
ट्रंप ने चीन के साथ टैरिफ की डेडलाइन 90 दिनों के लिए और बढ़ाई, AI चिप्स को लेकर तनाव बरकरार
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अमेरिका और चीन के बीच चल रहे व्यापार युद्ध में थोड़ी राहत मिली है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन पर लगने वाले टैरिफ की डेडलाइन को 90 दिन और बढ़ाने का ऐलान किया है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन के साथ जारी व्यापारिक विवाद के बीच टैरिफ की समय सीमा को अगले 90 दिनों के लिए बढ़ा दिया है. व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने सोमवार को सीएनबीसी को इसकी जानकारी दी.
यह कदम अमेरिका और चीन के बीच स्टॉकहोम में हुई हालिया व्यापार वार्ता के बाद आया है और इसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच तनाव को कम करना है. बीजिंग और वाशिंगटन के बीच टैरिफ संघर्ष विराम 12 अगस्त को 12:01 बजे समाप्त होने वाला था.
इससे पहले मई में जिनेवा में हुई वार्ता के बाद दोनों देशों ने 90 दिनों के लिए ज्यादातर टैरिफ को स्थगित करने पर सहमति जताई थी. स्टॉकहोम में पिछले महीने हुई बातचीत के बाद यह संकेत मिलने लगे थे कि टैरिफ डेडलाइन बढ़ सकती है.
टैरिफ की समय सीमा क्यों बढ़ाई गई?
यह विस्तार 12 अगस्त को समाप्त हो रहे 90-दिनों के व्यापारिक समझौते के ठीक पहले आया है. यदि यह समय सीमा नहीं बढ़ाई जाती, तो अमेरिकी टैरिफ चीन से आने वाले सामानों पर अप्रैल में लगाए गए अपने सर्वोच्च स्तर पर वापस चले जाते.
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लेकिन अब ये कहानी उल्टी घूमने लगी है और हो ये रहा है कि अमेरिका और चीन जैसे देशों ने अमेरिका से जो US BONDS खरीदे थे, उन्हें इन देशों ने बेचना शुरू कर दिया है और इन्हें बेचकर भारत और चाइना को जो पैसा मिल रहा है, उससे वो सोना खरीद रहे हैं और क्योंकि दुनिया के अलग अलग केंद्रीय बैंकों द्वारा बड़ी मात्रा में सोना खरीदा जा रहा है इसलिए सोने की कीमतों में जबरदस्त वृद्धि हो रही हैं.

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