
ट्रंप के बहाने BJP ने मोदी के चौथे टर्म और 'मार्गदर्शक मंडल' को लेकर किया इशारा | Opinion
AajTak
जिस 8 साल की उम्र में डोनाल्ड ट्रंप ने शानदार वापसी की है, बीजेपी अपने नेताओं को मार्गदर्शक मंडल में भेज देती है, लेकिन अमित मालवीय का संकेत समझें तो लगता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर ऐसी बातें लागू नहीं होने जा रही हैं. उनके मार्गदर्शक मंडल में जाने की अटकलों को छोड़िये, चौथे टर्म की तैयारी चल रही है.
लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजे आने के बाद से ही ब्रांड मोदी और मोदी के जादू पर सवाल उठने लगे हैं. सवाल उठने की खास वजह भी है. बीजेपी अपने बूते आम चुनाव में बहुमत भी नहीं हासिल कर सकी - और बैसाखी के सहारे एनडीए की सरकार बनानी पड़ी.
नरेंद्र मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री जरूर बन गये, लेकिन अभी तक ये आशंका भी खत्म नहीं हुई है कि तब क्या होगा जब टीडीपी नेता एन. चंद्रबाबू नायडू या जेडीयू नेता नीतीश कुमार या दोनो बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार से समर्थन वापस ले लेंगे? वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर टीएमसी नेता ममता बनर्जी की तरफ बीजेपी उम्मीदों भरी नजर से देखती आ रही है. कोलकाता के मेडिकल कॉलेज के रेप-मर्डर केस में केंद्र सरकार के सॉफ्ट रवैये में इसकी झलकी भी देखी जा चुकी है.
लोकसभा चुनाव के दौरान आम आदमी पार्टी नेता अरविंद केजरीवाल ने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को केंद्र में रखकर 75 साल के होने जा रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम भी लिया, था - और कुछ दिनों से उनके उत्तराधिकारी को लेकर भी चर्चा जोर पकड़ने लगी है.
ऐसे में, ये सवाल तो बनता ही है कि जब 78 साल की उम्र में डोनाल्ड ट्रंप की अमेरिकी राष्ट्रपति के तौर पर वापसी हो सकती है, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी चौथी पारी क्यों नहीं खेल सकते? और सोशल मीडिया पर ये बहस छेड़ी से बीजेपी के आईटी सेल के हेड अमित मालवीय ने.
डोनाल्ड ट्रंप और नरेंद्र मोदी
कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर एक ज्योतिषी की भविष्यवाणी खूब शेयर की जा रही है. ये वायरल वीडियो एक पॉडकास्ट का है, जिसमें ज्योतिषी दावा करता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपना तीसरा टर्म पूरा नहीं कर पाएंगे. स्वयंभू सिग्नेचर एक्सपर्ट ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के जेल जाने और मुकेश अंबानी की तबीयत के बारे में भी प्रेडिक्शन किया है.

लेकिन अब ये कहानी उल्टी घूमने लगी है और हो ये रहा है कि अमेरिका और चीन जैसे देशों ने अमेरिका से जो US BONDS खरीदे थे, उन्हें इन देशों ने बेचना शुरू कर दिया है और इन्हें बेचकर भारत और चाइना को जो पैसा मिल रहा है, उससे वो सोना खरीद रहे हैं और क्योंकि दुनिया के अलग अलग केंद्रीय बैंकों द्वारा बड़ी मात्रा में सोना खरीदा जा रहा है इसलिए सोने की कीमतों में जबरदस्त वृद्धि हो रही हैं.

इस वीडियो में जानिए कि दुनिया में अमेरिकी डॉलर को लेकर कौन सा नया आर्थिक परिवर्तन होने वाला है और इसका आपके सोने-चांदी के निवेश पर क्या प्रभाव पड़ेगा. डॉलर की स्थिति में बदलाव ने वैश्विक बाजारों को हमेशा प्रभावित किया है और इससे निवेशकों की आर्थिक समझ पर भी असर पड़ता है. इस खास रिपोर्ट में आपको विस्तार से बताया गया है कि इस नए भूचाल के कारण सोने और चांदी के दामों में क्या संभावित बदलाव आ सकते हैं तथा इससे आपके निवेश को कैसे लाभ या हानि हो सकती है.

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ब्रिटेन के पीएम की मेजबानी करते हुए कहा है कि अंतरराष्ट्रीय कानून तभी सच में असरदार हो सकता है जब सभी देश इसका पालन करें. राष्ट्रपति शी ने अमेरिका का नाम लिए बिना कहा कि अगर बड़े देश ऐसा करेंगे नहीं तो दुनिया में जंगल का कानून चलेगा. विश्व व्यवस्था जंगल राज में चली जाएगी.

ईरान की धमकियों के जवाब में अमेरिका ने मध्य-पूर्व में अपने कई सहयोगियों के साथ सबसे बड़ा युद्धाभ्यास शुरू किया है. यह युद्धाभ्यास US एयर फोर्सेज सेंट्रल (AFCENT) द्वारा आयोजित किया गया है, जो कई दिनों तक चलेगा. इस युद्धाभ्यास की घोषणा 27 जनवरी को हुई थी और यह अभी भी जारी है. माना जा रहा है कि यह अभ्यास अगले दो से तीन दिनों तक चलेगा. इस प्रयास का मकसद क्षेत्र में तनाव के बीच सैन्य तैयारियों को बढ़ाना और सहयोगियों के साथ सामरिक तालमेल को मजबूत करना है.

कोलंबिया और वेनेज़ुएला की सीमा के पास एक जेट विमान अचानक लापता हो गया. यह विमान फ्लाइट नंबर NSE 8849 थी जो कुकुटा से ओकाना की ओर जा रही थी. इस विमान ने सुबह 11 बजकर 42 मिनट पर उड़ान भरी थी लेकिन लैंडिंग से पहले ही एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क टूट गया. राडार से इस विमान का अचानक गायब होना चिंता का विषय है.

वेनेजुएला में मिली बड़ी कामयाबी के बाद अब डॉनल्ड ट्रंप का आत्मविश्वास आसमान छू रहा है। कूटनीति के गलियारों में चर्चा है कि ट्रंप के मुंह 'खून लग गया है' और अब उनकी नज़रें क्यूबा और ईरान पर टिक गई हैं... और अब वो कह रहे हैं- ये दिल मांगे मोर...। ट्रंप की रणनीति अब सिर्फ दबाव तक सीमित नहीं है, बल्कि वे सीधे सत्ता परिवर्तन के खेल में उतर चुके हैं। क्या क्यूबा और ईरान ट्रंप की इस 'मोमेंटम' वाली कूटनीति का मुकाबला कर पाएंगे?







