
ट्रेड से लेकर टेररिज्म तक... ट्रंप ने किए कई बड़े ऐलान, PM मोदी को बताया- टफ नेगोशिएटर!
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पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप ने द्विपक्षीया वार्ता के बाद साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई बड़े ऐलान किया है. पीएम मोदी ने कहा कि हमने अपने द्विपक्षीय व्यापार को 2030 तक दोगुने से भी अधिक बढ़ाकर 500 बिलियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है. हमारी टीमें पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए काम करेंगी. तो वहीं, ट्रंप ने पीएम मोदी को खुद से बेहतर नेगोशिएटर बताया है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में द्विपक्षीय वार्ता के बाद साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जहां उन्होंने दोनों देशों को बीच हुए अहम समझौतों के बारे में जानकारी दी और पत्रकारों के कई सवालों का जवाब दिया. पीएम ने कहा कि 2030 तक हम भारत-अमेरिकी व्यापार को दोगुनी बढ़ोतरी करेंगे. वहीं, ट्रंप ने पीएम मोदी को खुद से बेहतर नेगोशिएटर बताया है.
साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीएम मोदी ने कहा, सबसे पहले मैं, मेरे प्रिय मित्र राष्ट्रपति ट्रंप को मेरे शानदार स्वागत और आतिथ्य सत्कार के लिए हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं. राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत और अमेरिका संबंधों को अपने नेतृत्व से संजोया है, जीवंत बनाया है. आतंक से लड़ने पर हम सहयोग करेंगे. सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जरूरत है. 26/11 के आतंकवादी तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण का निर्णय लेने पर राष्ट्रपति ट्रंप का आभारी हूं. हमारी अदालतें उसे न्याय के कटघरे में लाएंगी. पीएम मोदी ने कहा, 'हम मानते हैं कि भारत और अमेरिका का साथ और सहयोग एक बेहतर विश्व को शेप कर सकता है.'
विकास की ओर अग्रसर है भारत: PM मोदी
PM ने कहा कि अमेरिका के लोग राष्ट्रपति ट्रंप के मोटो, मेक अमेरिका ग्रेट अगेन (Make America Great Again), यानी 'MAGA' से परिचित हैं. भारत के लोग भी विरासत और विकास की पटरी पर विकसित भारत 2047 के दृढ़ संकल्प को लेकर तेज गति शक्ति से विकास की ओर अग्रसर हैं. अमेरिका की भाषा में कहूं तो विकसित भारत का मतलब Make India Great Again, यानी 'MIGA' है. जब अमेरिका और भारत साथ मिलकर काम करते हैं, यानि 'MAGA' और 'MIGA', तब बन जाता है- 'MEGA Partnership for prosperity.' और यही मेगा स्पिरिट हमारे लक्ष्यों को नया स्केल और स्कोप देती है.
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PM ने कहा, 'भारत की रक्षा तैयारियों में अमेरिका की महत्वपूर्ण भूमिका है. रणनीतिक और भरोसेमंद साझेदारों के नाते हम जॉइंट डेवलेपमेंट, जॉइंट प्रोडक्शन और ट्रांसफर ऑफ टेक्नोलॉजी की दिशा में सक्रिय रूप से आगे बढ़ रहे हैं. आज हमने TRUST, यानी Transforming Relationship Utilizing Strategic Technology पर सहमती बनाई है. इसके अंतर्गत क्रिटिकल मिनरल, एडवांस्ड मैटेरियल और फार्मास्यूटिकल की मजबूत सप्लाई चेन बनाने पर जोर दिया जाएगा.'

