
गुजरात में कहर बरपा रही बारिश, अगले 5 दिन रहें सावधान! इन जिलों में भारी बरसात का अलर्ट
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अहमदाबाद मौसम विभाग के डायरेक्टर एके दास ने कहा, गुजरात पर मौजूदा स्थिति में लो प्रेशर, शियर जोन, मॉनसून ट्रफ और साइक्लोनिक सर्क्यूलेशन बना हुआ है, जो दो दिन यानी 5 सितंबर तक मध्य और दक्षिण गुजरात के जिलों में भारी बारिश लाएगा.
गुजरात में इस साल मॉनसून जमकर बरस रहा है. प्रदेश में अब तक सीजन की औसत बारिश 116 प्रतिशत से अधिक दर्ज हो चुकी है. अभी भी राज्य के अधिकांश जिलों में बारिश जारी है. इस बीच मौसम विभाग ने गुजरात में अगले 5 दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. मौजूदा स्थिति में बारिश के चार सिस्टम सक्रिय होने से कई जिलों में भारी से अत्यंत भारी बारिश का पूर्वानुमान है.
अहमदाबाद मौसम विभाग के डायरेक्टर एके दास ने कहा, गुजरात पर मौजूदा स्थिति में लो प्रेशर, शियर जोन, मॉनसून ट्रफ और साइक्लोनिक सर्क्यूलेशन बना हुआ है, जो दो दिन यानी 5 सितंबर तक मध्य और दक्षिण गुजरात के जिलों में भारी बारिश लाएगा. कल तक गुजरात पर ओफ़शोर ट्रफ भी मौजूद था लेकिन अब वो लेस मार्क में परिवर्तित हो चुका है. साथ ही में दक्षिण गुजरात में बन रहा डीप डिप्रेशन भी कमजोर होकर लो प्रेशर में तब्दील हुआ है. इस मौजूदा स्थिति में मछुवारों को समुद्र में नहीं जाने की चेतावनी भी दी गई है.
इन जिलों में बारिश का अलर्ट
यहां सबसे ज्यादा बारिश का कहर
बता दें कि दक्षिण गुजरात के लगभग सभी जिलों में बारिश जारी है. गांधीनगर स्थित स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर द्वारा जारी रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 24 घंटों के दौरान (कल तक) भरूच के वालिया तालुका में सबसे ज्यादा 12 इंच बारिश हुई है. वहीं, तापी के सोनगढ़ में 10 इंच से ज्यादा और व्यारा तालुक में 9 इंच से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है. डांग जिले में सबसे ज्यादा औसतन 6 इंच से ज्यादा बारिश हुई, जबकि पूरे तापी जिले में 5 इंच से ज्यादा बारिश दर्ज की गई.
3 सितंबर 2024 को सुबह 6 बजे तक राज्य में सीजन की कुल औसत बारिश 116 प्रतिशत से अधिक दर्ज की गई है. जिसमें कच्छ क्षेत्र में सबसे अधिक 179 प्रतिशत से अधिक बारिश उसके बाद सौराष्ट्र क्षेत्र में 125 प्रतिशत से अधिक और दक्षिण गुजरात क्षेत्र में 117 प्रतिशत से अधिक बारिश दर्ज की गई है. इसके अलावा, पूर्व-मध्य गुजरात में 113 प्रतिशत से अधिक बारिश, जबकि उत्तर गुजरात में अब तक सीजन की कुल औसत बारिश 95 प्रतिशत दर्ज हो चुकी है.

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