
ट्रंप की जीत से इजरायल में जोश, ईरान के उड़ेंगे होश?
AajTak
डोनाल्ड ट्रंप का दोबारा जीतकर आना इजरायल के लिए फायदेमंद और क्यों ईरान के लिए नया झटका माना जा रहा है. अब ट्रंप की जीत के बाद एक बार फिर सबकी निगाहें मिडिल ईस्ट की ओर हैं और उम्मीद लगा रहे हैं कि क्या मिडिल ईस्ट में युद्ध रुकेगा? क्या ट्रंप के आने से ईरान को लगता है कि इजरायल का ही फायदा है?
अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप अभी तक रुझानों में 277 इलेक्टोरल वोट मिलते दिख रहे हैं, जबकि उनकी प्रतिद्वंदी कमला हैरिस को 224 इलेक्टोरल वोट मिल सकते हैं. जहां ट्रंप का एक फिर से राष्ट्रपति बनाना कई देशों के लिए फायदेमंद है तो कई देशों के लिए बड़ा झटका साबित हो सकती है. इस लिस्ट में इजरायल और ईरान जैसे देश शामिल हैं. साथ ही इजरायल ने सच्ची दोस्ती के नाम ट्रंप को जीत की बधाई दी है.
डोनाल्ड ट्रंप का दोबारा जीतकर आना इजरायल के लिए फायदेमंद और क्यों ईरान के लिए नया झटका माना जा रहा है, क्योंकि ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल में इजरायल का खुलकर समर्थन किया था तो ईरान परमाणु समझौते को रद्द कर दिया था. उस वक्त इजरायल ने ट्रंप का समर्थन किया था. माना जा रहा है कि ट्रंप की फिर से सत्ता में वापसी से इजरायल को फायदा हो सकता है.
इसी दौरान फ्लोरिडा में जीत के बाद ट्रंप का डांस करते हुए एक वीडियो सामने आया था, जिस पर इजरायल की मीडिया ने ट्रंप की विक्ट्री पर खुशी जाहिर की थी. इजरायल लगातार ईरान से लेकर गाजा में हमास, लेबनान में हिज्बुल्लाह, यमन में हूती आतंकियों के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं और अब ऐसे में ट्रंप की जीत से उसे लगता है कि एक बार फिर अमेरिका में उसके और भी मजबूत दोस्त सत्ता में वापसी कर चुके हैं.
इजरायली मीडिया ने जाहिर की खुशी
शुरुआती रुझानों में ट्रंप की जीत पर खुशी जाहिर करते हुए इजरायल के पीएम ने सोशल मीडिया पर लिखा, इतिहास के सबसे बड़े कमबैक की बधाई. ये ऐतिहासिक वापसी अमेरिका-इजरायल के पावरफुल संबंधों को और मजबूत करेगी.
ट्रंप ने गोलान पहाड़ी को दी मान्यता

लेकिन अब ये कहानी उल्टी घूमने लगी है और हो ये रहा है कि अमेरिका और चीन जैसे देशों ने अमेरिका से जो US BONDS खरीदे थे, उन्हें इन देशों ने बेचना शुरू कर दिया है और इन्हें बेचकर भारत और चाइना को जो पैसा मिल रहा है, उससे वो सोना खरीद रहे हैं और क्योंकि दुनिया के अलग अलग केंद्रीय बैंकों द्वारा बड़ी मात्रा में सोना खरीदा जा रहा है इसलिए सोने की कीमतों में जबरदस्त वृद्धि हो रही हैं.

इस वीडियो में जानिए कि दुनिया में अमेरिकी डॉलर को लेकर कौन सा नया आर्थिक परिवर्तन होने वाला है और इसका आपके सोने-चांदी के निवेश पर क्या प्रभाव पड़ेगा. डॉलर की स्थिति में बदलाव ने वैश्विक बाजारों को हमेशा प्रभावित किया है और इससे निवेशकों की आर्थिक समझ पर भी असर पड़ता है. इस खास रिपोर्ट में आपको विस्तार से बताया गया है कि इस नए भूचाल के कारण सोने और चांदी के दामों में क्या संभावित बदलाव आ सकते हैं तथा इससे आपके निवेश को कैसे लाभ या हानि हो सकती है.

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ब्रिटेन के पीएम की मेजबानी करते हुए कहा है कि अंतरराष्ट्रीय कानून तभी सच में असरदार हो सकता है जब सभी देश इसका पालन करें. राष्ट्रपति शी ने अमेरिका का नाम लिए बिना कहा कि अगर बड़े देश ऐसा करेंगे नहीं तो दुनिया में जंगल का कानून चलेगा. विश्व व्यवस्था जंगल राज में चली जाएगी.

ईरान की धमकियों के जवाब में अमेरिका ने मध्य-पूर्व में अपने कई सहयोगियों के साथ सबसे बड़ा युद्धाभ्यास शुरू किया है. यह युद्धाभ्यास US एयर फोर्सेज सेंट्रल (AFCENT) द्वारा आयोजित किया गया है, जो कई दिनों तक चलेगा. इस युद्धाभ्यास की घोषणा 27 जनवरी को हुई थी और यह अभी भी जारी है. माना जा रहा है कि यह अभ्यास अगले दो से तीन दिनों तक चलेगा. इस प्रयास का मकसद क्षेत्र में तनाव के बीच सैन्य तैयारियों को बढ़ाना और सहयोगियों के साथ सामरिक तालमेल को मजबूत करना है.

कोलंबिया और वेनेज़ुएला की सीमा के पास एक जेट विमान अचानक लापता हो गया. यह विमान फ्लाइट नंबर NSE 8849 थी जो कुकुटा से ओकाना की ओर जा रही थी. इस विमान ने सुबह 11 बजकर 42 मिनट पर उड़ान भरी थी लेकिन लैंडिंग से पहले ही एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क टूट गया. राडार से इस विमान का अचानक गायब होना चिंता का विषय है.

वेनेजुएला में मिली बड़ी कामयाबी के बाद अब डॉनल्ड ट्रंप का आत्मविश्वास आसमान छू रहा है। कूटनीति के गलियारों में चर्चा है कि ट्रंप के मुंह 'खून लग गया है' और अब उनकी नज़रें क्यूबा और ईरान पर टिक गई हैं... और अब वो कह रहे हैं- ये दिल मांगे मोर...। ट्रंप की रणनीति अब सिर्फ दबाव तक सीमित नहीं है, बल्कि वे सीधे सत्ता परिवर्तन के खेल में उतर चुके हैं। क्या क्यूबा और ईरान ट्रंप की इस 'मोमेंटम' वाली कूटनीति का मुकाबला कर पाएंगे?







