
घूंघट किया और नाचने लगी महिलाएं, Delhi Metro मेट्रो में जमकर गाए गाने- VIDEO वायरल
AajTak
बेशक दिल्ली मेट्रो बीते करीब 20 साल से शहर की लाइफलाइन बन गई है और लोगों के लिए ट्रैवल करने का सबसे सुविधाजनक साधन है. लेकिन बीते कुछ वक्त से ये अजीब कारणों के चलते खबरों में बनी रहती है.
दिल्ली मेट्रो हमेशा ही चर्चा में बनी रहती है. कभी लोग सीट को लेकर आपस में झगड़ने लगते हैं, तो कभी रील बनाकर अन्य यात्रियों को परेशानी में डाल देते हैं. कुछ ऐसा ही इस बार भी हुआ. मेट्रो में कुछ महिलाओं ने जमकर नाच गाना किया. इस दौरान उन्होंने घूंघट से अपना चेहरा ढका हुआ था. बेशक दिल्ली मेट्रो बीते करीब 20 साल से शहर की लाइफलाइन बन गई है और लोगों के लिए ट्रैवल करने का सबसे सुविधाजनक साधन है. लेकिन बीते कुछ वक्त से ये अजीब कारणों के चलते खबरों में बनी रहती है.
वहीं इस वीडियो की बात करें, तो इसे सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म इंस्टाग्राम पर Sakshi singh नाम के अकाउंट से शेयर किया गया है. इसमें कुछ महिलाओं को पारंपरिक गानों को गाते और डांस करते हुए देखा जा सकता है. वायरल वीडियो में आप देख सकते हैं कि तीन महिलाएं खूब नाच रही हैं. तभी इनमें से एक महिला नीचे बैठी महिला को भी नाचने के लिए कहती है. जबकि कुछ महिलाएं बैठकर ताली बजाते और गाना गाते हुए दिखती हैं. मेट्रो में बैठे अन्य यात्री इन्हें ऐसा करते हुए देख रहे होते हैं.
वीडियो को इंस्टाग्राम पर कुछ दिन पहले शेयर किया गया था. इसे अभी तक 5.6 मिलियन से अधिक व्यूज मिल गए हैं. जबकि इसे 2 लाख से अधिक लोगों ने लाइक किया है. लोग पोस्ट पर कमेंट करते हुए अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं. एक यूजर ने कहा, 'यह कुछ ओवर कॉन्फिडेंट मेट्रो डांसर्स से बेहतर है.' एक अन्य यूजर ने लिखा, 'खैर, यह थोड़ा परेशना करने वाला है, लेकिन कम से कम उन सभी गंदगी से बेहतर है, जो हमने पिछले वर्षों में देखी है.'
वहीं तीसरे यूजर का कहना है, 'ये क्या है. मैं झगड़ा शुरू कर देता, ये बहुत परेशान करने वाला है, कल्पना कीजिए कि आपकी परीक्षा है और ये आंटियां सबको परेशान कर रही हैं.' वहीं चौथे यूजर ने लिखा, 'दूल्हा और दुल्हन कहां हैं? मेट्रो के अंदर ये किसका लेडीज संगीत हो रहा है?'

आज पूरी दुनिया LNG पर निर्भर है. खासकर भारत जैसे देश, जहां घरेलू गैस प्रोडक्शन कम है, वहां LNG आयात बेहद जरूरी है. लेकिन जैसे ही युद्ध या हमला होता है, सप्लाई चेन टूट जाती है और गैस की कीमतें तेजी से बढ़ जाती हैं. कतर जैसे देशों से निकलकर हजारों किलोमीटर दूर पहुंचने तक यह गैस कई तकनीकी प्रोसेस और जोखिम भरे रास्तों से गुजरती है.












