
ट्रेन में हुए खूनखराबे से दहला ब्रिटेन, दो गुटों के बीच चाकूबाजी में 10 लोग हुए घायल
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ब्रिटेन में लंदन जा रही हाईस्पीड ट्रेन पर चाकू से हमला हुआ, जिसमें 10 लोग घायल हुए. पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया. आतंकी हमले की बात से इनकार किया गया है. प्रधानमंत्री और किंग चार्ल्स ने घटना पर दुख जताते हुए पीड़ितों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की.
रिटेन में शनिवार की रात एक बड़ा हादसा हुआ जब लंदन जा रही हाईस्पीड ट्रेन पर सवार यात्रियों पर चाकू से हमला कर दिया गया. इस हमले में 10 लोग घायल हो गए, जिनमें से दो की हालत अभी भी गंभीर बताई जा रही है. यह हमला कैम्ब्रिजशायर के हंटिंगडन स्टेशन के पास हुआ. जानकारी मिलते ही ब्रिटिश ट्रांसपोर्ट पुलिस और सशस्त्र बलों ने ट्रेन को रोककर पूरे इलाके को घेर लिया. पुलिस ने दो लोगों को मौके से गिरफ्तार किया है और दोनों ब्रिटेन के नागरिक हैं और उनकी उम्र करीब 30 साल है.
ब्रिटिश ट्रांसपोर्ट पुलिस ने बताया कि यह कोई आतंकी हमला नहीं है. शुरुआती जांच में पता चला है कि यह एक आपसी झगड़े से जुड़ा मामला है. पुलिस ने कहा कि जांच जारी है और घटना की वजह पर अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी.
यात्रियों ने बताया, ट्रेन में मचा अफरातफरी का माहौल
ट्रेन के यात्रियों ने बताया कि कुछ ही मिनटों में पूरा कोच खून से भर गया था. कई लोग डर के मारे शौचालयों में छिप गए. घटना इतनी तेज़ थी कि किसी को कुछ समझ नहीं आया और फिर अचानक ट्रेन को रोकना पड़ा.
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पीएम और किंग चार्ल्स ने जताया दुख

युद्ध के 24वें दिन आज अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चौंकाने वाला बड़ा ऐलान किया. ट्रंप ने कहा कि बीते 2 दिनों से हो रही बातचीत के बाद मैंने ईरानी पावर प्लांट्स पर 5 दिनों के लिए हमले करना रोक दिया है. गौरतलब है कि भारतीय समय से आज रात ही ईरानी पावर प्लांट्स पर हमला करने की ट्रंप की डेडलाइन पूरी हो रही थी. सवाल ये है कि क्या ट्रंप ने अचानक यू टर्न लिया है? अगर ईरान के साथ बीते 2 दिनों से बातचीत हो रही थी तो लगभग 2 दिनों पहले उन्होंने अल्टीमेटम क्यों दिया था? क्यों उन्होंने शक्ति से शांति की बात की थी? सवाल उठ रहा है कि क्या ईरान के तेवरों के आगे ट्रंप एग्जिट रूट ढूंढ रहे हैं? ट्रंप के ऐलान से क्या युद्ध रुक जाएगा? क्या ईरान और इजरायल युद्ध रोकेंगे? ईरान की मीडिया के अनुसार अमेरिका से ईरान का कोई संपर्क नहीं है.

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर संभावित हमलों को पांच दिनों के लिए रोकने का निर्देश दिया, जिसका कारण दोनों देशों के बीच जारी सकारात्मक बातचीत बताया गया. डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि ईरान से पांच दिनों के भीतर डील हो सकती है. हालांकि, ईरान इन दावों को खारिज कर रहा है. इससे पहले अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने को लेकर चेतावनी दी थी, जिस पर ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी.

ईरान लगातार इजरायल को निशाना बना रहा है. यरुशलम में ईरान के हमले की आशंका को लेकर सायरन बजे. आनन-फानन में लोग बम शेल्टर की ओर भागे. ये सायरन ईरान से मिसाइल और ड्रोन हमलों की चेतावनी देते हैं. हमसे ले पहले कुछ मिनटों का ही समय होता है जिसमें इजरायली नागरिक अपने करीबी बम शेल्टर में तब तक शरण लेते हैं जब तक कि खतरा टल न जाए. देखें वीडियो.

ईरान ने दावा किया है कि उसकी नेवी के एयर डिफेंस ने दो अमेरिकी ड्रोन मार गिराए. ईरान की स्टेट मीडिया के मुताबिक ये दोनों सुसाइड ड्रोन कथित तौर पर अमेरिकी सेना के थे. ईरान की सेना के मुताबिक ड्रोन का पता लगाया गया, उसे ट्रैक किया गया और इससे पहले कि वो बंदर अब्बास नौसैनिक बेस को निशाना बनाते, उन्हें मार गिराया गया. देखें वीडियो.

ईरान-इजरायल युद्ध आज अपने 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है, लेकिन शांति की कोई गुंजाइश दिखने के बजाय यह संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है. ईरान द्वारा इजरायल के अराद और डिमोना शहरों पर किए गए भीषण मिसाइल हमलों से दुनिया हैरान है. ये शहर रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील हैं, इसलिए अब यह जंग सीधे तौर पर परमाणु ठिकानों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गई है. युद्ध का सबसे घातक असर ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है.

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