
जम्मू-कश्मीर ने रचा इतिहास, पहली बार रणजी ट्रॉफी के फाइनल में बनाई जगह; 67 साल के बाद मिली कामयाबी
ABP News
रणजी ट्रॉफी में जम्मू-कश्मीर क्रिकेट टीम ने इतिहास रच दिया. सेमीफाइनल में जम्मू-कश्मीर ने बंगाल को हराकर फाइनल में प्रवेश कर लिया है. यह ऐतिहासिक उपलब्धि जम्मू-कश्मीर को 67 साल में पहली बार मिली है.
जम्मू-कश्मीर ने रणजी ट्रॉफी में कमाल कर दिया. आकिब नबी डार के दमदार प्रदर्शन की बदौलत जम्मू-कश्मीर ने रणजी ट्रॉफी के सेमीफाइनल में बंगाल को 6 विकेट से हराकर फाइनल में प्रवेश कर लिया है. जम्मू-कश्मीर की टीम पहली बार रणजी ट्रॉफी फाइनल में पहुंची है. प्लेयर ऑफ द मैच आकिब नबी डार ने पहली पारी में 5 और दूसरी पारी में 4 विकेट झटके. एक शांत और अनुशासित प्रदर्शन करते हुए जम्मू और कश्मीर की टीम ने एक मजबूत बंगाल टीम के खिलाफ यादगार जीत दर्ज करने के लिए लक्ष्य का सफलतापूर्वक पीछा किया. यह ऐतिहासिक उपलब्धि जम्मू और कश्मीर में क्रिकेट के विकास और प्रगति में एक निर्णायक क्षण का प्रतीक है.
आकीब नबी के हरफनमौला प्रदर्शन (मैच में 9 विकेट और पहली पारी में 54 गेंदों में 42 रन की पारी) की बदौलत जम्मू और कश्मीर ने दो बार के चैंपियन बंगाल के खिलाफ छह विकेट से जीत हासिल की और फाइनल में कर्नाटक का सामना होने की संभावना है, जिसमें उत्तराखंड दूसरे सेमीफाइनल में पहली पारी में बढ़त लेने के लिए तैयार है. बंगाल दूसरी पारी में 99 रन पर आउट हो गई, जिसमें नबी और सुनील कुमार ने चार-चार विकेट लिए, जिससे J&K को 126 रन का मामूली टारगेट मिला. लक्ष्य का पीछा करते हुए वंशज शर्मा ने हिम्मत बनाए रखी और मुकेश कुमार की गेंद पर छक्का लगाकर टीम को जीत दिलाई. वह 43 रन बनाकर नाबाद रहे, और अब्दुल समद (27 रन पर 30 रन) ने उनका साथ दिया.
रणजी ट्रॉफी फाइनल के लिए ऐतिहासिक क्वालिफिकेशन टीम की कड़ी मेहनत, हिम्मत और पूरे सीजन में लगातार अच्छे प्रदर्शन का सबूत है. नबी इस सीजन में J&K के शानदार प्रदर्शन के सेंटर रहे हैं. उन्होंने मध्य प्रदेश पर क्वार्टर फाइनल जीत में भी अहम भूमिका निभाई थी, जिसमें उन्होंने 110 रन देकर 12 विकेट लिए थे, जिसमें पहली इनिंग में 40 रन देकर 7 और दूसरी इनिंग में 70 रन देकर 5 विकेट शामिल थे, जिससे J&K 56 रन से जीता था.
इस कामयाबी का पूरे इलाके के क्रिकेट जगत और फैंस ने खूब जश्न मनाया है, जो जम्मू और कश्मीर में घरेलू क्रिकेट के बढ़ते स्टैंडर्ड को दिखाता है. टीम अब पूरे कॉन्फिडेंस और पक्के इरादे के साथ रणजी ट्रॉफी फाइनल में पहली बार खेलने की तैयारी करेगी.













