
जब धर्मेंद्र संग सीन में एग्रेसिव हुईं जीनत अमान, बॉलीवुड के रोमांस पर उठाए सवाल
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जीनत अमान ने अपने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर की जिसमें उन्होंने पुराने जमाने में बॉलीवुड फिल्मों में दिखाए जाने वाले रोमांस पर सवाल उठाए. एक्ट्रेस ने अपनी और धर्मेंद्र की एक फिल्म का सीन दिखाते हुए, इस बात पर अपनी राय रखी.
70 के दशक में बॉलीवुड की हसीनाओं में से एक जीनत अमान आज भी लोगों को अपनी बातों से हैरान करती हैं. एक्ट्रेस ने अपने इंस्टाग्राम पर एक ऐसे मुद्दे पर बात की है, जो सालों से इंडस्ट्री में चला आ रहा है. जीनत अमान ने पुराने जमाने में दिखाए जाने वाले बॉलीवुड रोमांस पर सवाल उठाए हैं.
बॉलीवुड में दिखाए रोमांस पर क्यों नाखुश हुईं जीनत अमान?
जीनत अमान ने कुछ हफ्तों पहले अपनी और अमिताभ बच्चन की 1980 में आई हिट फिल्म 'दोस्ताना' की एक क्लिप शेयर की थी, जिसमें वो अमिताभ के किरदार द्वारा 'छेड़छाड़' और 'बदनामी' का शिकार बनती हैं. अब जीनत अमान ने धर्मेंद्र के साथ अपनी फिल्म 'तीसरी आंख' की एक क्लिप शेयर की है, जिसमें वो एक्टर के साथ छेड़छाड़ करती दिखती हैं.
फिल्म का क्लिप शेयर करते हुए जीनत अमान लिखती हैं, 'पुरानी फिल्मों के सीन दोबारा देखना बहुत मजेदार और अनजाना सा लगता है. पता नहीं कौन सी याद अचानक पकड़ लेगी, खुल जाएगी और सोचने पर मजबूर कर देगी. कुछ हफ्ते पहले आपने मेरी फिल्म दोस्ताना की वो क्लिप देखी थी, जिसमें अमित जी का किरदार मुझे छेड़ता है और मेरी बदनामी करता है. इस हफ्ते अब आप देख सकते हो तीसरी आंख का सीन, जहां मैं ही धरमजी के किरदार पर आक्रामक हो जाती हूं.'
'क्या सच में सिर्फ दो साल के अंदर हिंदी सिनेमा की हीरोइनों के साथ इतना बड़ा बदलाव आ गया था? शायद नहीं. लेकिन मुझे लगता है ये सीन एक अच्छा जेंडर फ्लिप दिखाता है. यहां धरमजी का किरदार अशोक बहुत भोला-भाला है और मेरा किरदार बरखा उस पर जबरदस्ती करती है, बिल्कुल गलत तरीके से. वो उसका पीछा करती है, जबकि वो नाराज रहता है.'
जीनत अमान ने आगे लिखा, 'मुझे लगता है ये सीन मजेदार लगता है और वो वाला गुस्सा दिलाता है, सिर्फ इसलिए क्योंकि रोल उलट गए हैं. सच कहूं तो मैं बरखा के इस तरीके की तारीफ नहीं कर सकती, ठीक वैसे ही जैसे इंस्पेक्टर विजय के तरीके की नहीं कर सकती. मजाक-मस्ती और शरारत तो प्यार में अच्छी चीजें हैं, लेकिन हमारी इंडस्ट्री ने कभी-कभी इन्हें हद से ज्यादा बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया. बहुत सी फिल्में जुनून और एकतरफा प्यार को महान दिखाती हैं, जबकि असली हेल्दी प्यार की बात कम करती हैं. '













