
‘घर पर हमला, मारपीट, महिलाओं को वर्क फ्रॉम होम’, अफगानी पत्रकारों ने खोली तालिबान की पोल
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अफगानिस्तान के अलग-अलग इलाकों में पत्रकारों (Journalists) को पीटा जा रहा है, किसी के घर पर हमला किया जा रहा है और किसी को सिर्फ काम से इसलिए वापस लौटा दिया जा रहा है क्योंकि वह महिला है.
अफगानिस्तान (Afghanistan) पर कब्जा जमाने के बाद तालिबान (Taliban) ने जब अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस की, तब उसने सभी को आजादी से काम करने देने का वादा किया और साथ ही महिलाओं को भी काम करने की छूट देने की बात कही. लेकिन अब जब तालिबानी कब्जे को कुछ वक्त हो गया है, तब तालिबान की कथनी और करनी में फर्क दिखने लगा है. अफगानिस्तान के अलग-अलग इलाकों में पत्रकारों (Journalists) को पीटा जा रहा है, किसी के घर पर हमला किया जा रहा है और किसी को सिर्फ काम से इसलिए वापस लौटा दिया जा रहा है क्योंकि वह महिला है. अफगानिस्तान के पत्रकारों ने तालिबानी शासन की पोल खोलकर रख दी है.
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