
गुजरात: सिरप पीने से 5 लोगों की मौत मामला, कोर्ट ने आरोपियों को 10 दिन की रिमांड पर भेजा
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गुजरात के खेड़ा जिले में मेथनॉल युक्त एक आयुर्वेदिक सिरप की संदिग्ध खपत के कारण इन लोगों की मौत हो गई थी. शिकायत के आधार पर पुलिस ने दो किराना विक्रेताओं सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया. पुलिस के मुताबिक दुकानदारों ने कम से कम 50 लोगों को सिरप की बोतलें बेची थीं. पुलिस ने जांच के लिए एसआईटी गठित की है.
गुजरात के खेड़ा जिले में आयुर्वेदिक सिरप पीने से पांच लोगों की संदिग्ध मौत मामले में तीनों आरोपियों को 10 दिन की रिमांड पर भेज दिया गया है. शनिवार को नडियाद कोर्ट ने दुकानदार समेत तीन लोगों की 10 दिन की पुलिस रिमांड मंजूर कर दी है. एसआईटी ने तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर 14 दिन की रिमांड मांगी थी.
दरअसल, खेड़ा जिले में मेथनॉल युक्त एक आयुर्वेदिक सिरप की संदिग्ध खपत के कारण इन लोगों की मौत हो गई थी. शिकायत के आधार पर पुलिस ने दो किराना विक्रेताओं सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया. पुलिस के मुताबिक दुकानदारों ने कम से कम 50 लोगों को सिरप की बोतलें बेची थीं. पुलिस ने जांच के लिए एसआईटी गठित की है.
खेड़ा जिले के पुलिस अधीक्षक राजेश गढ़िया ने बताया कि मामले की जांच के लिए नडियाद के पुलिस उपाधीक्षक के नेतृत्व में पांच सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है. हमने पीड़ितों को संदिग्ध सिरप बेचने वाले किराना स्टोर के मालिक किशोर सोढ़ा और उनके भाई ईश्वर सोढ़ा को गिरफ्तार कर लिया है. जब दोनों से पूछताछ की गई, तो उन्होंने योगेश सिंधी नाम के व्यक्ति की पहचान की, जिसने उन्हें सिरप की आपूर्ति की थी.
सिंधी ने नितिन कोटवानी और भावेश शेवकानी के नाम का खुलासा किया, जिनसे उसने दिवाली से पहले सिरप की बोतलें खरीदी थीं. उन्होंने कहा कि वडोदरा शहर के रहने वाले दोनों इस सिलसिले में वांछित हैं. चूंकि सिरप की बोतलों पर लोगों को गुमराह करने के लिए निर्माताओं और विपणक के डुप्लिकेट लेबल लगे थे, इसलिए पुलिस ने एफआईआर में भारतीय दंड संहिता के तहत जालसाजी से संबंधित एक धारा जोड़ दी है.

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