
ट्रंप की बमबारी की धमकी के बाद ईरान-अमेरिका के बीच ईरान में होगी बैठक, न्यूक्लियर डील पर शुरू होगी चर्चा
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ईरान और अमेरिका शनिवार को हाई-लेवल परमाणु वार्ता करेंगे. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने धमकी दी थी कि वार्ता असफल होने पर बमबारी हो सकती है. ओमान में होने वाली इस वार्ता की मध्यस्थता ओमानी विदेश मंत्री करेंगे.
ईरान और अमेरिका के बीच शनिवार को एक अहम परमाणु वार्ता होगी. इस वार्ता की अगुवाई ईरान की तरफ से विदेश मंत्री अब्बास अराकची और अमेरिका की तरफ से विशेष दूत स्टीव विटकोफ करेंगे. इस वार्ता में ओमानी विदेश मंत्री बदर अल-बुसैदी मध्यस्थता करेंगे.
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के द्वारा सोमवार को अचानक किए गए ऐलान के बाद व्हाइट हाउस ने शुक्रवार को एक बार फिर से धमकी दी है कि अगर ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को बंद करने के लिए सहमत नहीं होता है, तो "नरक जैसी स्थिति" का सामना करना पड़ेगा.
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धमकी और दबाव के बिना समझौते की संभावना!
ईरानी मीडिया ने शुक्रवार को कहा कि यह वार्ता अमेरिका के साथ ईरान के संबंधों में एक नया मोड़ लेकर आ सकती है. वहीं, ईरान के उप विदेश मंत्री माजिद तख्त-ए-रवांची ने बताया कि अमेरिकी धमकी और दबाव के बिना समझौते की संभावना बनी रहती है.
अगर ईमानदारी से बातचीत में शामिल हो अमेरिका...

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भले ही मीडिया के सामने सेना भेजने की बात से इनकार किया हो, लेकिन 2,200 मरीन सैनिकों के साथ यूएसएस त्रिपोली युद्धपोत का मिडिल ईस्ट की ओर बढ़ना कुछ और ही इशारा कर रहा है. ट्रंप का मुख्य मकसद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के तेल मार्ग को ईरान के कब्जे से छुड़ाना और वहां दबे यूरेनियम भंडार को सुरक्षित करना है. अगर ये सेना तैनात होती है, तो यह पिछले दो दशकों में अमेरिका का सबसे बड़ा सैन्य कदम होगा.

महायुद्ध तीसरे हफ्ते में पहुंच गया है...लेकिन बम-बारूद-गोले थम ही नहीं रहे ..। कहां तो युद्ध ईरान को न्यूक्लियर पावर बनने से रोकने के लिए शुरू हुआ...और कहां ये जंग तेल युद्ध बनकर दुनिया को धधका रहा है...। समझ नहीं आ रहा कि ये जंग किसे धुरंधर बना रहा...एक तरफ तबाही है...तो दूसरी तरफ तेल-गैस-हीलियम संकट...जो हर घर...हर परिवार पर असर डाल रहा है..

अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध में अब तेल-गैस के ठिकानों पर हमले से तनाव बढ़ गया है. पूरे दुनिया पर ऊर्जा का संकट बढ़ता जा रहा है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने से तेल के बाजार में पहले ही उथल-पुथल मची है. अब दोनों ओर से ताजा हमलों से पूरी दुनिया महंगाई के बड़े संकट की ओर बढ़ती जा रही है. देखें लंच ब्रेक.

चाहे हालात शांति के हों या युद्ध जैसे तनावपूर्ण, जिंदगी कभी नहीं रुकती, इसकी मिसाल लेबनान में देखने को मिली. मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच यहां दुनिया के अलग-अलग देशों से आए हजारों लोग, जो काम के सिलसिले में लेबनान में रह रहे हैं, उन्होंने इजरायली हमलों और तमाम चुनौतियों के बावजूद ईद-उल-फितर का त्योहार पूरे उत्साह के साथ मनाया. संघर्ष और अनिश्चितता के बीच भी लोगों ने एक-दूसरे के साथ खुशियां साझा कीं.

होर्मुज को लेकर तनातनी जारी है. इस बीच छह देशों ने एक बयान जारी किया है ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान और नीदरलैंड्स ने कहा है कि वे हॉर्मुज़ में सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करने के लिए अपना योगदान देने के लिए तैयार हैं. हालांकि, इटली, जर्मनी और फ्रांस ने बाद में स्पष्ट किया कि वे तत्काल किसी सैन्य सहायता की बात नहीं कर रहे हैं. इन देशों ने क्या शर्त रखी है. जानें.

ईरान ने 66वें राउंड का हमला शुरू कर दिया है. ईरान ने मिसाइलों के जरिए इजरायल पर 66वें राउंड के हमले किए हैं. इधर ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने एक बहुत बड़ा दावा किया है .IRGC ने अमेरिकी सेना के एक F-35 लड़ाकू विमान पर हमले का दावा किया है और इसका वीडियो भी जारी किया है. दावे के मुताबिक अमेरिकी लड़ाकू विमान को काफी नुकसान पहुंचा है. देखें 9 बज गए

ईरान ने सोचा था कि वो सिर्फ अपने जज्बे और कुछ मिसाइलों और ड्रोन के भरोसे जंग जीत लेगा. इसी ओवर-कॉन्फिडेंस वो मात खाता जा रहा है, जब उसके एक के बाद एक बड़े नेता ताबूत में बंद होते दिखाई दे रहे हैं. ईरानी जज्बे का मुकाबला इजरायली इंटेलिजेंस यानी दुनिया के सबसे बड़े खुफिया नेटवर्क से है. वो नेटवर्क जो ईरानी नेताओं के बेडरूम तक घुसा हुआ है.