वेस्ट एशिया में छिड़े युद्ध में आज अमेरिका की तरफ से ऐसे संकेत आए हैं कि जैसे अमेरिका ईरान के सामने थोड़ा झुका हो. अमेरिका ने ईरान के एनर्जी और पावर प्लांट पर हमलों को फिलहाल टाल दिया है. लेकिन सवाल है कि क्यों? अमेरिका और इजरायल का गठबंधन युद्ध के 24 दिनों के बाद भी ईरान को पूरी तरह से झुका नहीं पाया है. शुरुआत में भले ही अमेरिका इजरायल को कामयाबी मिली हो. लेकिन अब तो ऐसा लग रहा है कि जैसे ईरान ने अपने ताकतवर बम युद्ध के इस हिस्से के लिए बचाकर रखे हों. इजरायल के न्यूक्लियर प्लांट तक ईरान के बम गिर रहे हैं. इजरायल का वर्ल्ड क्लास एयर डिफेंस सिस्टम फेल क्यों हो गया.

युद्ध के 24वें दिन आज अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चौंकाने वाला बड़ा ऐलान किया. ट्रंप ने कहा कि बीते 2 दिनों से हो रही बातचीत के बाद मैंने ईरानी पावर प्लांट्स पर 5 दिनों के लिए हमले करना रोक दिया है. गौरतलब है कि भारतीय समय से आज रात ही ईरानी पावर प्लांट्स पर हमला करने की ट्रंप की डेडलाइन पूरी हो रही थी. सवाल ये है कि क्या ट्रंप ने अचानक यू टर्न लिया है? अगर ईरान के साथ बीते 2 दिनों से बातचीत हो रही थी तो लगभग 2 दिनों पहले उन्होंने अल्टीमेटम क्यों दिया था? क्यों उन्होंने शक्ति से शांति की बात की थी? सवाल उठ रहा है कि क्या ईरान के तेवरों के आगे ट्रंप एग्जिट रूट ढूंढ रहे हैं? ट्रंप के ऐलान से क्या युद्ध रुक जाएगा? क्या ईरान और इजरायल युद्ध रोकेंगे? ईरान की मीडिया के अनुसार अमेरिका से ईरान का कोई संपर्क नहीं है.

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर संभावित हमलों को पांच दिनों के लिए रोकने का निर्देश दिया, जिसका कारण दोनों देशों के बीच जारी सकारात्मक बातचीत बताया गया. डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि ईरान से पांच दिनों के भीतर डील हो सकती है. हालांकि, ईरान इन दावों को खारिज कर रहा है. इससे पहले अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने को लेकर चेतावनी दी थी, जिस पर ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी.

ईरान लगातार इजरायल को निशाना बना रहा है. यरुशलम में ईरान के हमले की आशंका को लेकर सायरन बजे. आनन-फानन में लोग बम शेल्टर की ओर भागे. ये सायरन ईरान से मिसाइल और ड्रोन हमलों की चेतावनी देते हैं. हमसे ले पहले कुछ मिनटों का ही समय होता है जिसमें इजरायली नागरिक अपने करीबी बम शेल्टर में तब तक शरण लेते हैं जब तक कि खतरा टल न जाए. देखें वीडियो.

ईरान ने दावा किया है कि उसकी नेवी के एयर डिफेंस ने दो अमेरिकी ड्रोन मार गिराए. ईरान की स्टेट मीडिया के मुताबिक ये दोनों सुसाइड ड्रोन कथित तौर पर अमेरिकी सेना के थे. ईरान की सेना के मुताबिक ड्रोन का पता लगाया गया, उसे ट्रैक किया गया और इससे पहले कि वो बंदर अब्बास नौसैनिक बेस को निशाना बनाते, उन्हें मार गिराया गया. देखें वीडियो.

ईरान-इजरायल युद्ध आज अपने 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है, लेकिन शांति की कोई गुंजाइश दिखने के बजाय यह संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है. ईरान द्वारा इजरायल के अराद और डिमोना शहरों पर किए गए भीषण मिसाइल हमलों से दुनिया हैरान है. ये शहर रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील हैं, इसलिए अब यह जंग सीधे तौर पर परमाणु ठिकानों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गई है. युद्ध का सबसे घातक असर ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है.







