...जब दहल उठा था दुनिया का सबसे ताकतवर देश, 9/11 आतंकी हमले की बरसी आज
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इस आतंकी हमले में करीब 3 हजार लोगों की जान चली गई थी. इस हमले से न केवल अमेरिका बल्कि पूरी दुनिया दहल गई थी. तब से इसे दुनिया के सबसे ख़ौफ़नाक आतंकी हमलों में गिना जाता है. अमेरिका ने इसी हमले के बाद अलकायदा को दुश्मन नंबर वन मान लिया और इसके बाद जो हुआ, वह इतिहास है. आज अमेरिका पर हुए इस चरमपंथी हमले को 21 साल पूरे हो गए हैं.
9/11 Attack Anniversery: 11 सितंबर 2001 का दिन शायद ही कोई भूला होगा. इसी दिन दुनिया के सबसे ताकतवर देश अमेरिका पर घातक आतंकी हमला हुआ था. आतंकियों ने न्यूयॉर्क में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर को अपना निशाना बनाया था. इस हमले में करीब 3 हजार लोगों की जान चली गई थी. इस हमले से न केवल अमेरिका बल्कि पूरी दुनिया दहल गई थी. इसे दुनिया के सबसे खौफनाक आतंकी हमलों में गिना जाता है. आज अमेरिका पर हुए इस हमले के 21 साल पूरे हो गए हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और फर्स्ट लेडी जिल बाइडन और उपराष्ट्रपति कमला हैरिस 9/11 हमले के पीड़ितों को सम्मानित करने और उन्हें याद करने के लिए देशभर में यात्रा करेंगे.
क्या हुआ था उस दिन...
11 सितंबर 2001 की सुबह अल-कायदा के आतंकियों ने चार विमान हाईजैक कर लिया था. इनका मकसद विमान को अलग-अलग ऐतिहासिक स्थलों पर क्रैश कराने का था. सबसे पहला प्लेन क्रैश अमेरिकन एयरलाइन फ्लाइट 11 का हुआ, जो न्यूयॉर्क शहर में सुबह 8.46 बजे वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के उत्तरी टावर से टकराया था. ठीक इसके 17 मिनट बाद यूनाइटेड एयरलाइंस फ्लाइट 175 दक्षिणी टावर से टकराई. वहीं करीब 9.37 बजे अमेरिकन एयरलाइंस फ्लाइट 77 वॉशिंगटन स्थित अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन से टकराई और चौथी हाईजैक फ्लाइट 93 का लक्ष्य व्हाइट हाउस या यूएस कैपिटल बिल्डिंग को निशाना बनाना था लेकिन यात्रियों से लड़ाई के कारण आतंकियों के हाथ से विमान का नियंत्रण छूट गया और यह पेन्सिलवेनिया के शैंक्सविल में मैदानी इलाके में जा गिरा.
2977 लोगों की गई थी जान
आतंकियों की ओर से किए गए इन चार हमलों में 2977 लोगों की मौत हुई थी. इनमें 19 हाईजैकर आतंकी भी शामिल हैं. वहीं जो लोग मारे गए, उनमें चार विमानों में सवार 246, वर्ल्ड ट्रेड सेंटर और उसके आसपास के इलाके में 2606 और पेंटागन में मौजूद 125 लोग शामिल थे. मारे गए लोगों में ज्यादातर आम नागरिक शामिल थे. वहीं राहत और बचाव कार्य के दौरान 344 बचावकर्मी, 71 पुलिसकर्मी और 55 सैन्यकर्मी भी मारे गए थे.
अमेरिका ने क्या जवाब दिया?

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