
डेटिंग ऐप पर चीन सरकार क्यों हुई सख्त... सोशल मीडिया बैन के बाद प्रोटेस्टर डेटिंग ऐप का ले रहे थे सहारा
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चीन में डेटिंग ऐप्स सरकार के खिलाफ प्रदर्शनों का सबसे बड़ा हथियार बनकर उभरा है. चीन में फेसबुक और ट्विटर जैसे कई बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बैन है. ऐसे में चीनी नागरिक डेटिंग ऐप्स और टेलीग्राम के जरिए विरोध की अलख जगाए हुए हैं.
चीन में बीते लगभग एक हफ्ते से राष्ट्रपति शी जिनपिंग के विरोध में नारे लग रहे हैं. चीन की जीरो कोविड पॉलिसी का विरोध हो रहा है, सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी को सत्ता से हटाने की मांग उठ रही है. इससे साफ है कि चीन के लोग मौजूदा सरकार से खफा हैं और उस पर दबाव डालने के लिए एड़ी से लेकर चोटी तक का जोर लगा रहे हैं.
डेटिंग ऐप्स सरकार के खिलाफ इन प्रदर्शनों का सबसे बड़ा हथियार बनकर उभरा है. चूंकि, चीन में फेसबुक और ट्विटर जैसे कई बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बैन है. ऐसे में चीनी नागरिक डेटिंग ऐप्स और टेलीग्राम के जरिए विरोध की अलख जगाए हुए है.
डेटिंग ऐप्स का कैसे हो रहा इस्तेमाल?
चीन में सोशल मीडिया पर कड़ी सेंसरशिप लागू है. चीन का खुद का इंटरनेट सर्च इंजन है. उस पर भी कड़ी सेंसरशिप है. ऐसे में सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही थी कि वे देश के हालातों से दुनिया को किस तरह रूबरू कराएं. इसके लिए चीनी प्रदर्शनकारियों ने डेटिंग ऐप्स और टेलीग्राम का सहारा लेना शुरू किया.
चीनी प्रदर्शनकारियों ने डेटिंग ऐप्स की डीपी पर सरकार विरोधी प्रदर्शनों की तस्वीरें और वीडियो अपलोड करने शुरू कर दिए. टेलीग्राम के जरिए भी इन प्रदर्शनों की तस्वीरें और वीडियो बड़े पैमाने पर शेयर किए गए. इस तरह इन प्रदर्शनों की जानकारी और चीनी सरकार की बर्बरता की दास्तां बाहर आ सकी.
प्रदर्शनकारी कर रहे कोड वर्ड्स का इस्तेमाल

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