
'छोड़ो यार, काम की बात करो...', राज-उद्धव से जुड़े सवाल पर भड़के डिप्टी CM एकनाथ शिंदे
AajTak
महाराष्ट्र के राजनीतिक हलकों में सवाल उठ रहे हैं कि क्या शिंदे खेमा ठाकरे के फिर से साथ आने की संभावना से घबरा गया है? या यह महज “अनावश्यक विवाद” से बचने की कोशिश थी? चाहे जो भी हो, शिंदे का गुस्सा इस बात का इशारा है कि ठाकरे के साथ गठबंधन की अफवाहों ने सत्ता के गलियारों में बेचैनी पैदा कर दी है.
राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे के बीच संभावित गठबंधन की अटकलों ने महाराष्ट्र की राजनीति में सरगर्मी बढ़ा दी है. हालांकि, जब इसी मुद्दे पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से सवाल किया गया तो वे अपना आपा खो बैठे और एक पत्रकार से तीखी नोकझोंक करते हुए कहा, "छोड़ो यार, काम की बात करो!"
महाबलेश्वर में अपने गांव दरे (Dare) के तीन दिवसीय दौरे पर आए शिंदे के साथ जल संरक्षण मंत्री संजय राठौड़ भी थे. दोनों सिंचाई योजनाओं, बांधों और जल संरक्षण पहलों जैसी परियोजनाओं का निरीक्षण कर रहे थे. विकास पर गंभीर चर्चाओं के बीच, एक टीवी रिपोर्टर ने सवाल दागा: "क्या राज ठाकरे-उद्धव ठाकरे गठबंधन राज्य की राजनीतिक गतिशीलता को बदल देगा?" शिंदे को भड़काने के लिए बस इतना ही काफी था!
'फालतू के सवालों के लिए...'
आमतौर पर शांत रहने वाले डिप्टी सीएम ने न केवल सवाल को खारिज कर दिया, बल्कि रिपोर्टर के बूम माइक को भी नजरअंदाज कर दिया. एकनाथ शिंदे ने कहा, "मेरे पास फालतू के राजनीतिक सवालों के लिए वक्त नहीं है, काम पर ध्यान दें."
इस घटना ने कुछ वक्त के लिए तनावपूर्ण माहौल पैदा कर दिया, जिससे अधिकारी, समर्थक और मीडियाकर्मी स्तब्ध रह गए. शिंदे की तीखी प्रतिक्रिया अब पूरे राज्य में चर्चा का विषय बन गई है.
यह भी पढ़ें: 'सम्मान मांगा था, अपमान मिला...', जानें- 20 साल पहले राज ठाकरे ने क्यों छोड़ी शिवसेना, उद्धव से मतभेद की पूरी कहानी

देश की सर्वोच्च अदालत ने UGC के नए नियमों से सामान्य वर्ग को नफरती करके फंसाए जाने की आशंका को गंभीरता से लिया है. कॉलेज कैंपस में भेदभाव रोकने के नाम पर 13 जनवरी के नियमों को सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है. इसके बाद सामान्य वर्ग की राजनीतिक ताकत और इस मुद्दे के व्यापक मायनों पर चर्चा तेज हो गई है. जातिगत भेदभाव रोकने के लिए बनाए गए इन नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की रोक ने इसके भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

प्रयागराज माघ मेले से लौटे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. उन्होंने सरकार को गोहत्या और मांस निर्यात के मुद्दे पर कड़ी चेतावनी दी है. शंकराचार्य ने साफ कहा है कि अगर सरकार द्वारा निर्धारित शर्तें पूरी नहीं की गईं, तो वे मुख्यमंत्री को नकली हिंदू घोषित करेंगे. यह बयान राजनीतिक और सामाजिक विवादों को जन्म दे सकता है क्योंकि गोहत्या और मांस निर्यात जैसे मुद्दे प्रदेश के भीतर संवेदनशील विषय हैं.

झारखंड फेडरेशन ऑफ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (FJCCI) के अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने राज्य के चार ऐसे जिलों की रेल कनेक्टिविटी समेत अन्य आवश्यक मांगों को लेकर यूनियन बजट में शामिल करने की बात कही है जहां आज तक रेल कनेक्टिविटी उपलब्ध नहीं है. आदित्य मल्होत्रा ने इन जिलों के लिए रेल परिवहन के महत्व को रेखांकित करते हुए बताया कि यह कदम कैसे क्षेत्रीय विकास में सहायक होगा.

उत्तर भारत में मौसम का मिजाज बदलने वाला है. मौसम विभाग (IMD) के अनुसार आने वाले दिनों में हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में फिर बर्फबारी की संभावना है. वहीं, दिल्ली-NCR में 31 जनवरी से 2 फरवरी तक बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है. मौसम विभाग ने पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के लिए भी बारिश का अलर्ट जारी किया है.

जम्मू कश्मीर से हिमाचल प्रदेश तक पहाड़ों पर लगातार भारी बर्फबारी जारी है. इस बर्फबारी के कारण खूबसूरत नजारे देखने को मिल रहे हैं, जिससे बड़ी तादाद में पर्यटक इन इलाकों की तरफ आकर्षित हो रहे हैं. मौसम के इस बदलाव ने कई रास्ते बंद कर दिए हैं जिससे कई जगहों पर यातायात जाम की स्थिति बनी है. श्रीनगर समेत पुलवामा, कुलगाम, शोपिया, गुरेज और अन्य क्षेत्रों में तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है.

मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर है. अमेरिका ने USS Abraham Lincoln कैरियर ग्रुप अरब सागर में तैनात कर ईरान पर हमले की धमकी दी है. ईरान डर से अपने न्यूक्लियर साइट्सको गहराई में छिपा रहा है. टनल सील कर रहा है. ड्रोन कैरियर शहीद बघेरी को बंदर अब्बास से 6 किमी दूर रखा है. IRGC 1-2 फरवरी को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में लाइव-फायर एक्सरसाइज करेगा.

दिल्ली पुलिस की महिला कमांडो काजल की हत्या के मामले अब नई परतें खुल रही हैं. उसके परिजनों ने पति अंकुर पर हत्या के साथ-साथ पेपर लीक रैकेट का मास्टरमाइंड होने के गंभीर आरोप लगाए हैं. दावा है कि काजल के पास उसके काले कारनामों के राज़ थे. हत्या से पहले वीडियो कॉल और डंबल से हत्या के आरोपों ने मामले को और सनसनीखेज बना दिया है.






