
जापान के इस शख्स को चीन ने एक महीने से कर रखा है कैद, जानें वजह
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चीन की सरकार ने जिस जापानी शख्स को हिरासत में लिया है. वह जापान की कंपनी एस्टेलस फार्मा के लिए काम करता था. उसे चीन की राजधानी बीजिंग से मार्च की शुरुआत में डिटेन किया गया है. जापान की सरकार के मुताबिक चीन में नजरबंद शख्स की उम्र 50 साल से ज्यादा है.
जापान का एक नागरिक पिछले करीब एक महीने से चीन में जरबंद है. चीन ने उसे जासूसी के शक में कैद कर रखा है. जापान की सरकार कई बार उसे रिहा करने की अपील कर चुकी है. लेकिन इसके बाद भी चीन उसे छोड़ने को तैयार नहीं है. इस मामले में अब जापान की वह कंपनी भी आगे आई है, जिसके कर्मचारी को चीन ने नजरबंद कर रखा है. कंपनी ने कहा है कि पकड़ा गया शख्स उनके लिए काम करता है और वह उसे रिहा करने की मांग करते हैं.
चीन की सरकार ने जिस जापानी शख्स को हिरासत में लिया है. वह जापान की कंपनी एस्टेलस फार्मा के लिए काम करता था. उसे चीन की राजधानी बीजिंग से मार्च की शुरुआत में डिटेन किया गया है. जापान की सरकार के मुताबिक चीन में नजरबंद शख्स की उम्र 50 साल से ज्यादा है. उस पर चीन ने जासूसी का आरोप लगाया है. सरकार ने कहा है कि जैसे ही जापानी नागरिक को हिरासत में लिया गया, उन्होंने उसकी रिहाई की कोशिश शुरू कर दी थी.
एस्टेलस फार्मा ने फिलहाल कर्मचारी का नाम और उससे जुड़ी दूसरी जानकारियां देने से मना कर दिया है. कंपनी का कहना है कि जानकारी देने से उसे खतरा हो सकता है. कंपनी का कहना है कि वह लगातार जापान के विदेश मंत्रालय के संपर्क में हैं और ज्यादा से ज्यादा डिटेल जुटाने की कोशिश कर रहे हैं.
बता दें कि चीन ने राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर दूसरे देशों से जुड़े लोगों और संगठनों की जांच तेज कर दी है. चीन ने अपने जासूसी कानून 2014-2015 को लेकर एक्शन कड़ा कर दिया है. इस कानून के तहत कई विदेशी नागरिकों को अब तक पकड़ा जा चुका है. नए मामलों को छोड़ भी दिया जाए तो चीन 2015 से लेकर अब तक जापान के 16 नागरिकों को हिरासत में चुका है. सभी पर ड्रैगन ने जासूसी गतिविधी में संलिप्त होने का आरोप लगाया है.

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