
डैम में लगाया इतना बारूद कि उड़ते ही डूब जाएगा खेरासन, यूक्रेन को घुटनों पर लाने का पुतिन का लैंडमाइन प्लान
AajTak
रूस और यूक्रेन की लड़ाई अब ऐसे मोर्चे पर पहुंच चुकी है जहां रूस यूक्रेन के रणनीतिक महत्व की चीजों को निशाना बना रहा है. राष्ट्रपति जेलेंस्की को डर सता रहा है कि रूसी सैनिक खेरासन में मौजूद एक डैम को ब्लास्ट से तबाह कर सकते हैं.
रूस और यूक्रेन के बीच की लड़ाई किसी मुकाम पर पहुंचती नहीं दिख रही है. 24 फरवरी को शुरू हुई ये लड़ाई अब आठवें महीने में पहुंचने वाली है. इस बीच दोनों सेनाओं को बडा नुकसान हुआ है. यूक्रेन और रूस दोनों ने जंग में अरबों डॉलर झोंक दिया है.
इस बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने रूसी सेनाओं के एक खतरनाक प्लान का खुलासा किया है और खेरासन में तत्काल अंतरराष्ट्रीय ऑब्जर्वर भेजने की मांग की है. जेलेंस्की ने आरोप लगाया है कि दक्षिणी यूक्रेन के खेरासन क्षेत्र में मौजूद एक डैम में रूसी सैनिकों ने चारों ओर से बम लगा दिया है. Kakhovka Hydroelectric Power Plant नाम का ये डैम अभी रूसी फौज के कब्जे में है.
इस डैम का इस्तेमाल यूक्रेन की सरकार बिजली बनाने के लिए करती है. इस डैम को Dnieper River पर बनाया गया है. इसी डैम से नॉर्थ क्रीमिया नहर को पानी पहुंचता है.
डूब जाएगा खेरासन
यूक्रेन का आरोप है कि रणनीतिक महत्व के इस डैम को तबाह करने की साजिश रूसी सेनाएं रच रही है. राष्ट्रपति जेलेंस्की के अनुसार इस डैम को रूसी सेनाओं ने माइंस और बमों से भर दिया है. जेलेंस्की ने कहा है कि अगर इस डैम में लगे माइंस को विस्फोट किया गया तो अभूतपूर्व तबाही होगी. इसकी वजह से खेरासन में अचानक बाढ़ आ जाएगा और भारी नुकसान होगा. 80 से ज्यादा आबादी वाले इलाके जलमग्न हो जाएंगे.
बता दें कि इसी डैम से दक्षिणी यूक्रेन के सिविलियन इलाकों में पानी की सप्लाई होती है. डैम में अगर ब्लास्ट किया जाता है तो पूरा पानी बह जाएगा और दक्षिणी यूक्रेन में पानी की सप्लाई नहीं हो सकेगी.

वॉशिंगटन में शांति परिषद की पहली बैठक में गाजा पट्टी की वर्तमान स्थिति और क्षेत्रीय स्थिरता पर गहन चर्चा हुई. बैठक में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका को मजबूत करने पर जोर दिया गया और निर्णय लिया गया कि गाजा में शांति बनाए रखने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल तैनात किया जाएगा. इस बल में इंडोनेशिया, मोरक्को, कजाकिस्तान, कोसोवो और अल्बानिया जैसे पांच देश अपने सैनिक भेजेंगे. देखें वीडियो.

आज सबसे पहले आपको उस रिपोर्ट के बारे में बताएंगे, जिसके मुताबिक अमेरिका ने ईरान पर हमले की तारीख मुकर्रर कर दी है. और ये हमला इस हफ्ते के आखिर तक हो सकता है. ट्रंप ने ईरान को धमकी देते हुए कहा है कि ईरान नहीं माना तो हमला होगा. रमज़ान का महीना शुरू हो गया है और ये मुसलमानों के लिए पाक महीना माना जाता है. ऐसे में सवाल उठता है कि अगर अमेरिका ने ईरान पर रमजान के महीने में हमला किया तो मुस्लिम देश क्या करेंगे?











