
टोरंटो में मारे गए भारतीय छात्र Kartik Vasudev का हत्यारोपी अरेस्ट, भारी मात्रा में हथियार बरामद
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Kartik Vasudev Murder Case: कनाडा के टोरंटो में मारे गए भारतीय छात्र कार्तिक वासुदेव के हत्यारोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. पकड़े गए आरोपी का नाम जोनाथन एडवर्ड है.
Kartik Vasudev Murder Case: कनाडा के टोरंटो में मारे गए 21 साल के भारतीय छात्र कार्तिक वासुदेव के हत्यारोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. पकड़े गए आरोपी का नाम जोनाथन एडवर्ड है. उसकी उम्र 35 साल बताई गई है. आरोपी जोनाथन एडवर्ड ने 48 घंटे के भीतर ही स्पेन में एलिजाह एलीआजर महेपथ (Elijah Eleazar Mahepath) की भी हत्या की थी. कार्तिक वासुदेव उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के रहने वाले हैं. उन्हें तीन साल की कड़ी मेहनत के बाद, टोरंटो स्कूल में दाखिला मिल पाया था. जनवरी में ही वह टोरंटो गए थे. टोरंटो में शेरबोर्न मेट्रो स्टेशन के गेट पर 7 अप्रैल को कार्तिक वासुदेव की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. तब कार्तिक घर से काम पर जाने के लिए निकले थे, तभी यह वारदात हुई थी. पुलिस ने घटना का सीटीवीटी फुटेज भी मिला था. वहीं, कार्तिक वासुदेव की हत्या को टोरंटो पुलिस ‘चांस किलिंग’ का मामला बता रही है, क्योंकि इस बात के कोई सबूत नहीं मिले हैं कि हत्यारोपी जोनाथन एडवर्ड इंडियन स्टूडेंट कार्तिक को जानता था. आरोपी का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है. उसके पास से राइफल और हैंडगन सहित भारी मात्रा में हथियार बरामद किए गए हैं. सभी हथियार लाइसेंसी थी. टोरंट पुलिस हत्या के इन दोनों मामलों में, ‘कलर किलिंग/एथिनिसिटी किलिंग’ के होने की संभावनाओं को भी नजरअंदाज नहीं कर रही है. वहीं, जांच अधिकारी ने कहा, ‘दोनों मृतकों को अल्पसंख्यक कहा जा सकता है, हालांकि हमारे पास अभी भी उनके बैकग्राउंड की पूरी जानकारी नहीं है’. पुलिस ने यह भी कहा, ‘हथियारों का जखीरा बरामद होने से और भी हत्याएं हो सकती थीं. यह संभावित सीरियल किलर का मामला है.’

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ईरान ने दावा किया है कि उसकी नेवी के एयर डिफेंस ने दो अमेरिकी ड्रोन मार गिराए. ईरान की स्टेट मीडिया के मुताबिक ये दोनों सुसाइड ड्रोन कथित तौर पर अमेरिकी सेना के थे. ईरान की सेना के मुताबिक ड्रोन का पता लगाया गया, उसे ट्रैक किया गया और इससे पहले कि वो बंदर अब्बास नौसैनिक बेस को निशाना बनाते, उन्हें मार गिराया गया. देखें वीडियो.

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तेल टैंकरों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता खोलने को लेकर ईरान को ट्रंप ने 48 घंटे की धमकी थी. समय सीमा खत्म होने से पहले ही नेटो एक्शन में आ गया है. नेटो महासचिव ने बताया कि होर्मुज में मुक्त आवाजाही सुवनिश्चित करने के लिए 22 देशों का समूह बन रहा है. साथ ही उन्होनें कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका का कदम जरूरी था.







