
गुरुग्राम: मनी लॉन्ड्रिंग के नाम पर महिला से 20 लाख की ठगी, मुंबई पुलिस के अधिकारी बनकर किया था कॉल
AajTak
गुरुग्राम में एक महिला से 20 लाख रुपये की ठगी का मामला सामना आया है. मुंबई पुलिस के अधिकारी बनकर जालसाजों ने इस वारदात को अंजाम दिया. साइबर क्राइम ने केस दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू कर दी है.
दिल्ली से सटे गुरुग्राम में जालसाजों ने पुलिस अधिकारी बनकर महिला से 20 लाख रुपये की ठगी कर ली. अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि सेक्टर-43 की रहने वाली पीड़िता से मनी लॉन्ड्रिंग के नाम पर ठगी की गई. इसकी शुरुआत कूरियर कंपनी से होने का दावा करने वाले शख्स के कॉल से हुई थी.
कूरियर कंपनी से फोन करने वाले शख्स ने महिला को बताया कि कस्टम विभाग ने उसका एक पार्सल जब्त कर लिया था क्योंकि इसमें अवैध सामान था. उसने महिला को यह भी बताया कि उसकी कॉल मुंबई पुलिस को ट्रांसफर कर दी जाएगी. उसके बाद महिला के पास जो कॉल आई, उन्होंने खुद को मुंबई पुलिस की साइबर क्राइम यूनिट से डीसीपी बालसिंग राजपूत और इंस्पेक्टर अजय बंसल होने का दावा किया.
दोनों ने दावा किया कि पीड़िता के आधार का इस्तेमाल मुंबई में उसके तीन बैंक खातों से कई आपराधिक लेनदेन और मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में किया गया था. जब महिला ने कहा कि उसका मुंबई में कोई खाता नहीं है तो दोनों ने पीड़िता से अपने खातों को सत्यापित करने के लिए लेनदेन करने के लिए कहा.
छह ट्रांजेक्शन में 20 लाख से ज्यादा रुपये ट्रांसफर
पीड़िता ने अपनी पुलिस शिकायत में कहा, "उन्होंने मुझे 4,99,999 रुपये ट्रांसफर करने के लिए कहा और कहा कि वित्तीय जांच शुरू करने के लिए यह एक गुप्त कोड है." पैसे ट्रांसफर करने के बाद, दोनों ने पीड़िता को वित्तीय जांच करने के लिए "सिक्योरिटी डिपॉजिट" के रूप में और पैसे ट्रांसफर करने के लिए कहा. महिला ने बताया कि मैंने छह लेनदेन में 20,37,194 रुपये ट्रांसफर किए.
पुलिस ने दर्ज किया केस

सरकार ने राज्यसभा में बताया कि निजाम के 173 बहुमूल्य गहने 1995 से भारतीय रिजर्व बैंक के वॉल्ट में कड़ी सुरक्षा में रखे गए हैं. संस्कृति मंत्रालय ने इनके ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और विरासत महत्व को स्वीकार किया है. केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने स्पष्ट किया कि फिलहाल इन गहनों को हैदराबाद में स्थायी सार्वजनिक प्रदर्शनी के लिए स्थानांतरित करने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है.

Delhi Weather: दिल्ली में फरवरी की शुरुआत मौसम में बदलाव के साथ होगी. जिसमें हल्की बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर देखने को मिलेगा. IMD के अनुसार, 31 जनवरी से 3 फरवरी तक न्यूनतम तापमान 6-8 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 19-21 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा. जनवरी में असामान्य बारिश के बाद फरवरी की शुरुआत भी ठंडी और गीली रहने की संभावना है.

जम्मू-कश्मीर से लेकर हिमाचल प्रदेश तक पहाड़ों पर भारी बर्फबारी हो रही है और दृश्य अत्यंत सुंदर हैं. इस बर्फबारी के कारण कई पर्यटक इन जगहों की ओर जा रहे हैं. रास्तों पर भारी भीड़ और जाम की स्थिति बन गई है क्योंकि कई मार्ग बंद हो गए हैं. श्रीनगर में सुबह से लगातार बर्फबारी हो रही है जिससे मौसम में बदलाव आया है और तापमान गिरा है. पुलवामा, कुलगाम, शोपियां, गुरेज सहित अन्य क्षेत्र भी इस मौसम से प्रभावित हैं.

अमेरिका का ट्रंप प्रशासन इस महीने ‘ट्रंपआरएक्स’ नाम की एक सरकारी वेबसाइट लॉन्च करने की तैयारी में है, जिसके जरिए मरीज दवा कंपनियों से सीधे रियायती दरों पर दवाएं खरीद सकेंगे. सरकार का दावा है कि इससे लोगों का दवा खर्च कम होगा. हालांकि इस योजना को लेकर डेमोक्रेट सांसदों ने गलत तरीके से दवाएं लिखे जाने, हितों के टकराव और इलाज की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं.

आज सबसे पहले दस्तक देने जा रहे हैं, पंजाब में ध्वस्त होते लॉ एंड ऑर्डर पर, पंजाब में बढ़ते, गैंग्स्टर्स, गैंगवॉर और गन कल्चर पर. जी हां पंजाब में इस वक्त एक दर्जन से ज़्यादा गैंग्स सरेआम कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ा रहे हैं, कानून के रखवालों के दफ्तरों के सामने हत्याओं को अंजाम दे रहे हैं, और तो और बिना डरे, पंजाब पुलिस, पंजाब सरकार को, पंजाब के नेताओं, मंत्रियों, उनके बच्चों, उनके रिश्तेदारों को धमकियां दे रहे हैं. देखें दस्तक.

देहरादून के विकासनगर इलाके में दुकानदार द्वारा दो कश्मीरी भाइयों पर हमला करने का मामला सामने आया है. खरीदारी को लेकर हुए विवाद के बाद दुकानदार ने मारपीट की, जिसमें 17 साल के नाबालिग के सिर में चोट आई. दोनों भाइयों की हालत स्थिर बताई जा रही है. पुलिस ने आरोपी दुकानदार संजय यादव को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है.

जिस मुद्दे पर नियम बनाकर UGC ने चुप्पी साध ली, राजनीतिक दल सन्नाटे में चले गए, नेताओं ने मौन धारण कर लिया.... रैली, भाषण, संबोधनों और मीडिया बाइट्स में सधे हुए और बंधे हुए शब्द बोले जाने लगे या मुंह पर उंगली रख ली गई. आखिरकार उन UGC नियमों पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़े सवाल पूछते हुए इन्हें भेदभावपूर्ण और अस्पष्ट मानते हुए इन नियमों पर अस्थाई रोक लगा दी. आज हमारा सवाल ये है कि क्या इन नियमों में जो बात सुप्रीम कोर्ट को नजर आई... क्या वो जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों को दिखाई नहीं दी?






