'डीपफेक और आतंकवाद में AI के इस्तेमाल पर रोक जरूरी', G20 समिट में PM मोदी ने ग्लोबल सेफगार्ड्स पर दिया जोर
AajTak
PM मोदी ने कहा कि डीपफेक, अपराध और आतंकवादी गतिविधियों में AI का इस्तेमाल मानवता के लिए गंभीर खतरा बन सकता है और इस पर सख्त प्रतिबंध लगाना जरूरी है. G20 सत्र से पहले PM मोदी ने दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा और ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा के साथ IBSA लीडर्स मीटिंग में हिस्सा लिया.
जोहान्सबर्ग में आयोजित G20 समिट के तीसरे सत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के दुरुपयोग पर कड़ी चेतावनी देते हुए दुनिया से एक ग्लोबल AI कॉम्पैक्ट बनाने की अपील की. PM मोदी ने कहा कि डीपफेक, अपराध और आतंकवादी गतिविधियों में AI का इस्तेमाल मानवता के लिए गंभीर खतरा बन सकता है और इस पर सख्त प्रतिबंध लगाना जरूरी है.
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि AI को मानव-केंद्रित होना चाहिए, न कि सिर्फ वित्तीय लाभ का साधन. उन्होंने सुझाव दिया कि तकनीक का विकास ओपन सोर्स मॉडल पर हो, ताकि इसका लाभ वैश्विक स्तर पर मिल सके. उन्होंने कहा, "AI का उपयोग वैश्विक भलाई के लिए हो और उसका दुरुपयोग बिल्कुल न हो. इसके लिए मानव ओवरसाइट, सेफ़्टी-बाय-डिजाइन और पारदर्शिता जैसे सिद्धांतों पर आधारित ग्लोबल कॉम्पैक्ट अनिवार्य है."
PM की मानव-केंद्रित तकनीक पर दो टूक
PM मोदी ने कहा कि ऐसी AI प्रणालियां, जो सीधे मानव जीवन, सुरक्षा या पब्लिक ट्रस्ट को प्रभावित करती हैं, वे पूरी तरह जिम्मेदार और ऑडिटेबल होनी चाहिए. उन्होंने साफ कहा कि AI मानव क्षमताओं को बढ़ाए, लेकिन अंतिम निर्णय का अधिकार हमेशा इंसानों के हाथ में ही रहना चाहिए.
IBSA मीटिंग में भी बढ़ाया सहयोग का एजेंडा
G20 सत्र से पहले PM मोदी ने दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा और ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा के साथ IBSA लीडर्स मीटिंग में हिस्सा लिया. PM ने कहा कि भारत विकासशील देशों के इस त्रिपक्षीय मंच को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि दक्षिण-दक्षिण सहयोग और वैश्विक संस्थाओं में सुधार का एजेंडा आगे बढ़ाया जा सके.

इजरायल ने ईरान के इस्फहान स्थित नौसैनिक रिसर्च सेंटर पर हमला कर उसकी पनडुब्बी निर्माण क्षमता को बड़ा नुकसान पहुंचाया है. यह केंद्र नौसेना के लिए पनडुब्बियों और सिस्टम विकसित करने का प्रमुख ठिकाना था. इस कार्रवाई से ईरान की सैन्य क्षमता प्रभावित हुई है और क्षेत्र में तनाव बढ़ने की आशंका है. दूसरी ओर, ईरान ने अमेरिका के विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन की ओर मिसाइल दागने का दावा किया है.

डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि वे ईरान से बातचीत कर रहे हैं और होर्मुज स्ट्रेट की उसके साथ संयुक्त निगरानी करेंगे. एक महीने से ईरान पर कहर बरपा रहे ट्रंप पर किसी को विश्वास नहीं हो रहा है. दुनियाभर के मीडिया आउटलेट्स ये कयास लगा रहे हैं कि ट्रंप की तैयारी होर्मुज स्ट्रेट पर बड़े हमले की है. जहां ईरान ने नाकाबंदी की हुई है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान पर नया बयान देकर दुनिया को चौंका दिया है. ट्रंप ने कहा कि ईरान समझौता करना चाहता है और वो समझौता करेंगे. साथ ही उन्होनें ये भी कहा कि ईरान ने अमेरिका को एक तोहफा दिया जो बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण है. ट्रंप ने आगे ये बाताया कि ये तोहपा तेल और गैस से जुड़ा है.










