
'जया बच्चन जैसे गुस्सैल हैं सनी देओल', पैप्स को दी थी गाली, नाराज हुआ फोटोग्राफर, कहा- अंदरूनी मसले...
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धर्मेंद्र के निधन से पहले सनी देओल और पैपराजी के बीच हुए विवाद पर फोटोग्राफर वरिंदर चावला ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने सनी देओल और जया बच्चन को गुस्सैल स्वभाव को एक जैसा बताया और कहा कि वो चाहते तो कॉल करके कह सकते थे, लेकिन उन्होंने गाली दे डाली, जो कि गलत था.
धर्मेंद्र के निधन से कुछ दिन पहले एक वीडियो सामने आया था, जिसमें उनके बड़े बेटे सनी देओल अपने जुहू वाले घर के अंदर की गतिविधियां रिकॉर्ड कर रहे पैपराजी पर हाथ जोड़कर गुस्सा करते दिखे थे. सनी ने गाली देते हुए कहा था- आपके घर में मां-बाप, बच्चे हैं? शर्म नहीं आती? वीडियो बना रहे हो. इस वीडियो के बाद फिल्म इंडस्ट्री के लोगों समेत कई जगह से सनी को आलोचना झेलनी पड़ी.
'गुस्सैल हैं सनी देओल'
अब इस पूरे मामले पर सीनियर पैपराजी वरिंदर चावला ने रिएक्ट किया है. उन्होंने कहा- मैं एक बात साफ कर देना चाहता हूं. सनी पाजी भी जया बच्चन की तरह गुस्सैल इंसान हैं. उनका स्वभाव ही ऐसा है. उन्होंने आगे कहा- धर्मेंद्र जी को चाहने वाले देश में बहुत लोग हैं. पैपराजी उनके घर से कम से कम 20–30 फीट दूर थे. वो सिर्फ अपना काम कर रहे थे. वो दर्शकों को दिखाना चाहते थे कि धर्मेंद्र जैसे इतने प्यारे इंसान से मिलने कितने बॉलीवुड सेलेब्रिटी आ रहे हैं और उनके लिए कितना प्यार और सम्मान है, ऐसा पहली बार नहीं हो रहा था, हम ये काम सालों से करते आ रहे हैं.
सनी देओल का गुस्सा एक और वजह से भी था. धर्मेंद्र के अस्पताल के बिस्तर के पास परिवार के रोने का एक वीडियो, जो कथित तौर पर किसी स्टाफ मेंबर ने लीक कर दिया था. इस पर वरिंदर चावला ने कहा- धर्मेंद्र जी का अस्पताल वाला वीडियो लीक होना हमारी गलती नहीं थी. आपके अंदरूनी मसले जो भी हों, उसका गुस्सा हम पर क्यों निकालते हैं? हर कोई अपनी भड़ास हम पर ही निकाल देता है.
'गाली देने की जरूरत नहीं थी'
चावला ने ये भी कहा कि अगर सनी उस वक्त बहुत परेशान थे और उन्हें प्राइवेसी चाहिए थी, तो बिना गाली-गलौज के भी बात कही जा सकती थी. उन्होंने कहा- वही बात आप गाली बोले बिना भी बोल सकते थे. आपकी PR टीम हमसे संपर्क में रहती है, है ना? धर्मेंद्र जी की सेहत को लेकर जो फैमिली का बयान आया था, वो हमने ही पोस्ट किया था, मैंने खुद किया था. आप अपनी PR के जरिए बस ये कह देते कि आप भावनात्मक रूप से ठीक नहीं हैं और थोड़ी निजता चाहते हैं, तो हम पीछे हट जाते. ऐसा कब नहीं हुआ है?”













