
चीन की गतिविधियों पर अमेरिका को शक, बोला- ये शांति और स्थिरता के विपरीत
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ताइवान और चीन के बीच में तनातनी का दौर जारी है. इस बीच अमेरिका की तरफ से एक बड़ा बयान सामने आया है. अमेरिका ने चीन पर ताइवान को भड़काने का आरोप लगा दिया है. यहां तक कहा गया है कि उसके एक्शन शांति और स्थिरता के विपरीत दिखते हैं.
अमेरिकी संसद की स्पीकर नैंसी पेलोसी के ताइवान दौर के बाद से ही चीन की आक्रमकता काफी बढ़ चुकी है. स्थिति इस समय विस्फोटक चल रही है जहां पर लगातार सैन्य अभ्यास हो रहा है, धमकियां दी जा रही हैं और गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी भी सामने आ रही है. इस सब की वजह से अमेरिका और चीन के बीच जारी तनाव में भी बढ़ोतरी हो चुकी है. अब व्हाइट हाउस के एक और बयान ने इस बात की पुष्टि कर दी है.
राष्ट्रपति के उप सहायक Kurt Campbell ने दो टूक कह दिया है कि चीन की वर्तमान गतिविधियां शांति और स्थिरता के विपरीत दिखाई देती हैं. जारी बयान में कहा गया है कि चीन के तमाम एक्शन असल में शांति और स्थिरता के उदेश्यों को कमजोर करते हैं. ये सब कुछ सिर्फ ताइवान पर दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है. हमे लगता है कि ये तनाव आने वाले कुछ महीनों तक चल सकता है. चीन का उदेश्य स्पष्ट दिख रहा है- वो ताइवान को सिर्फ डरा रहा है, कोई कदम उठाने के लिए मजबूर करने की कोशिश कर रहा है.
अब एक तरफ अमेरिका ने चीन की गतिविधियों पर संदेह व्यक्त किया है, तो इस तनावपूर्ण माहौल में एक बार फिर ताइवान की पूरी मदद करने का आश्वासन दिया है. साफ कर दिया गया है कि जो भी अमेरिका के दायित्व हैं, उन्हें हर कीमत पर पूरा किया जाएगा. इस बारे में Kurt Campbell कहते हैं कि शांति बनाए रखने के लिए अमेरिका लगातार कदम उठाता रहेगा. लेकिन हम कोई भी फैसला जल्दबाजी में नहीं लेने वाले हैं. धैर्य के साथ काम लिया जाएगा और समय की नजाकत देखते हुए फैसले होंगे. इस बात पर भी जोर दिया गया है कि आने वाले समय में भी अमेरिका उन क्षेत्रों में जरूर उड़ान भरेगा, सेल करेगा जहां तक अंतरराष्ट्रीय नियम उसे मंजूरी देते हैं.
अमेरिका को चीन की तरफ से ये संदेश भी दे दिया गया है कि कई दूसरे ऐसे देश हैं जो आज भी शांति और स्थिरता की पैरवी करते हैं. वे साथ मिलकर शांति स्थापित करना चाहते हैं. अब अमेरिका के ये बयान इसलिए मायने रखते हैं क्योंकि जब से नैंसी पेलोसी का ताइवान दौरा हुआ है, कई जानकार अमेरिका की भूमिका पर भी सवाल उठा रहे हैं. उस पर ताइवान को भड़काने का आरोप लग रहा है. लेकिन उन अटकलों के बीच व्हाइट हाउस ने साफ कर दिया है कि उसकी ताइवान के प्रति कुछ जिम्मेदारियां हैं जिन्हें हर कीमत पर पूरा किया जाएगा.

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