
गोदी, शीशमहल और इमरजेंसी...जब अमित शाह के भाषण के दौरान गर्माया संसद का माहौल
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दिल्ली सर्विस बिल पर चर्चा के दौरान सोमवार को राज्यसभा का सत्र हंगामेदार बना रहा. बिल पर चर्चा के बाद जब केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह बिंदुवार जवाब देने लगे तो उनके भाषण के दौरान काफी हंगामा हुआ. उनके शब्दों पर भी हंगामा खड़ा हुआ. कई बार स्थिति ऐसी हुई कि सभापति उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ को हस्तक्षेप करना पड़ा.
दिल्ली सर्विस बिल पर चर्चा के दौरान राज्यसभा का सत्र हंगामेदार रहा. सोमवार शाम को बिल पर चर्चा के बाद केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह सदन के सदस्यों द्वारा उठाए गए सवालों पर जवाबी भाषण दे रहे थे. अमित शाह का भाषण जैसे-जैसे उठान पर पहुंचता गया सदन में हंगामे का मीटर भी ऊपर उठता रहा. एक समय ऐसा आया जब राज्यसभा में सभापति उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ को खड़े होकर हंगामा कर रहे सांसदों को शांत होने के लिए कहना पड़ा.
इस दौरान गृहमंत्री अमित शाह आम आदमी पार्टी पर तीखे तंज कसे और सीएम अरविंद केजरीवाल को 'शीशमहल' और शराब घोटाले पर घेर लिया. अमित शाह ने इस दौरान पार्टी के प्रचार में हुआ घोटाले और विजिलेंस विभाग की उन तमाम फाइलों का जिक्र किया, जिनमें आम आदमी पार्टी घिरती रही है.
कांग्रेस पर तंज, आप की 'गोदी' में जा बैठे अमित शाह ने अपने भाषण में कांग्रेस को भी खूब घेरा. उन्होंने इमरजेंसी के दौर का जिक्र करते हुए कहा कि, 'यह बिल किसी पीएम को बचाने के लिए नहीं है. अमित शाह ने हंगामे के बीच कहा कि कांग्रेस को लोकतंत्र पर बोलने का हक नहीं है. आज AAP की गोद में बैठी कांग्रेस यह बिल पहले लेकर आई थी.'
इमरजेंसी के जिक्र पर भी मचा शोर शाह ने यह भी कहा कि 'जब यह बिल पर चर्चा कर रहे थे, तो मुझे डेमोक्रेसी समझा रहे थे तो अब मैं उनको समझा रहा हूं कि डेमोक्रेसी क्या है. इमरजेंसी में 3 लाख से ज्यादा राजनीतिक दल के नेताओं को जेल में डाल दिया गया था. सारे अखबारों को सेंसर में डाल दिया गया था.'
सीएम केजरीवाल पर हेराफेरी का आरोप, शीशमहल बोलते ही मचा हंगामा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने AAP पर हमला बोलते हुए कहा कि शराब घोटाले का भी जिक्र किया. जैसे ही उन्होंने इसे अपने भाषण का हिस्सा बनाना शुरू किया, तुरंत ही सदन में विरोधी पार्टी के सुर हमलावर हो गए और हंगामा शुरू हो गया. ठीक इसके बाद 'शीशमहल' शब्द बोलते ही यह हंगामा और तेज हो गया. शाह ने केजरीवाल के आवास को लेकर 'शीशमहल' शब्द का इस्तेमाल किया था. हंगामें पर अमित शाह ने कहा कि शीशमहल में असंसदीय कुछ भी नहीं है. शाह ने अपने बयान से AAP पर हमला बोलते हुए कहा कि इनका उद्देश्य विजिलेंस विभाग में तबादले कराना है. शाह ने कहा कि आधी रात में AAP के नेताओं ने विजिलेंस विभाग में जाकर कागजों को इधर-उधर किया.
विजिलेंस विभाग को लेकर भी AAP पर कसा तंज अमित शाह ने कहा कि जिस विजिलेंस को निशाना बनाया गया, उसी विजिलेंस के पास मुख्यमंत्री के बंगले की फाइल थी, जिसमें 6 गुना ज्यादा खर्च हुआ. इनके पास इंटेलिजेंस यूनिट नहीं है पर इन्होंने फीडबैक यूनिट बनाया. जिसकी जांच और जानकारी इकट्ठा करने इसकी जांच भी विजिलेंस के पास है. अगर यह ना करते तो सारे घोटालों की फाइल को गुम करने का विजिलेंस जांच करना पड़ता. आधी रात को जो फाइल इधर-उधर करने की कोशिश हुई, यह भी इमरजेंसी थी. शाह ने कहा कि इसीलिए ऑर्डिनेंस लाना पड़ा जो कि संविधान सम्मत है. अमित शाह ने पूछा, इसमें गैर संवैधानिक क्या है? उनकी इस टिप्पणी पर भी सदन में विपक्षी सांसदों ने काफी शोर मचाया.

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