
जंग के बीच फिलिस्तीन को मिला नया पीएम, क्या अब गाजा पट्टी के हालात सुधर जाएंगे?
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इजरायल और हमास की जंग के बीच फिलिस्तीन में नए प्रधानमंत्री की नियुक्ति हुई. गुरुवार को वहां के राष्ट्रपति ने मोहम्मद मुस्तफा को पीएम बनाया. उम्मीद की जा रही है कि इस बदलाव के बाद गाजा में हो रही तबाही थम सकेगी. लेकिन सवाल ये है कि फिलिस्तीन अथॉरिटी तो सिर्फ वेस्ट बैंक को संभालती है, तब गाजा की बेहतरी से इसका क्या संबंध? एक बात ये भी उठती है कि अगर वेस्ट बैंक और गाजा पट्टी, दोनों ही जगह फिलिस्तीनी नागरिक हैं तो दोनों जगह अलग सरकारें क्यों?
इजरायल हमास युद्ध के बीच फिलिस्तीन के पूर्व प्रधानमंत्री मोहम्मद शतयेह ने हाल में इस्तीफा दे दिया था. अब उनकी जगह मोहम्मद मुस्तफा ने ली है. पीएम मुस्तफा को उनके आक्रामक ढंग से काम करने के लिए जाना जाता है. उन्होंने हमास के कंट्रोल वाले गाजा में भी सुधार के कई प्रयास किए थे. माना जा रहा है कि वे युद्ध रुकवाने से लेकर पूरे फिलीस्तीन को एकजुट करने जैसा काम भी कर सकते हैं.
फिलहाल गाजा पट्टी पर हमास का कब्जा है, जबकि वेस्ट बैंक में फिलिस्तानी अथॉरिटी (पीए) काम कर रही है. अगर हमास प्रमुख राजी हो जाएं तो दोनों इलाकों के लिए एक नेशनल सरकार बन सकती है. नए पीएम पहले भी ऐसी कोशिश करते रहे थे.
वेस्ट बैंक और गाजा पट्टी में क्या फर्क? गाजा पट्टी, इजरायल, मिस्र और भूमध्य सागर के बीच बसा एक छोटा-सा एरिया है, जहां फिलिस्तीनी रहते हैं. ये पूरा हिस्सा केवल 41 किलोमीटर में फैला हुआ है, जहां बेहद घनी आबादी रहती है. वहीं वेस्ट बैंक भूमध्य सागर के तट के पास जमीन से घिरा एक इलाका है. इसकी सीमा पूर्व में जॉर्डन और डेड सी लगती है जबकि उत्तर, दक्षिण और पश्चिम में सीमा इजरायल से लगती है. पूर्वी येरूशलम को मिला दें तो ये एरिया लंबा-चौड़ा है.
गाजा और वेस्ट बैंक, दोनों ही फिलिस्तीनी इलाके हैं, लेकिन दोनों के राजनैतिक कॉन्टैक्स्ट काफी अलग हैं. गाजा पट्टी में हमास की सरकार है, जो चरमपंथी संगठन है. बहुत से देश इसे टैररिस्ट गुट तक मान चुके. दूसरी तरफ वेस्ट बैंक में फिलिस्तीनी अथॉरिटी काम करती है.
फिलिस्तीन अथॉरिटी (PA)नब्बे के दशक में बनी. ये वो समय था, जब इजरायल और फिलिस्तीन दोनों ने एक-दूसरे को औपचारिक मान्यता दी थी. तब माना गया कि PA ही पूरे फिलीस्तीन पर कंट्रोल करेगा. वही चुनाव करवाएगा. लेकिन वेस्ट बैंक और गाजा के बीच भी सहमति नहीं बन सकी. गाजा में हमास था, तो वेस्ट में फतेह था. साल 2006 में फिलिस्तीनी लेजिस्लेटिव काउंसिल का चुनाव होने पर गाजा में हमास भारी मतों से जीता. दोनों ने मिलकर सरकार बनाई, लेकिन हफ्तेभर चले संघर्ष के बाद सरकार गिर गई. गाजा पट्टी पर पूरी तरह से हमास का कब्जा हो गया. बीच-बीच में कई बार दोनों ने संबंध सुधारने की कोशिश की, लेकिन विचारधारा आड़े आती रही. हमास का आरोप था कि फतेह इजरायल की कठपुतली है, और उसकी वजह से फिलिस्तीन अपनी पहचान खो देगा.

वॉशिंगटन में शांति परिषद की पहली बैठक में गाजा पट्टी की वर्तमान स्थिति और क्षेत्रीय स्थिरता पर गहन चर्चा हुई. बैठक में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका को मजबूत करने पर जोर दिया गया और निर्णय लिया गया कि गाजा में शांति बनाए रखने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल तैनात किया जाएगा. इस बल में इंडोनेशिया, मोरक्को, कजाकिस्तान, कोसोवो और अल्बानिया जैसे पांच देश अपने सैनिक भेजेंगे. देखें वीडियो.

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