
छोटे कपड़े पहनने वाले बयान को लेकर इमरान खान पर भड़कीं सांसद
AajTak
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की महिलाओं के पहनावे को लेकर की गई टिप्पणी पर महिला सांसदों ने नाराजगी जाहिर की है. इमरान खान ने कहा था कि महिलाओं के कम कपड़े पहनने से पुरुषों पर असर होता है बशर्ते वो रोबोट नहीं हों.
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की ओर से महिलाओं के पहनावे को लेकर दिए गए बयान पर महिला सांसदों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. इमरान खान का एक इंटरव्यू रविवार को Axios वेबसाइट पर प्रसारित किया गया. HBO के साथ इंटरव्यू में इमरान से पूछा गया था कि क्या वह ऐसा सोचते हैं कि महिलाओं का पहनावा पुरुषों को उकसाता है जोकि रेप जैसी वारदात को बढ़ाता है. इस पर इमरान ने जवाब दिया था- “अगर कोई महिला बहुत कम कपड़े पहनती है तो इसका पुरुषों पर असर होगा, बशर्ते कि वो रोबोट न हों. मेरे कहने के मायने कॉमन सेंस है.” Whether it’s our laws or even our religion,which is very clear that respect for women is the responsibility of the beholder,no man has the right to blame women or how they dress, for violence, rape and crimes against women. Shocked that our PM is doing this.1/2 pic.twitter.com/CB9kUE36sx Does IK not know that by saying women should dress a certain way, he is giving oppressors and criminals against women a new narrative to justify their behaviour. There is NO justification for a prime minister to talk this way. Highly irresponsible and condemnable. 2/2 The world got an insight into a mindset of a sick, misogynistic, degenerate & derelict IK. Its not women's choices that lead to sexual assault rather the choices of men who choose to engage in this dispicable and vile CRIME 1/2 pic.twitter.com/lla3WnWFdx इमरान का इंटरव्यू लेने वाले जोनाथन स्वान ने बात साफ करने के लिए अपने सवाल को दूसरे तरीके से पूछा, “लेकिन क्या ये असल में यौन हिंसा के अपराधों के लिए उकसाता है?” इस पर इमरान का जवाब था- “ये निर्भर करता है कि आप किस समाज में रहते हैं.”
क्या अगले 24 घंटे में अमेरिका ईरान पर हमला करेगा. इस वीडियो में जानिए क्यों अमेरिका ने ईरान के आसपास अपने सैन्य युद्ध के घेरा को मजबूत करना शुरू कर दिया है. मध्य-पूर्व में एक बड़े सैन्य टकराव की संभावना बन रही है. इस दौरान अमेरिका के युद्ध के पांच बड़े संकेत देखने को मिल रहे हैं. इनमें प्रमुख हैं टैंकर विमानों की उड़ानें, ईरान का बंद एयरस्पेस और मिलिट्री अलर्ट, USS अब्राहम लिंकन बेड़े की युद्घ स्थल की ओर बढ़ती हलचल, अल उदीद एयरबेस पर सैनिकों की तैनाती में बदलाव, और ट्रंप द्वारा ईरान पर तेज हमला करने की इच्छा.

ईरान में इस्लामिक शासन और आर्थिक कठिनाईयों के बीच व्यापक विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं. दो हज़ार से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और कई हजार गिरफ्तार हैं. सरकार ने प्रदर्शनकारियों को फांसी पर लटकाने की सजा दी है जिससे जनता में भय व्याप्त है. अमेरिका ने ईरान को सख्त चेतावनी दी है और लगभग पचास टारगेट्स पर एयर स्ट्राइक की तैयारी कर रहा है. ईरान की मौजूदा स्थिति चिंताजनक है और भारत समेत कई देशों ने अपने नागरिकों को सुरक्षा हेतु सलाह जारी की है.

लंदन में पाकिस्तानी ग्रूमिंग गैंग ने एक नाबालिग सिख लड़की का यौन शोषण किया. घटना का पता लगते ही सिख समुदाय भड़क उठा. अब लंदन की सड़कों पर उनका प्रोटेस्ट जारी है. लंदन समेत पूरे ब्रिटेन में सिखों की अच्छी-खासी आबादी है. सामाजिक-आर्थिक तौर पर भी यह समुदाय औसत ब्रिटिश नागरिकों से बेहतर स्थिति में है. फिर कनाडा की बजाए ये देश उतना लोकप्रिय क्यों नहीं?

ऑस्ट्रेलिया के सिडनी शहर में बीच पर जश्न मना रहें यहूदियों पर दो हमलावरों ने जबरदस्त फायरिंग की. इस हमले में कई लोगों की मौत की जानकारी है वहीं कई घायल है. ऑस्ट्रेलिया पुलिस ने इस हमले को आतंकी हमला घोषित किया. हमले के दौरान बॉन्डी बीच पर इंग्लैंड के पूरिव क्रिकेटर माइकल वॉन समेत 2 हजार लोग मौजूद थे.

ईरान में हो रहे विरोध प्रदर्शनों में प्रदर्शनकारी खामनेई के खिलाफ अपनी आवाज उठा रहे हैं. वे लगातार शाह शासन को लौटाने की मांग कर रहे हैं. कई प्रदर्शनकारी शाह के शासनकाल वाले राष्ट्रीय ध्वज को लहराते नजर आए हैं. इस बीच ईरान की सत्ता ने प्रदर्शन में शामिल लोगों के खिलाफ सजा देने का सिलसिला शुरू करने की ठान ली है. जिसे लेकर ट्रंप ने चेतावनी दी है.

2023 में कनाडा के इतिहास की सबसे बड़ी सोने की चोरी का मामला अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में आ गया है. लगभग 165 करोड़ रुपये की चोरी में मुख्य आरोपी प्रीत पनेसर, जो एयर कनाडा में मैनेजर था, पर सोने से भरे कंटेनरों को एयर कार्गो सिस्टम के जरिए चोरी करने का आरोप है. कनाडा ने भारत से पनेसर के प्रत्यर्पण की आधिकारिक मांग की है, जबकि दो आरोपी अभी फरार हैं.







