
जयशंकर ने न्यूयॉर्क में रूस के विदेश मंत्री लावरोव से की मुलाकात, यूक्रेन समझौते समेत इन मुद्दों पर हुई बात
AajTak
रूस के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि लावरोव और जयशंकर ने द्विपक्षीय सहयोग एजेंडे के प्रमुख मामलों के साथ-साथ कज़ान में आगामी ब्रिक्स शिखर समिट की तैयारियों, यूक्रेन समझौते पर चर्चा की.
विदेशमंत्री एस जयशंकर ने गुरुवार को रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से मुलाकात की और द्विपक्षीय सहयोग के साथ ही क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की. उनकी यह मुलाकात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा न्यूयॉर्क में यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की से मुलाकात के कुछ ही दिनों बाद हुई है.
जयशंकर ने X पर एक पोस्ट में कहा कि आज दोपहर रुसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से मुलाकात की. इस दौरान द्विपक्षीय सहयोग और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की गई. रूस के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि लावरोव और जयशंकर ने द्विपक्षीय सहयोग एजेंडे के प्रमुख मामलों के साथ-साथ कज़ान में आगामी ब्रिक्स शिखर समिट की तैयारियों, यूक्रेन समझौते पर चर्चा की. दोनों नेता प्रमुख बहुपक्षीय प्रारूपों के भीतर रूस और भारत के बीच समन्वय जारी रखने पर सहमत हुए. पिछले सप्ताह पीएम मोदी और ज़ेलेंस्की के बीच बैठक हुई थी, जो कि तीन महीने से भी कम समय में दोनों नेताओं के बीच तीसरी बैठक थी. पीएम मोदी ने पिछले महीने कीव में यूक्रेनी नेता से मुलाकात की थी.
पिछले सप्ताह पीएम मोदी और ज़ेलेंस्की के बीच बैठक हुई थी, जो कि तीन महीने से भी कम समय में दोनों नेताओं के बीच तीसरी बैठक थी. पीएम मोदी ने पिछले महीने कीव में यूक्रेनी नेता से मुलाकात की थी. पीएम मोदी ने जेलेंस्की से मुलाकात कर यूक्रेन में संघर्ष के शीघ्र समाधान और क्षेत्र में शांति और स्थिरता की बहाली के लिए भारत का समर्थन दोहराया.
इस साल अगस्त में पीएम मोदी ने युद्ध प्रभावित यूक्रेन का दौरा किया था और रूस के साथ चल रहे संघर्ष में शांति के लिए भारत के रुख पर जोर दिया था. एक्स पर पोस्ट में पीएम मोदी ने राष्ट्रपति जेलेंस्की से मुलाकात की तस्वीरें शेयर कीं और कहा, न्यूयॉर्क में राष्ट्रपति जेलेंस्की से मुलाकात की. हम द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए पिछले महीने यूक्रेन की मेरी यात्रा के परिणामों को लागू करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. हमने यूक्रेन में संघर्ष के शीघ्र समाधान और शांति और स्थिरता की बहाली के लिए भारत के समर्थन को दोहराया.

वॉशिंगटन में शांति परिषद की पहली बैठक में गाजा पट्टी की वर्तमान स्थिति और क्षेत्रीय स्थिरता पर गहन चर्चा हुई. बैठक में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका को मजबूत करने पर जोर दिया गया और निर्णय लिया गया कि गाजा में शांति बनाए रखने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल तैनात किया जाएगा. इस बल में इंडोनेशिया, मोरक्को, कजाकिस्तान, कोसोवो और अल्बानिया जैसे पांच देश अपने सैनिक भेजेंगे. देखें वीडियो.

आज सबसे पहले आपको उस रिपोर्ट के बारे में बताएंगे, जिसके मुताबिक अमेरिका ने ईरान पर हमले की तारीख मुकर्रर कर दी है. और ये हमला इस हफ्ते के आखिर तक हो सकता है. ट्रंप ने ईरान को धमकी देते हुए कहा है कि ईरान नहीं माना तो हमला होगा. रमज़ान का महीना शुरू हो गया है और ये मुसलमानों के लिए पाक महीना माना जाता है. ऐसे में सवाल उठता है कि अगर अमेरिका ने ईरान पर रमजान के महीने में हमला किया तो मुस्लिम देश क्या करेंगे?











