
गुजरात मंत्रिमंडल में होगा फेरबदल, 7-10 मंत्री होंगे बाहर! इन नए चेहरों को मिल सकती है जगह
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दीपावली से पहले गुजरात सरकार के मंत्रिमंडल में उलटफेर की सुगबुगाहट तेज हो गई है. दिल्ली में पीएम आवास पर बैठक के बाद मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा और संगठन महामंत्री रत्नाकर गुजरात लौट आए हैं. अब किसी भी दिन मंत्रिमंडल विस्तार हो सकता है.
दीपावली से ठीक पहले गुजरात सरकार के मंत्रिमंडल में बड़े उलटफेर की अटकलें जोर पकड़ रही हैं. गुजरात में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव से 2 साल पहले इस कदम सत्ताधारी भारतीय जतना पार्टी की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है. नई दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास पर सोमवार को हुई लंबी बैठक के बाद मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा और संगठन महामंत्री रत्नाकर मंगलवार दोपहर गुजरात लौटे.
सूत्रों की मानें तो गुजरात में मंत्रिमंडल विस्तार बहुत जल्द होगा, जिसमें वर्तमान 16 सदस्यीय कैबिनेट के ज्यादातर मंत्रियों को हटाया जा सकता है. नया मंत्रिमंडल 20 से अधिक सदस्यों वाला होगा. बता दें कि 2022 के गुजरात चुनाव में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत के बाद बने छोटे मंत्रिमंडल का विस्तार लंबे समय से लंबित है. राज्य के बीजेपी नेतृत्व की दिल्ली में हाईकमान के साथ हुई बैठक में मंत्रिमंडल विस्तार पर मुहर लग गई है.
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सूत्रों के मुताबिक वर्तमान 16 में से 7-10 मंत्रियों को ड्रॉप करने और 5-7 मंत्रियों को दोहराने की योजना है. नए मंत्रिमंडल में जिनकी जगह तय मानी जा रही है, उनमें स्वास्थ्य मंत्री ऋषिकेश पटेल, गृह मंत्री हर्ष संघवी, उद्योग मंत्री बलवंत सिंह राजपूत, शिक्षा राज्य मंत्री प्रफुल्ल पानसेरिया, जल आपूर्ति मंत्री कुंवरजी बावलिया और वन राज्य मंत्री मुकेश पटेल शामिल हैं. वहीं नए चेहरों में कांग्रेस से आए अर्जुन मोढवाड़िया, अल्पेश ठाकोर, सी.जे. चावड़ा और हार्दिक पटेल को मौका मिलने की संभावना है.
पूर्व मंत्रियों जीतू वाघाणी, शंकर चौधरी और जयेश रादड़िया की भी मंत्रिमंडल में वापसी हो सकती है. भारतीय जनता पार्टी का मानना है कि युवा और अनुभवी विधायकों के मिश्रण वाली संभावित नई कैबिनेट 2027 चुनाव की तैयारी को मजबूत करेगी. नए चेहरों से पुराने मंत्रियों के खिलाफ बने सत्ता विरोधी लहर को काटने की उम्मीद पार्टी कर रही है. अब सभी निगाहें मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल पर टिकी हैं कि फेरबदल कितना व्यापक होगा.

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