
डिम्पल नहीं जयंत चौधरी को मिला राज्यसभा का टिकट, SP-RLD के होंगे संयुक्त प्रत्याशी
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राष्ट्रीय लोकदल (आरएलडी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी राज्यसभा जाएंगे. जयंत चौधरी, समाजवादी पार्टी गठबंधन के संयुक्त प्रत्याशी होंगे. इससे पहले डिंपल यादव के नाम की सुगबुगाहट थी, लेकिन ऐन वक्त पर अखिलेश यादव ने जयंत को राज्यसभा भेजने का फैसला किया है.
उत्तर प्रदेश की 11 राज्यसभा सीटों के लिए हो रहे चुनाव में समाजवादी पार्टी ने अपने एक और प्रत्याशी का ऐलान कर दिया है. शुरुआत में खबरें थी कि सपा की ओर से डिंपल यादव राज्यसभा जा सकती हैं, लेकिन अब राष्ट्रीय लोकदल (आरएलडी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी को सपा ने राज्यसभा का टिकट दिया है. जयंत चौधरी, सपा-आरएलडी के संयुक्त प्रत्याशी होंगे.
समाजवादी पार्टी (सपा) ने गुरुवार को अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट करके बताया, 'जयंत चौधरी समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय लोकदल से राज्य सभा के संयुक्त प्रत्याशी होंगे.' इससे पहले सपा ने सपा के मुस्लिम चेहरा जावेद अली और देश के जाने-माने वकील कपिल सिब्बल को अपना प्रत्याशी बनाया है. सिब्बल ने निर्दलीय पर्चा भरा है. उन्हें सपा समर्थन कर रही है.
सिब्बल और जावेद अली भर चुके हैं पर्चा
इससे पहले बुधवार को सपा की ओर से कपिल सिब्बल और जावेद अली ने अपना नामांकन भरा. इस दौरान कपिल सिब्बल ने बताया कि वो 16 मई को ही कांग्रेस से इस्तीफा दे चुके हैं. सिब्बल के नामांकन के दौरान सपा प्रमुख अखिलेश यादव और रामगोपाल यादव भी मौजूद रहे. सिब्बल ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन किया है, जिन्हें सपा समर्थन दे रही है.
2016 में सिब्बल को तत्कालीन सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी द्वारा समर्थित कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में यूपी से राज्यसभा के लिए चुना गया था. कपिल सिब्बल को लेकर ये भी माना जा रहा है कि अखिलेश इस मौके को आजम खान की उपेक्षा और रिहा होने के बाद के हावभाव के बीच भुनाना चाहते हैं. आजम खान ने जेल से बाहर आने के बाद कहा था कि मेरे विनाश में मेरे चाहने वालों का हाथ है.
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