
ट्रंप ने उतारे फाइटर जेट, गर्दन पर लटकी जंग की तलवार... लेकिन समर्थकों संग झूमते दिखे वेनेजुएला के मादुरो- VIDEO
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अमेरिका और वेनेजुएला के बीच तनाव दिसंबर 2025 में चरम पर है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा
वेनेजुएला में राजधानी कराकास की सड़कों पर एक असाधारण नजारा देखने को मिला. तेज संगीत, झंडों की लहर, विशाल भीड़ और बीच मंच पर वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मदुरो - ताल पर नाचते, हाथ हवा में उठाए, मानो हर कदम से यह संदेश देने की कोशिश कर रहे हों कि वे अभी भी लड़ाई के लिए तैयार हैं. यह नजारा जितना रंगीन था, उतना ही तनावपूर्ण भी, क्योंकि यह सब अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की तीखी चेतावनी के कुछ ही घंटों बाद हुआ.
दिसंबर 2025 में अमेरिका ने कैरेबियन और प्यूर्टो रिको क्षेत्र में बड़े पैमाने पर सैन्य तैनाती की है, जिसमें युद्धपोतों के साथ एक एयरक्राफ्ट कैरियर, 15,000 से अधिक सैनिक, F-35 और F-22 स्टेल्थ जेट्स, B-52H और B-1B बॉम्बर्स शामिल हैं.
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अमेरिकी सेना अब तक 20 से ज्यादा जहाजों को निशाना बना चुकी है, जिससे 80 से अधिक लोगों की मौत हुई है. ट्रंप प्रशासन का दावा है कि यह कार्रवाई वेनेजुएला के ड्रग नेटवर्क और "अवैध तस्करी" के खिलाफ है.
निकोलस मादुरो भी कर रहे तैयारी
उधर मदुरो ने भी अपनी तैयारी का डंका बजाया है. वेनेजुएला ने अपने S-300VM एयर डिफेंस सिस्टम, Buk-M2E बैटरियां और Su-30MK2 फाइटर जेट्स सक्रिय कर दिए हैं. लगभग 5,600 नए सैनिकों को शपथ दिलाई गई है और 4 मिलियन से ज्यादा मिलिशिया को सक्रिय करने की चेतावनी दी गई है. मदुरो का आरोप है कि अमेरिका तेल पर कब्जा करने और शासन परिवर्तन की साजिश रच रहा है.

ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बघेर गलीबाफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अमेरिका-ईरान वार्ता का दावा फर्जी बताया. उनका कहना है कि यह वित्तीय और तेल बाजार को प्रभावित करने और अमेरिका-इजरायल की रणनीतिक विफलताओं से ध्यान हटाने के लिए फैलाया गया. ईरान ने किसी भी वार्ता की पुष्टि से इनकार किया.

वेस्ट एशिया में छिड़े युद्ध में आज अमेरिका की तरफ से ऐसे संकेत आए हैं कि जैसे अमेरिका ईरान के सामने थोड़ा झुका हो. अमेरिका ने ईरान के एनर्जी और पावर प्लांट पर हमलों को फिलहाल टाल दिया है. लेकिन सवाल है कि क्यों? अमेरिका और इजरायल का गठबंधन युद्ध के 24 दिनों के बाद भी ईरान को पूरी तरह से झुका नहीं पाया है. शुरुआत में भले ही अमेरिका इजरायल को कामयाबी मिली हो. लेकिन अब तो ऐसा लग रहा है कि जैसे ईरान ने अपने ताकतवर बम युद्ध के इस हिस्से के लिए बचाकर रखे हों. इजरायल के न्यूक्लियर प्लांट तक ईरान के बम गिर रहे हैं. इजरायल का वर्ल्ड क्लास एयर डिफेंस सिस्टम फेल क्यों हो गया.

युद्ध के 24वें दिन आज अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चौंकाने वाला बड़ा ऐलान किया. ट्रंप ने कहा कि बीते 2 दिनों से हो रही बातचीत के बाद मैंने ईरानी पावर प्लांट्स पर 5 दिनों के लिए हमले करना रोक दिया है. गौरतलब है कि भारतीय समय से आज रात ही ईरानी पावर प्लांट्स पर हमला करने की ट्रंप की डेडलाइन पूरी हो रही थी. सवाल ये है कि क्या ट्रंप ने अचानक यू टर्न लिया है? अगर ईरान के साथ बीते 2 दिनों से बातचीत हो रही थी तो लगभग 2 दिनों पहले उन्होंने अल्टीमेटम क्यों दिया था? क्यों उन्होंने शक्ति से शांति की बात की थी? सवाल उठ रहा है कि क्या ईरान के तेवरों के आगे ट्रंप एग्जिट रूट ढूंढ रहे हैं? ट्रंप के ऐलान से क्या युद्ध रुक जाएगा? क्या ईरान और इजरायल युद्ध रोकेंगे? ईरान की मीडिया के अनुसार अमेरिका से ईरान का कोई संपर्क नहीं है.

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर संभावित हमलों को पांच दिनों के लिए रोकने का निर्देश दिया, जिसका कारण दोनों देशों के बीच जारी सकारात्मक बातचीत बताया गया. डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि ईरान से पांच दिनों के भीतर डील हो सकती है. हालांकि, ईरान इन दावों को खारिज कर रहा है. इससे पहले अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने को लेकर चेतावनी दी थी, जिस पर ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी.

ईरान लगातार इजरायल को निशाना बना रहा है. यरुशलम में ईरान के हमले की आशंका को लेकर सायरन बजे. आनन-फानन में लोग बम शेल्टर की ओर भागे. ये सायरन ईरान से मिसाइल और ड्रोन हमलों की चेतावनी देते हैं. हमसे ले पहले कुछ मिनटों का ही समय होता है जिसमें इजरायली नागरिक अपने करीबी बम शेल्टर में तब तक शरण लेते हैं जब तक कि खतरा टल न जाए. देखें वीडियो.

ईरान ने दावा किया है कि उसकी नेवी के एयर डिफेंस ने दो अमेरिकी ड्रोन मार गिराए. ईरान की स्टेट मीडिया के मुताबिक ये दोनों सुसाइड ड्रोन कथित तौर पर अमेरिकी सेना के थे. ईरान की सेना के मुताबिक ड्रोन का पता लगाया गया, उसे ट्रैक किया गया और इससे पहले कि वो बंदर अब्बास नौसैनिक बेस को निशाना बनाते, उन्हें मार गिराया गया. देखें वीडियो.







