
टैरिफ 'दादागीरी' पर ट्रंप को कड़ा संदेश, जानें- चीन में हुए SCO समिट से भारत को क्या हासिल हुआ
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चीन में आयोजित हुए शंघाई सहयोग संगठन में भारत को एक बड़ी कूटनीतिक जीत मिली है. भारत के दबाव के बाद, SCO के साझा बयान में पहलगाम आतंकी हमले की निंदा की गई, जबकि पाकिस्तान भी इस बैठक में मौजूद था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हाल ही में हमने पहलगाम में आतंकवाद का बहुत ही घिनौना रूप देखा है. यह हमला मानवता में विश्वास रखने वाले हर व्यक्ति को खुली चुनौती थी.
चीन के तिआनजिन में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन भारत के लिए कूटनीति के मोर्चे पर अहम साबित हुआ. सम्मेलन के दूसरे दिन साझा घोषणापत्र में पहलगाम आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की गई है. सिर्फ 2 महीने पहले SCO के रक्षा मंत्रियों की बैठक में इस पर सहमति नहीं बनी थी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने घोषणा पत्र पर दस्तखत करने से इनकार कर दिया था. इसके अलावा भारत ने पश्चिमी दबाव को ठुकराया है और रूस-भारत की दोस्ती को पूरी दुनिया ने देखा.
आइए समझने की कोशिश करते हैं कि भारत को चीन में हुए SCO समिट में क्या-क्या हासिल किया है.
1. पाकिस्तान को घेरा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंच से बिना नाम लिए पाकिस्तान को बेनकाब किया. उन्होंने अपने संबोधन में पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र करते हुए बिना नाम लिए पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उजागर किया. मोदी ने कहा कि भारत चार दशकों से आतंकवाद का दंश झेल रहा है और हाल ही में पहलगाम में निर्दोष नागरिकों की हत्या मानवता पर हमला है.
उन्होंने कहा, 'यह हमला केवल भारत की अंतरात्मा पर ही नहीं, बल्कि मानवता में विश्वास रखने वाले हर देश के लिए खुली चुनौती था. आतंकवाद के लिए कोई डबल स्टैंडर्ड स्वीकार्य नहीं होंगे.'
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की बॉडी लैंग्वेज बहुत कुछ कहती रही. जब मोदी और पुतिन गर्मजोशी से मिले, गले लगे और हाथों में हाथ डाले आगे बढ़े, तो पाकिस्तान के प्रधानमंत्री एक कोने में खड़े रहे और उनसे बातचीत नहीं हुई. यह दृश्य खुद संकेत देता है कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर कौन मजबूत और आत्मविश्वास से भरा है.

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