगर में 1 साल 9 माह के बच्चे हादी की मौत का मामला सामने आया है. एसएफएस फ्लैट्स के पार्क में मौसी आजरा पर गला दबाने की आशंका है. स्थानीय लोगों ने बच्चे को छुड़ाकर न्यूलाइफ अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित किया. पुलिस ने आरोपी महिला को हिरासत में लिया है. शव को पोस्टमार्टम के लिए बाबू जगजीवन राम अस्पताल भेजा गया है.

तिरुवनंतपुरम में आधी रात को 14 साल के लड़के की जॉयराइड, माता-पिता को घर में बंद कर खाई में गिराई कार
तिरुवनंतपुरम में एक नाबालिग लड़के ने अपने माता-पिता को घर में बंद कर आधी रात को कार निकाली और दोस्त के साथ घूमने निकल गया. तभी करमना में कार रेलिंग तोड़कर कई फीट नीचे जा गिरी, लेकिन दोनों नाबालिग चमत्कारिक रूप से बच गए. पढ़ें इस हादसे की हैरान करने वाली कहानी.

एआई समिट में प्रदर्शन के मामले में इंडियन यूथ कांग्रेस के चार कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है. सूत्रों के अनुसार आरोपियों ने पहले काले छाते पर प्रिंटेड स्टिकर लगाकर मंडपम में प्रवेश की योजना बनाई थी, लेकिन सुरक्षा जांच में पकड़े जाने की आशंका के चलते उन्होंने प्लान बदलकर टी-शर्ट पर स्टिकर लगवाए.

दिल्ली से मेरठ के बीच यात्रा को तेज और आसान बनाने की दिशा में 82 किमी लंबे दिल्ली-मेरठ आरआरटीएस कॉरिडोर पर चलने वाली नमो भारत रैपिड रेल ने सराय काले खां से मेरठ के बेगमपुल तक सफल ट्रायल रन पूरा कर लिया है. करीब 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली यह ट्रेन दोनों शहरों के बीच सफर को 55-60 मिनट में पूरा करेगी, जिससे दिल्ली, गाजियाबाद और मेरठ के यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी.

दिल्ली में अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी को पराजित करने के बाद रेखा गुप्ता की अगुवाई में बीजेपी की सरकार एक साल पूरी कर चुकी है. इस मौके पर सीएम रेखा गुप्ता ने दावा किया कि उन्होंने अपने वादों को पूरा करने की कोशिश की है. साथ ही अपने एक वर्ष की उपलब्धियां भी बताईं. देखें वीडियो.



