
चीन ने मुंबई हमले के दोषी साजिद मीर को ब्लैक लिस्ट करने के प्रस्ताव पर लगाई रोक
AajTak
साजिद मीर भारत के सबसे अधिक वांछित आतंकवादियों में से एक है. और 2008 में मुंबई में हुए हमले का मुख्य साजिशकर्ता भी है. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1267 अल-कायदा प्रतिबंध समिति के अंतर्गत साजिद को वैश्विक आतंकवादी घोषित किया जाना था और उसे ब्लैक लिस्ट में डाला जाना था.
चीन ने मुंबई 26/11 हमले के दोषी और लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी साजिद मीर को ब्लैक लिस्ट करने के संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव पर रोक लगा दी है. इस प्रस्ताव का भारत ने भी समर्थन किया था. दरअसल, साजिद मीर भारत के सबसे अधिक वांछित आतंकवादियों में से एक है. और 2008 में मुंबई में हुए हमले का मुख्य साजिशकर्ता भी है.
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1267 अल-कायदा प्रतिबंध समिति के अंतर्गत साजिद को वैश्विक आतंकवादी घोषित किया जाना था और उसे ब्लैक लिस्ट में डाला जाना था. अमेरिका की तरफ से ये प्रस्ताव लाया गया था, लेकिन चीन ने गुरुवार को इस पर रोक लगा दी.
जानकारी के मुताबिक अमेरिकी एजेंसी एफबीआई पहले ही मीर 'मोस्ट वांटेड' आतंकी घोषित कर चुकी है. एफबीआई ने मीर की गिरफ्तारी और दोषसिद्धि के लिए सूचना देने वाले के लिए $5 मिलियन तक का इनाम रखा है.
गौरतलब है कि पिछले महीने ही चीन ने जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) प्रमुख मसूद अजहर के भाई अब्दुल रऊफ अजहर को भी ब्लैक लिस्ट में डालने के लिए संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका और भारत के प्रस्ताव पर रोक लगा दी थी.

क्या गाजा पट्टी की आड़ में UN को किनारे करने की तैयारी में हैं Trump, क्यों 'पीस बोर्ड' पर मचा बवाल?
पिछले साल के आखिरी महीनों में डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा में चल रही हमास और इजरायल की जंग को खत्म करने के लिए प्लान दिया. बीस-सूत्रीय योजना में बोर्ड ऑफ पीस बनाने का भी प्रस्ताव था. ये बोर्ड गाजा पट्टी को दोबारा बसाने और वहां सरकार बनाने पर काम करेगा. इसकी स्थायी सदस्यता के लिए मोटी रकम चुकानी होगी, वो भी नकद में.

कराची के गुल प्लाजा शॉपिंग मॉल में शनिवार रात लगी भीषण आग पर रविवार रात 10 बजे के बाद काबू पा लिया गया है. सिंध के मुख्यमंत्री मुराद अली शाह ने इस दुखद घटना में एक दमकलकर्मी सहित 6 लोगों की मौत की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि राहत और बचाव कार्य के बीच 50 से 60 लोग लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश की जा रही है.

दुनिया में युद्ध का शोर बढ़ रहा है और शांति कमजोर पड़ रही है. अमेरिका ईरान को लेकर सख्त है जबकि ग्रीनलैंड को लेकर अपनी ताकत दिखा रहा है. रूस और यूक्रेन की जंग सालों से जारी है और यूरोप में न्यूक्लियर खतरे की बातें हो रही हैं. एशिया में इस्लामिक नाटो का गठन हो रहा है, जो क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए नई चुनौती बन सकता है. ग्रीनलैंड की भू-राजनीति अब वैश्विक शक्ति संघर्ष का केंद्र बन चुकी है जहां अमेरिका, चीन और रूस अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं. भारत सहित पूरे विश्व पर इन घटनाओं का गहरा प्रभाव पड़ रहा है.

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूरोप के आठ देशों पर टैरिफ लगाने की घोषणा की है. ये देश ग्रीनलैंड पर अमेरिका के कब्जे की धमकी का विरोध कर रहे हैं. अमेरिका और यूरोप के बीच ग्रीनलैंड को लेकर तनाव बढ़ गया है. मिनियापोलिस में अमेरिकी एजेंट की गोलीबारी के बाद प्रदर्शन जोर पकड़ रहे हैं. सीरिया में अमेरिकी सेना की कार्रवाई में एक प्रमुख आतंकवादी मारा गया. ईरान के सर्वोच्च नेता ने अमेरिका को देश में फैली अशांति का जिम्मेदार बताया. ट्रंप का गाजा पीस प्लान दूसरे चरण में पहुंचा है। जेपी मॉर्गन के सीईओ ने कहा कि उन्हें फेडरल रिजर्व चेयर बनने का कोई प्रस्ताव नहीं मिला. वेनेजुएला में अमेरिकी सैनिकों पर हमले के खिलाफ क्यूबा में बड़ा विरोध प्रदर्शन हुआ.









