
ट्रंप का 'रेसिप्रोकल टैरिफ' भारत के किन सेक्टर्स पर डालेगा असर!
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भारत पर भी अगर डोनाल्ड ट्रंप रेसिप्रोकल टैरिफ लगाते हैं तो इसका भारत से अमेरिका में होने वाले एक्सपोर्ट पर गहरा असर पड़ सकता है. ये असर सिर्फ आयात तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि हजारों कर्मचारियों पर भी इसका असर पड़ सकता है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप रेसिप्रोकल टैरिफ का ऐलान कर चुके हैं. उन्होंने कहा है कि वह हर देश पर उतना ही टैरिफ लगाएंगे, जितना वो देश अमेरिका पर लगाता है. भले ही सुनने में ट्रंप की ये बात बराबरी और समानता के लिहाज से ठीक लगती है. लेकिन असल में कई देशों के लिए ट्रंप का यह फैसला सिरदर्द बन सकता है.
एशियाई देशों की बात करें तो भारत जैसे उभरते देश के लिए यह टैरिफ जापान जैसे विकसित देश की तुलना में ज्यादा जोखिम पैदा करता है. भारत पर भी अगर डोनाल्ड ट्रंप रेसिप्रोकल टैरिफ लगाते हैं तो इसका भारत से अमेरिका में होने वाले एक्सपोर्ट पर गहरा असर पड़ सकता है. ये असर सिर्फ आयात तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि हजारों कर्मचारियों पर भी इसका असर पड़ सकता है.
प्रेस कांफ्रेंस में ट्रंप ने क्या कहा
ट्रंप ने 13 फरवरी को पीएम मोदी के साथ वॉशिंगटन डीसी में संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस की. पीएम मोदी भी इस दौरान उनके साथ थे. ट्रंप ने भारत के साथ व्यापार में 'निष्पक्षता और पारस्परिकता' लागू करने की योजना का ऐलान किया.
ट्रंप का कहना है कि उनका उद्देश्य भारत के साथ द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाना और दोनों अर्थव्यवस्थाओं के बीच टैरिफ संरचनाओं में समानता लाना है. संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने कहा कि जो भी टैरिफ भारत लगाता है, हम भी उतना ही टैरिफ लगाते हैं. हम एक निश्चित स्तर का खेल मैदान चाहते हैं.
ट्रेड में भारत को होता है फायदा

ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बघेर गलीबाफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अमेरिका-ईरान वार्ता का दावा फर्जी बताया. उनका कहना है कि यह वित्तीय और तेल बाजार को प्रभावित करने और अमेरिका-इजरायल की रणनीतिक विफलताओं से ध्यान हटाने के लिए फैलाया गया. ईरान ने किसी भी वार्ता की पुष्टि से इनकार किया.

वेस्ट एशिया में छिड़े युद्ध में आज अमेरिका की तरफ से ऐसे संकेत आए हैं कि जैसे अमेरिका ईरान के सामने थोड़ा झुका हो. अमेरिका ने ईरान के एनर्जी और पावर प्लांट पर हमलों को फिलहाल टाल दिया है. लेकिन सवाल है कि क्यों? अमेरिका और इजरायल का गठबंधन युद्ध के 24 दिनों के बाद भी ईरान को पूरी तरह से झुका नहीं पाया है. शुरुआत में भले ही अमेरिका इजरायल को कामयाबी मिली हो. लेकिन अब तो ऐसा लग रहा है कि जैसे ईरान ने अपने ताकतवर बम युद्ध के इस हिस्से के लिए बचाकर रखे हों. इजरायल के न्यूक्लियर प्लांट तक ईरान के बम गिर रहे हैं. इजरायल का वर्ल्ड क्लास एयर डिफेंस सिस्टम फेल क्यों हो गया.

युद्ध के 24वें दिन आज अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चौंकाने वाला बड़ा ऐलान किया. ट्रंप ने कहा कि बीते 2 दिनों से हो रही बातचीत के बाद मैंने ईरानी पावर प्लांट्स पर 5 दिनों के लिए हमले करना रोक दिया है. गौरतलब है कि भारतीय समय से आज रात ही ईरानी पावर प्लांट्स पर हमला करने की ट्रंप की डेडलाइन पूरी हो रही थी. सवाल ये है कि क्या ट्रंप ने अचानक यू टर्न लिया है? अगर ईरान के साथ बीते 2 दिनों से बातचीत हो रही थी तो लगभग 2 दिनों पहले उन्होंने अल्टीमेटम क्यों दिया था? क्यों उन्होंने शक्ति से शांति की बात की थी? सवाल उठ रहा है कि क्या ईरान के तेवरों के आगे ट्रंप एग्जिट रूट ढूंढ रहे हैं? ट्रंप के ऐलान से क्या युद्ध रुक जाएगा? क्या ईरान और इजरायल युद्ध रोकेंगे? ईरान की मीडिया के अनुसार अमेरिका से ईरान का कोई संपर्क नहीं है.

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर संभावित हमलों को पांच दिनों के लिए रोकने का निर्देश दिया, जिसका कारण दोनों देशों के बीच जारी सकारात्मक बातचीत बताया गया. डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि ईरान से पांच दिनों के भीतर डील हो सकती है. हालांकि, ईरान इन दावों को खारिज कर रहा है. इससे पहले अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने को लेकर चेतावनी दी थी, जिस पर ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी.

ईरान लगातार इजरायल को निशाना बना रहा है. यरुशलम में ईरान के हमले की आशंका को लेकर सायरन बजे. आनन-फानन में लोग बम शेल्टर की ओर भागे. ये सायरन ईरान से मिसाइल और ड्रोन हमलों की चेतावनी देते हैं. हमसे ले पहले कुछ मिनटों का ही समय होता है जिसमें इजरायली नागरिक अपने करीबी बम शेल्टर में तब तक शरण लेते हैं जब तक कि खतरा टल न जाए. देखें वीडियो.

ईरान ने दावा किया है कि उसकी नेवी के एयर डिफेंस ने दो अमेरिकी ड्रोन मार गिराए. ईरान की स्टेट मीडिया के मुताबिक ये दोनों सुसाइड ड्रोन कथित तौर पर अमेरिकी सेना के थे. ईरान की सेना के मुताबिक ड्रोन का पता लगाया गया, उसे ट्रैक किया गया और इससे पहले कि वो बंदर अब्बास नौसैनिक बेस को निशाना बनाते, उन्हें मार गिराया गया. देखें वीडियो.







