
जिनपिंग की 'पांडा डिप्लोमेसी...', समझिए- क्यूट सा दिखने वाला जानवर चीन के लिए कैसे बना हथियार
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अमेरिका के दौरे पर पहुंचे चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने 'पांडा डिप्लोमेसी' चली है. उन्होंने संकेत दिए हैं कि चीन अमेरिका में नए पांडा भेजना चाहता है. हालांकि, चीन ये पांडा फ्री में नहीं देता है, बल्कि कुछ सालों के लिए किराये पर देता है और इसके लिए मोटी रकम वसूलता है.
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग अमेरिका के दौरे पर हैं. इस दौरान उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन से मुलाकात की. लगभग चार घंटे तक चली इस मीटिंग के बाद जिनपिंग ने संकेत दिया कि चीन अमेरिका में नए पांडा भेजना चाहता है.
सैन फ्रांसिस्को में डिनर के बाद शी जिनपिंग ने कहा, 'पांडा चीनी और अमेरिकी लोगों की दोस्ती का दूत है.'
जिनपिंग ने कहा, 'हम पांडा कन्सर्वेशन पर अमेरिका के साथ मिलकर काम करना जारी रखेंगे. और कैलिफोर्निया के लोगों की इच्छा पूरी करने की पूरी कोशिश करेंगे, ताकि दोनों देशों के बीच संबंधों को और मजबूत किया जा सके.'
जिनपिंग का ये बयान ऐसे समय आया है, जब हाल ही में अमेरिका के चिड़ियाघर से तीन पांडा- मेई शियांग, तियान तियान और उनका शाव क्वी जी को वापस चीन को लौटाया गया है. इतना ही नहीं, ये बयान इसलिए भी काफी अहम हो जाता है, क्योंकि अमेरिका और चीन के रिश्ते बहुत ठीकठाक नहीं हैं. जिनपिंग भी छह साल में पहली बार अमेरिका के दौरे पर गए हैं. माना जा रहा है कि जिनपिंग अब 'पांडा डिप्लोमेसी' के जरिए अमेरिका से रिश्ते सुधारने की कोशिश कर रहे हैं.
हालांकि, जिनपिंग ने अभी इस बारे में कुछ नहीं बताया है कि ये पांडा कब और कहां लाए जा सकते हैं. लेकिन माना जा रहा है कि चीनी पांडा की अगली जोड़ी सैन डिएगो के चिड़ियाघर में आ सकती है.
अमेरिका-चीन की दोस्ती में 'पांडा' बना पुल!

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