
जुवेनाइल जस्टिस एक्ट में संशोधनों को मिली कैबिनेट की मंजूरी
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जुवेनाइल जस्टिस एक्ट में हुए नए संशोधन के हिसाब से चाइल्ड वेलफेयर कमिटी में शामिल किए जाने से पहले बैकग्राउंड चेक हुआ करेगा, जिसमें सदस्य का पूरा बैकग्राउंड और उसकी शिक्षा की जांच की जाएगी, चाइल्ड प्रोटेक्शन यूनिट और वेलफेयर कमिटी अब जिलाधिकारी के अंडर काम करेगी.
केंद्रीय मंत्रिमंडल की मीटिंग में कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं. जिनमें से एक जुवेनाइल जस्टिस एक्ट में किए गए बदलाव भी शामिल हैं. केंद्रीय कैबिनेट ने जुवेनाइल एक्ट में कुछ नए बदलावों को मंजूरी दी है. जिसके तहत जिला अधिकारी को और अधिक पॉवर दी गई हैं. चाइल्ड प्रोटेक्शन यूनिट और वेलफेयर कमिटी अब जिलाधिकारी के अंडर काम करेगी. कैबिनेट मीटिंग के बाद हुई प्रेस कांफ्रेंस में केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी ने कहा ''जुवेनाइल जस्टिस एक्ट नए संशोधन के हिसाब से चाइल्ड वेलफेयर कमिटी में शामिल किए जाने से पहले बैकग्राउंड चेक हुआ करेगा, जिसमें सदस्य का पूरा बैकग्राउंड और उसकी शिक्षा की जांच की जाएगी. इससे पहले इस तरह का कोई भी बैकग्राउंड वेरिफिकेशन नहीं होता था. इसके अलावा अब नए संशोधनों के अनुसार ट्रैफिकिंग और ड्रग एब्यूज से रिकवर किए गए बच्चों को भी अब इन कमिटी के अंदर देखभाल के लिए रखा जाया जा सकेगा. इस पूरे सिस्टम की देखभाल की जिम्मेदारी जिलाधिकारी की होगी.''
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