
चीन के बाद रूस का तालिबान को सपोर्ट, पुतिन ने कही ये बात
AajTak
अफगानिस्तान में तालिबान की वापसी के साथ ही कई देश ऐसे हैं जो तालिबानी सरकार को मान्यता नहीं दे रहे हैं वही कुछ देशों ने तालिबान के साथ बेहतर संबंधों की तरफ कदम बढ़ा दिए हैं. चीन और पाकिस्तान के बाद अब रूस भी तालिबान से सकारात्मक रिश्तों की पहल कर चुका है. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने हाल ही में कहा है कि रूस को तालिबान के साथ मिलकर काम करना होगा. पुतिन ने चीन और रूस के नेतृत्व वाले सुरक्षा ब्लॉक, शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक में ये बात कही है.
अफगानिस्तान में तालिबान की वापसी के साथ ही कई देश ऐसे हैं जो तालिबानी सरकार को मान्यता नहीं दे रहे हैं वही कुछ देशों ने तालिबान के साथ बेहतर संबंधों की तरफ कदम बढ़ा दिए हैं. चीन और पाकिस्तान के बाद अब रूस भी तालिबान से सकारात्मक रिश्तों की पहल कर चुका है. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने हाल ही में कहा है कि रूस को तालिबान के साथ मिलकर काम करना होगा. पुतिन ने चीन और रूस के नेतृत्व वाले सुरक्षा ब्लॉक, शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक में ये बात कही है.

वॉशिंगटन में शांति परिषद की पहली बैठक में गाजा पट्टी की वर्तमान स्थिति और क्षेत्रीय स्थिरता पर गहन चर्चा हुई. बैठक में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका को मजबूत करने पर जोर दिया गया और निर्णय लिया गया कि गाजा में शांति बनाए रखने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल तैनात किया जाएगा. इस बल में इंडोनेशिया, मोरक्को, कजाकिस्तान, कोसोवो और अल्बानिया जैसे पांच देश अपने सैनिक भेजेंगे. देखें वीडियो.

आज सबसे पहले आपको उस रिपोर्ट के बारे में बताएंगे, जिसके मुताबिक अमेरिका ने ईरान पर हमले की तारीख मुकर्रर कर दी है. और ये हमला इस हफ्ते के आखिर तक हो सकता है. ट्रंप ने ईरान को धमकी देते हुए कहा है कि ईरान नहीं माना तो हमला होगा. रमज़ान का महीना शुरू हो गया है और ये मुसलमानों के लिए पाक महीना माना जाता है. ऐसे में सवाल उठता है कि अगर अमेरिका ने ईरान पर रमजान के महीने में हमला किया तो मुस्लिम देश क्या करेंगे?











